झूमें श्रोता: डा. जया शाही ने किया भोजपुरी लोकगीतों की मनमोहक प्रस्तुति
dil india live (Varanasi). वाराणसी के वसन्त कन्या महाविद्यालय, कमच्छा में 31.08.2026 को हिन्दी विभाग के पं. हरिराम द्विवेदी भोजपुरी भाषा एवं साहित्य शोध अध्ययनपीठ और काशी कला कस्तूरी वाराणसी के संयुक्त तत्वावधान में पं. हरिराम द्विवेदी के गीतों पर एकाग्र गीतांजलि समारोह का आयोजन किया गया। इस अवसर पर वसन्त महिला महाविद्यालय, राजघाट से मुख्य अतिथि कलाकार डाॅ. जया शाही द्वारा पं. हरिराम द्विवेदी के भोजपुरी लोकगीतों की मनमोहक प्रस्तुति की गयी।
कजरी ने किया रस माधुर्य का संचार
जया शाही के मधुर स्वरों में विदाई गीत, झूला गीत, सोहर एवं कजरी ने वातावरण में रस माधुर्य का संचार कर दिया। इस दौरान मौजूद श्रोता झूम उठें। आयोजन में अतिथियों का स्वागत करते हुए प्राचार्या प्रो. रचना श्रीवास्तव ने पं. हरिराम द्विवेदी के वैविध्यपूर्ण सृजनात्मकता को याद करते हुए उनको नमन किया। महाविद्यालय की प्रबंधक उमा भट्टाचार्या द्वारा सभी के लिए शुभ मंगल कामना संदेश प्रेषित किया गया। कार्यक्रम में औपचारिक धन्यवाद ज्ञापित करते हुए हिन्दी विभागाध्यक्ष एवं अध्ययनपीठ की महासचिव प्रो. आशा यादव ने पण्डित जी के रचना संसार के सौन्दर्य को व्याख्यायित किया। उन्होंने कहा कि पं. हरिराम द्विवेदी का व्यक्तिगत करूणा, प्रेम इत्यादि भाव उनकी रचनाओं में समष्टिगत होकर आयी है। यही समष्टि भाव उनके रचनात्मक व्यक्तित्व को अमर बना देती है।
आयोजन में इनकी रही खास मौजूदगी
इस आयोजन में पं. हरिराम द्विवेदी भोजपुरी भाषा एवं साहित्य शोध अध्ययनपीठ के अध्यक्ष अरूण कुमार द्विवेदी, उपाध्यक्ष, प्रो. सविता भारद्वाज एवं सांस्कृतिक प्रकोष्ठ की अध्यक्ष प्रो. मीनू पाठक, काशी कला कस्तूरी की अध्यक्ष डाॅ. शबनम खातून के अलावा डाॅ. सरिता लखोटिया, डाॅ. कुसुम मिश्रा (पूर्व प्राचार्या, वसन्त कन्या महाविद्यालय), डाॅ. बीना सिंह, डाॅ. स्वरवन्दना शर्मा, पिलग्रिम्स के पूर्व प्रकाशक रामानन्द तिवारी, गृह विज्ञान विभाग से प्रो. संगीता देवड़िया, प्रो. गरिमा उपाध्याय, प्रो. अंशु शुक्ला, संगीत गायन विभाग से प्रो. सीमा वर्मा, डाॅ. पूनम वर्मा, सौम्यकान्ति मुखर्जी, मनोविज्ञान विभाग से डॉ. शशिप्रभा, हिन्दी विभाग से प्रो. सपना भूषण, डाॅ. शुभांगी, डाॅ. प्रीति, राजलक्ष्मी उपस्थित रहीं। तबले पर अमित, हारमोनियम पर हर्षित ने संगत की तो संचालन राजलक्ष्मी ने किया।
जीवन के नए और सार्थक अध्याय की शुरुआत है सेवानिवृत्ति-महाप्रबंधक आशुतोष पंत
स्वास्थ्य, वित्तीय प्रबंधन, परिवार व सामाजिक सरोकारों से सदैव जुड़े रहें
F. Farouqi/ Ajeet Singh Rajput
dil india live (Varanasi). वाराणसी में बनारस रेल इंजन कारखाना (BLW Varanasi) में माह अगस्त 2026 में सेवानिवृत्त हुए दो अधिकारियों एवं दस कर्मचारियों के सम्मान में प्रशासन भवन स्थित कीर्ति कक्ष में बिदाई एवं सम्मान समारोह आयोजित किया गया। समारोह की अध्यक्षता महाप्रबंधक आशुतोष पंत ने की। इस अवसर पर उन्होंने सभी सेवानिवृत्त अधिकारी एवं कर्मचारियों का माल्यार्पण कर फोल्डर प्रदान करते हुए सम्मानित किया।
अपने उद्बोधन में महाप्रबंधक आशुतोष पंत ने कहा कि “सेवानिवृत्ति नौकरी से विदाई है, जीवन से नहीं, बल्कि जीवन के नए और सार्थक अध्याय की शुरुआत है।” उन्होंने सेवानिवृत्त कर्मियों को स्वस्थ, सुखी एवं शांतिपूर्ण जीवन की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि सेवानिवृत्ति के बाद स्वास्थ्य, शरीर की देखभाल, परिवार, वित्तीय प्रबंधन तथा सामाजिक सरोकारों पर विशेष ध्यान देना चाहिए। उन्होंने वाराणसी जैसे आध्यात्मिक एवं सांस्कृतिक शहर में जीवन बिताने को सौभाग्य बताते हुए आत्मचिंतन, सकारात्मक सोच, आध्यात्मिक चेतना एवं अच्छे कार्यों से जुड़े रहने का संदेश दिया, साथ ही जीवन में मिली उपलब्धियों और अवसरों के लिए ईश्वर के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने तथा सकारात्मक सोच के साथ जीवन के नए अध्याय की शुरुआत करने का संदेश दिया।
इस अवसर पर सेवानिवृत्त वरिष्ठ सुरक्षा आयुक्त संजय पीसे एवं सहायक वित्त सलाहकार रमा शंकर जायसवाल सहित अन्य सेवानिवृत्त कर्मियों ने अपने सेवाकाल के अनुभव, संस्मरण एवं प्रेरक प्रसंग साझा किए तथा बरेका को अपने जीवन का अभिन्न हिस्सा बताया। समारोह को संबोधित करते हुए प्रमुख मुख्य यांत्रिक इंजीनियर विवेक शील ने ध्यान, स्वाध्याय एवं आध्यात्मिक चेतना के माध्यम से जीवन को सार्थक बनाने पर जोर दिया। प्रमुख मुख्य विद्युत इंजीनियर मनीष कुमार ने सेवानिवृत्त कर्मियों के दीर्घ सेवाकाल एवं अनुभवों की सराहना की।
प्रमुख मुख्य कार्मिक अधिकारी श्री लालजी चौधरी ने सेवानिवृत्ति फोल्डर में उपलब्ध महत्वपूर्ण जानकारियों एवं सुविधाओं से अवगत कराया। मंडल चिकित्सा अधिकारी डॉ. अब्दुल माबूद ने नियमित स्वास्थ्य परीक्षण, व्यायाम, संतुलित आहार एवं शरीर की देखभाल को प्राथमिकता देने की सलाह दी। कर्मचारी परिषद के संयुक्त सचिव प्रदीप कुमार यादव ने सभी के सुखद एवं स्वस्थ भविष्य की मंगलकामना की।
भारतीय स्टेट बैंक, बरेका की मुख्य शाखा प्रबंधक रिचा त्रिपाठी एवं बैंक ऑफ बड़ौदा, बरेका के मुख्य शाखा प्रबंधक दिनेश कुमार ने वित्तीय प्रबंधन, निवेश, वित्तीय सुरक्षा एवं साइबर सिक्योरिटी के संबंध में महत्वपूर्ण जानकारी प्रदान की तथा सेवानिवृत्ति लाभों के विवेकपूर्ण प्रबंधन पर जोर दिया।
ये हुए अगस्त में रिटायर
माह अगस्त में सेवानिवृत्त होने वालों में संजय पीसे, रमा शंकर जायसवाल, विनोद कुमार सिंह, धर्मशीला देवी, राजाराम, देवानंद देव पाण्डेय, संजू सिन्हा, फूला देवी, शशि भूषण, नय्यर आजम, किरन देवी एवं शिवशंकर कुमार शामिल रहे।
इनकी रही खास मौजूदगी
समारोह में प्रधान वित्त सलाहकार मुक्तेश मित्तल, प्रमुख मुख्य सामग्री प्रबंधक आलोक अग्रवाल, प्रमुख मुख्य इंजीनियर राम जनम, महानिदेशक सह प्रधान मुख्य सुरक्षा आयुक्त देवराज कुमार मौर्य, प्रमुख मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. सुनील कुमार, मुख्य सतर्कता अधिकारी अंकुर चंद्रा, उप महाप्रबंधक सागर, जन संपर्क अधिकारी राजेश कुमार, सहायक कार्मिक अधिकारी, मुख्यालय राम प्रवेश यादव सहित कर्मचारी परिषद के सदस्य श्रीकांत यादव, नवीन कुमार सिन्हा, अमित कुमार एवं मनीष कुमार तथा बड़ी संख्या में परिजन एवं सहकर्मी उपस्थित रहे। कार्यक्रम का सुरुचिपूर्ण संचालन एवं धन्यवाद ज्ञापन उप मुख्य कार्मिक अधिकारी, मुख्यालय समीर पॉल ने किया।
चटनी रोटी ही क्यों न खाएं मगर अपने बच्चों को पढाएं-सदर काजी
dil india live (Varanasi). वाराणसी के पितरकुंडा में 30 अगस्त को इसरा (ISSRA) द्वारा संचालित D A CLASSES का भव्य उद्घाटन किया गया। इस मौके पर सदर काजी मौलाना हसीन अहमद हबीबी ने उद्घाटन करते हुए तालीम की जरूरत और उसकी अहमियत पर रौशनी डाली। कहा कि चटनी रोटी ही खाओ मगर अपने बच्चों को ज्यादा से ज्यादा आला से आला तालीम दो। तालीम के लिए इस्लाम में खास जोर दिया गया है। इसलिए दीनी और दुनियावी यानी माडर्न एजुकेशन जरुर अपने बच्चों को दें।
आयोजन मेें इसरा के जनरल सेक्रेटरी हाजी फारुख खां ने कहा कि कोचिंग में नर्सरी क्लास से 9वीं क्लास (CBSE, ICSE & UP BOARD) तक के बच्चों को शिक्षा दी जाएगी, साथ ही उर्दू व अरबी की विशेष क्लास भी चलेगी। उन्होंने कहा कि बड़ी संख्या में लोगों ने एंक्वायरी की है। उम्मीद है कोचिंग सेंटर का परिणाम सकारात्मक होगा।
'उज्जवल पाठशाला' का शुभारंभ, वंचित बच्चों को मिलेगी निःशुल्क शिक्षा
dil india live (Varanasi). वाराणसी, 30 August 2026 उज्जवल किरण जनकल्याण ट्रस्ट की पहल पर कंदवा स्थित अमरा खैरा नट बस्ती में रविवार को ‘उज्जवल पाठशाला’ का शुभारंभ किया गया। इस निःशुल्क शिक्षा केंद्र में बस्ती के बच्चों को शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ा जाएगा।
कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि लोक समिति के नंदलाल मास्टर, सौहार्द पीस सेंटर के फादर आनंद और ट्रस्ट के अध्यक्ष अरविंद कुमार ने दीप प्रज्वलित कर किया। संचालन अधिवक्ता अबू हाशमी ने किया।
पाठशाला की महत्वपूर्ण बातें
रविवार को शुरू हुई ‘उज्जवल पाठशाला’ बच्चों को Foundational Literacy and Numeracy (FLN) के तहत पढ़ने-लिखने और गणित का बुनियादी ज्ञान दिया जाएगा। जो बच्चे किसी वजह से स्कूल छोड़ चुके हैं, उन्हें फिर से स्कूल में दाखिला दिलाकर पढ़ाई जारी रखने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा। इसके लिए उनके पैरेंट्स से भी बातचीत और जरुरत पड़ने पर उनकी काउन्सलिंग की जाएगी।इस नेक पहल में WH Smith Memorial School की प्रिंसिपल डॉ. अनीता डे, रोटरी क्लब वाराणसी साउथ, L1 कोचिंग के शिक्षक ब्रिजेश व अम्बर और होप रील्स प्रोडक्शन का सहयोग रहेगा।
इस अवसर पर फादर आनंद ने महात्मा ज्योतिबा फुले एवं सावित्रीबाई फुले के शिक्षा और सामाजिक सुधार के क्षेत्र में किए गए योगदान पर प्रकाश डाला। उन्होंने बच्चों को उनके जीवन और संघर्ष से प्रेरणा लेकर नियमित रूप से शिक्षा प्राप्त करने तथा अपने भविष्य को बेहतर बनाने के लिए प्रेरित किया।कार्यक्रम को सफल बनाने में उज्जवल किरण जनकल्याण ट्रस्ट के सदस्यों एवं सामाजिक कार्यकर्ताओं का महत्वपूर्ण योगदान रहा। अधिवक्ता अबू हाशमी, मौसमी राय, अशोक कुमार, किरन देवी आदि उपस्थित रहे।
बुखार-खांसी को न करें नजरअंदाज, समय से लें चिकित्सकीय सलाह : सीएमओ
स्वाइन फ्लू की रोकथाम के लिए अस्पतालों में बेड व दवाओं की व्यवस्था, निगरानी के निर्देश
dil india live (Varanasi). वाराणसी में स्वाइन फ्लू (इन्फ्लुएंजा-ए/एच1एन1) की रोकथाम एवं जनसामान्य को बीमारी के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. एन.पी. सिंह ने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किया हैं। उन्होंने जनपद स्तरीय चिकित्सालयों के साथ-साथ सभी सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों पर आवश्यक बेड आरक्षित रखने तथा स्वाइन फ्लू के उपचार में प्रयुक्त आवश्यक औषधियों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।
सीएमओ ने कहा कि स्वाइन फ्लू एक संक्रामक श्वसन रोग है। संक्रमित व्यक्ति के खांसने, छींकने अथवा बोलने के दौरान निकलने वाली श्वसन बूंदों के संपर्क में आने से इसका संक्रमण फैल सकता है। इसलिए बीमारी के लक्षणों की समय से पहचान और उचित उपचार बेहद महत्वपूर्ण है।
आप भी जानिए क्या है स्वाइन फ्लू के लक्षण
स्वाइन फ्लू से संक्रमित व्यक्ति में सामान्यतः बुखार, खांसी, गले में खराश, नाक बहना या बंद होना, सिरदर्द, शरीर एवं मांसपेशियों में दर्द, अत्यधिक थकान एवं कमजोरी जैसे लक्षण दिखाई दे सकते हैं। कुछ मामलों में उल्टी अथवा दस्त की शिकायत भी हो सकती है। विशेष रूप से बुजुर्गों, छोटे बच्चों, गर्भवती महिलाओं तथा पहले से किसी गंभीर बीमारी से पीड़ित व्यक्तियों में लक्षण दिखाई देने पर तत्काल चिकित्सकीय परामर्श लेना आवश्यक है।
बचाव के लिए इन बातों का रखें ध्यान
• खांसते और छींकते समय नाक एवं मुंह को रूमाल या टिश्यू से ढकें।
• साबुन-पानी से नियमित रूप से हाथ धोएं अथवा हैंड सैनिटाइजर का प्रयोग करें।
• बुखार, खांसी अथवा अन्य श्वसन संबंधी लक्षण होने पर भीड़भाड़ वाले स्थानों पर जाने से बचें।
• संक्रमित अथवा बीमार व्यक्ति के संपर्क में आने से बचें।
• इस्तेमाल किए गए टिश्यू को खुले में न फेंकें।
• पर्याप्त आराम एवं तरल पदार्थ का सेवन करें।
• चिकित्सकीय परामर्श के बिना एंटीबायोटिक या अन्य दवाओं का सेवन न करें।
लक्षणयुक्त व्यक्तियों की सूचना पोर्टल पर होगी अपलोड
सीएमओ डॉ. एन.पी. सिंह ने सभी संबंधित अधिकारियों एवं स्वास्थ्य केन्द्र प्रभारियों को निर्देशित किया है कि स्वाइन फ्लू के लक्षणों से युक्त व्यक्तियों की समय से पहचान, चिकित्सकीय जांच, उपचार एवं आवश्यकतानुसार रेफरल की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। ऐसे चिन्हित व्यक्तियों से संबंधित आवश्यक जानकारी निर्धारित पोर्टल पर समय से अपलोड की जाए, ताकि जनपद स्तर पर बीमारी की निगरानी एवं प्रभावी नियंत्रण किया जा सके। उन्होंने स्वास्थ्य संस्थानों में आवश्यक औषधियों, जांच एवं उपचार संबंधी संसाधनों की उपलब्धता की नियमित समीक्षा करने के भी निर्देश दिए हैं।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने जनसामान्य से अपील की है कि स्वाइन फ्लू के लक्षण दिखाई देने पर घबराएं नहीं, बल्कि समय से चिकित्सकीय सलाह लें। बीमारी के संबंध में किसी भी प्रकार की अफवाह पर ध्यान न दें और चिकित्सक की सलाह के अनुसार ही उपचार कराएं। सावधानी, स्वच्छता और समय पर उपचार के माध्यम से स्वाइन फ्लू के संक्रमण को प्रभावी रूप से नियंत्रित किया जा सकता है।
डायट के वाराणसी में वरिष्ठ प्रवक्ता हैं क्षमा शंकर पांडेय
राष्ट्रीय शैक्षिक योजना एवं प्रशासन संस्थान देगा अवार्ड
dil india live (Varanasi). वाराणसी के लाल ने शिक्षा के क्षेत्र में कुछ ऐसा कमाल कर दिखाया है कि इस काम के लिए उसका नाम राष्ट्रीय पुरस्कार (National Award) विजेता की फेहरिस्त में शामिल हो गया है। जी हां शिक्षा के क्षेत्र में नवाचार के लिए वाराणसी डायट (DIET) के वरिष्ठ प्रवक्ता क्षमाशंकर पांडेय को राष्ट्रीय स्तर पर सम्मानित किया जाएगा।
दो सितंबर को दिल्ली में सम्मान
क्षमा शंकर पांडेय को यह सम्मान राष्ट्रीय शैक्षिक योजना एवं प्रशासन संस्थान (NIEPA), नई दिल्ली द्वारा 2-3 सितंबर 2026 को आयोजित राष्ट्रीय सम्मेलन एवं पुरस्कार वितरण समारोह में दिया जाएगा।
होम बेस्ड टाइम टेबल किया विकसित
क्षमा शंकर पांडेय द्वारा विकसित "होम बेस्ड टाइम टेबल (Learning at Home)" नवाचार को प्रयागराज के विकासखंड कौड़िहार के 119 विद्यालयों के लगभग 12,500 विद्यार्थियों पर लागू किया गया। इस पहल से बच्चों को घर पर नियमित और व्यवस्थित पढ़ाई का मौका मिला, जिससे उनकी शैक्षिक गुणवत्ता में बड़ा सुधार हुआ।
हम आपको बता दें कि उत्तर प्रदेश से बेहतर शैक्षिक प्रशासन एवं नवाचार के लिए चयनित 11 शिक्षा अधिकारियों में उनका नाम भी शामिल है। यह नवाचार ग्रामीण और वंचित क्षेत्रों के बच्चों के लिए वरदान साबित हुआ है। इस काम के लिए तमाम शिक्षकों और शिक्षा अधिकारियों के साथ ही दिल इंडिया लाइव भी उन्हें बधाई दे रहा है।
dil india live (Varanasi). URS Mubarak Varanasi Uttar Pradesh September 2026. वाराणसी में छावनी स्थित गंगा-जमुनी तहजीब और हिंदू-मुस्लिम कौमी एकता की मिसाल, हज़रत बाबा बहादुर शहीद रहमतुल्लाह अलैह का सालाना उर्स मुबारक 1 सितंबर व 2 सितंबर 2026 को बड़ी अकीदत से मनाया जाएगा। उर्स के दौरान बाबा के दर पर सभी मज़हब के लोगों का हुजूम उमड़ता है।
हज़रत बहादुर शहीद का उर्स का प्रोग्राम
हज़रत बहादुर शहीद का सालाना उर्स हिजरी की 18 व 19 रबिउल अव्वल को होने जा रहा है। उर्स कमेटी ने सभी जायरीन और अकीदतमंदों से शिरकत की गुजारिश का पोस्टर जारी किया है। इस क्रम में, 1 सितंबर 2026, बरोज़ मंगलवार जश्न ईद मिलादुन्नबी (सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम) और रात 2:30 बजे कुल शरीफ व सुबह लंगर का प्रोग्राम होगा।
2 सितंबर 2026, बरोज़ बुधवार बाद नमाज फज्र कुरआन ख्वानी, बाद नमाज मगरिब चादर गागर की रस्म अदायगी और बाद नमाज ईशा महफिले समां के तहत कव्वाली का शानदार प्रोग्राम होगा।
गद्दीनशीन बड़े सगीरउल्लाह खान व समीउल्लाह खान ने बताया कि जलसे में मौलाना शम्सुद्दीन साहब रज़वी और हज़रत अब्दुल कय्यूम की तकरीर होगी, नकीबुल हिंद कारी वसीम अकरम की निजामत और हफीज़ अहमद आजमी, निज़ाम बनारसी जैसे शायर अपने कलाम से हज़रत बहादुर शहीद को खिराजे अकीदत पेश करेंगे।
श्लोक अंत्याक्षरी में शिवेंद्र, संस्कृत गीत में रोहित रहे प्रथम
dil india live (Varanasi). वाराणसी के डीएवी पीजी कॉलेज के संस्कृत विभाग द्वारा गुरुवार को संस्कृत दिवस के अवसर पर विभिन्न प्रतियोगिता का आयोजन हुआ। स्त्रोत पाठ, संस्कृत भाषण, संस्कृत श्लोकान्त्याक्षरी एवं संस्कृत सामान्य ज्ञान प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। स्तोत्रपाठ एवं संस्कृत गीत प्रतियोगिता में रोहित दूबे प्रथम, वृषभानु तिवारी द्वितीय एवं अभय कुमार पाण्डेय तृतीय स्थान पर रहे। संस्कृत भाषण में जयन्त देव प्रथम, गोविंद राज ज्योतिषी द्वितीय एवं आशीष शुक्ला तृतीय स्थान पर रहे। संस्कृत सामान्य ज्ञान प्रतियोगिता में रोहित दुबे प्रथम, शिवेंद्र कुमार दूसरे एवं निर्जला तीसरें स्थान पर रही। संस्कृत श्लोकान्त्याक्षरी प्रतियोगिता में शिवेंद्र कुमार प्रथम, रोहित दुबे द्वितीय एवं आदर्श पाण्डेय तीसरें स्थान पर रहे।
इस मौके पर मुख्य अतिथि महाविद्यालय के का. प्राचार्य प्रो. मिश्रीलाल ने कहा कि संस्कृत भाषा और भारतीय संस्कृति दोनों एक दूसरे के पूरक है, इसमें हमेशा लोक कल्याण और विश्व कल्याण की कामना की गई है।
उन्होंने कहा कि यही वह भाषा है जिसमें मानव को मानव बनाने की तकनीक है, यह हमारे विचारों का शोधन करती है। संस्कृत भाषा वही है जो मानव के चरित्र और संस्कार को चमकाए। यह पुनः जनभाषा बने यही कामना है।
विशिष्ट अतिथि उप- प्राचार्या प्रो. संगीता जैन रही। विभागाध्यक्षा प्रो. पूनम सिंह ने स्वागत एवं डॉ. दीपक कुमार शर्मा ने धन्यवाद दिया। कार्यक्रम में डॉ. त्रिपुर सुन्दरी, डॉ. रंगनाथ, डॉ. अमित कुमार मिश्र निर्णायक मण्डल में रहे।
नन्हीं तुलिका से अभिव्यक्त कर काशी की ऐतिहासिक धरोहर Kidzee के नन्हें कलाकारों ने जीता दिल
dil india live (Varanasi) शिक्षा, धर्म और सांस्कृतिक राजधानी वाराणसी अपने आप में अनूठी है। यहां पग पग पर केवल मंदिर, मस्जिद ही नहीं कला और संस्कृति के रंग भी स्वत दिखाई देते हैं। कुछ ऐसी ही कला संस्कृति की मिसाल हमें देखने को मिली Kauri Exhibition Hall (कला दीर्घा) में। Kauri चौकाघाट में Kidzee Elementary School, Nadesar Branch के नन्हे मुन्ने बच्चों की पिछले दिनों प्रेरणादायक कला प्रदर्शनी और कल्चरल प्रोग्राम आयोजित किया गया था। प्ले ग्रुप से class 5 तक के इन बच्चों ने ज्यादातर पेंटिंग्स वारली और गौड़ आर्ट शैली में बनाई थीं, जिसने सभी का ध्यान अपनी ओर स्वत: खींचा। लोग चकित थे खासकर बच्चों के पैरेंट्स और टीचर्स भी, इतनी कम उम्र में बच्चों की कला समझ इतनी बड़ी और पारखी है ये किसी ने सोचा भी नहीं था।
क्या है वारली और गौड़ आर्ट?
बच्चों ने दो प्रसिद्ध जनजातीय कला को अपने अंदाज में पेश किया जिसमें वारली और गौड़ आर्ट शामिल है।
वारली आर्ट
महाराष्ट्र की वारली जनजाति की यह 400 साल पुरानी कला है। इसमें मिट्टी की दीवारों पर चावल के आटे से सफेद रंग से चित्र बनाए जाते हैं। तिकोने आकार के इंसान, गोले और रोजमर्रा की जिंदगी इसकी पहचान है।गौड़ / गोंड आर्ट
मध्य प्रदेश के गोंड जनजाति की यह कला प्रकृति को समर्पित है। इसमें बारीक बिंदुओं और लकीरों से जानवरों, पेड़ों और कहानियों को चटख प्राकृतिक रंगों से दिखाया जाता है।
नन्हें हाथों ने इसी Warli-Gond स्टाइल में काशी के घाट, मंदिर और गांव की तस्वीरें बनाईं। साथ ही नुक्कड़ नाटक, देशभक्ति गीत और कविताओं की प्रस्तुति ने आयोजन में चार चांद लगा दिया। अभिभावकों ने इस अनोखी पहल के लिए स्कूल संचालक, प्रिंसिपल रितिका सरीन और टीचर्स को सराहा तो kauri की इंचार्ज स्तुति ने आभार व्यक्त किया।
सौहार्द और मोहब्बत, नबी की सुन्नत और ईमान की मजबूती पर दिया उलेमा ने जोर
बेनियाबाग में जुटे देश के बड़े आलिम, उलेमा व बुद्धिजीवी
सकुशल संपन्न हुआ जुलूस व जलसा
सरफराज अहमद/मोहम्मद रिजवान
dil india live (Varanasi)। (Eid miladunnabi 26 August 2026 Varanasi Uttar Pradesh) नबी की 1501 वीं यौमे पैदाइश अकीदत और एहतराम के साथ बुधवार को पूर्वांचल भर में मनाई गई। इस दौरान निकले जुलूस-ए-मोहम्मदी ने क़ौमी यकजहती का जहां पैगाम दिया वहीं हिंदू मुस्लिम में आपसी सौहार्द और मोहब्बत, नबी की सुन्नत और ईमान की मजबूती पर उलेमा ने जोर देते हुए इसे देश की तरक्की के लिए जरूरी क़रार दिया। बेनियाबाग के फुटबॉल मैदान में जुटे देश के बड़े आलिम, उलेमा व बुद्धिजीवियों में दोनों वर्गों के जिम्मेदार शख्सियतों की भी तादाद कसीर थी।
अज़हरी मैदान से निकला जुलूस
रेवड़ी तालाब के अज़हरी मैदान से जुलूस-ए-मोहम्मदी निकाला गया। एक जूलूस की क़यादत सदर काजी ए शहर बनारस मौलाना हसीन अहमद हबीबी कर रहे थे तो दूसरा जुलूस शहर काजी मौलाना जमील अहमद रज़वी की सदारत में निकला। शहर काजी मौलाना जमील अहमद रज़वी का जुलूस अपने कदीमी रास्तों से होकर नबी की नात और सलाम पेश करते हुए वापस अजहरी मैदान में शहर काजी की दुआओं संग सम्पन्न हो गया। जबकि मौलाना हसीन अहमद हबीबी की क़यादत वाला जुलूस अपने कदीमी रास्तों से होकर बेनियाबाग मैदान में पहुंच कर जलसे में तब्दील हो गया। शाम में पैगंबर-ए-इस्लाम हजरत मोहम्मद (स.) की 1501 वीं यौमे पैदाइश (जन्मदिन) के मौके पर अलवीपुरा, वरुणापार के इलाकों में भी जुलूस-ए मोहम्मदी का शानदार जुलूस निकाला गया। जुलूस में बग्घी, ऊंट और बड़ी गाडियां भी थीं। इन इलाकों में भी जुलूस-ए-मोहम्मदी का आयोजन अकीदत और उल्लास के साथ किया गया। जुलूस में अमन, एकता, भाईचारे और सौहार्द का संदेश दिया गया। इससे पहले रेवड़ी तालाब से मरकजी दावते इस्लामी जुलूस-ए मोहम्मदी कमेटी के तत्वावधान में निकला जुलूस विभिन्न मार्गों से होते हुए बेनियाबाग पहुंचा, जहां जुलूस सभा में तब्दील हो गया। जुलूस में देश से मोहब्बत, नबी की सुन्नत और ईमान की मजबूती का पैगाम दिया गया। जुलूस की सरपरस्ती बरेली शरीफ के मुफ्ती इमरान रजा साहब कादरी ने की। जुलूस के बाद बेनियाबाग में देश के बड़े आलिमों और उलेमा ने नबी की सुन्नत, नेकी का रास्ता अपनाने और देश से मोहब्बत पर रोशनी डाली। जुलूस की अगुवाई ऑल इंडिया काजी बोर्ड के अध्यक्ष मौलाना सैयद कौसर रब्बानी ने की, जबकि सदर काजी-ए-शहर बनारस मौलाना हसीन अहमद हबीबी ने जुलूस की सदारत की। जुलूस में सुबह करीब 6:30 बजे कमेटी के वॉलंटियर बड़ी संख्या में पुलिस-प्रशासन के साथ व्यवस्था संभालते नजर आए। जुलूस-ए-मोहम्मदी के प्रवक्ता दानिश अत्तारी ने मीडिया को संबोधित करते हुए बताया की डीसीपी काशी जोन गौरव बंसवाल की ओर से सदर काजी-ए-शहर मौलाना हसीन अहमद हबीबी को 100 गाड़ियों को जुलूस के साथ चलने की अनुमति दी गई थी। साथ ही जुलूस में शामिल लोगों से लाउडस्पीकर वाली गाड़ी के अतिरिक्त किसी अन्य वाहन को साथ नहीं रखने की अपील की गई थी। व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए वॉलंटियर भी तैनात किए गए थे। अल्हमदोलिल्लाह जुलूस अमन और मिल्लत के साथ सम्पन्न हो गया।
दिखी बनारस की गंगा जमुनी तहज़ीब
मरकजी दावते इस्लामी जुलूस-ए मोहम्मदी कमेटी के तत्वावधान में रेवड़ी तालाब अजहरी मैदान से निकले जुलूस में क़ौमी यकजहती देखने को मिली। जुलूस के रास्ते में विभिन्न धर्मों के लोगों ने जुलूस में शामिल लोगों का अंगवस्त्रम और फूल-मालाओं से स्वागत किया। खासकर गोदौलिया पर कई हिंदू संगठनों ने जुलूस-ए-मोहम्मदी का बैनर लगाकर स्वागत किया। बुलानाला, मैदागिन और लोहटिया में इसरा कमेटी के लोगों ने जुलूस के अतिथियों का माल्यार्पण कर स्वागत किया गया। इसके बाद झंडी दिखाकर जुलूस को आगे रवाना किया गया।
इस दौरान डॉ. एके कौशिक, डॉ. अफजल, डॉ. हैदर अली, इसरा के जनरल सेक्रेटरी डॉ. हाजी मोहम्मद फारुख सहित अन्य लोगों ने बुके भेंट कर अतिथियों का स्वागत किया। कई स्थानों पर लोगों के लिए चाय-कॉफी के स्टॉल भी लगाए गए थे।
उलेमा ने दिया अमन का पैग़ाम
जुलूस की अध्यक्षता मुफ्ती बोर्ड के अध्यक्ष मौलाना मुफ्ती अब्दुल हादी खां रिजवी ने की। जुलूस का नेतृत्व मुफ्ती बोर्ड के सेक्रेटरी व जामा मस्जिद के शाही इमाम और सदर काजी-ए-शहर बनारस मौलाना हसीन अहमद हबीबी ने किया। जुलूस के दौरान ‘सरकार की आमद मरहबा, मुस्तफा की आमद मरहबा’ के नारे लगाए गए। विभिन्न मुस्लिम संगठनों की ओर से गौरीगंज, मदनपुरा, चौक, बुलानाला और लोहटिया समेत कई स्थानों पर स्वागत स्टॉल लगाए गए थे।
बेनियाबाग पहुंचने के बाद जुलूस सभा में परिवर्तित हो गया। सभा का आगाज कारी कोसैन मौज्जम ने कुरान की तिलावत से किया। इसके बाद मौलाना अंजुम रजा नूरी इलाहाबादी और मौलाना उजैर आलम साहब हकाकटोला ने संबोधित किया। मुफ्ती अब्दुल हादी खां और मौलाना हमदा शैदा इस्माइली ने हुजूर की पैदाइश, उनकी सीरत और अमन की तालीम पर प्रकाश डाला।
अवाम शायरों में मोहम्मद कौसर रजा इलाहाबादी, आरिफ शमीम, वसीम अत्तारी, आबिद जमाल, दानिश अत्तारी और शाहजेब अख्तर समेत कई लोग शामिल रहे। संचालन के कौसर रजा बरकाती, नजमी शम्सी इलाहाबादी ने बहुत ही शायराना अंदाज में किया।
दोनों वर्गों के शांति प्रिय हुए सभा में शामिल
सभा में विभिन्न सामाजिक और धार्मिक संगठनों से जुड़े गणमान्य नागरिक भी शामिल हुए। इनमें महन्त के.के. सिंह, अजय राय, किशन दीक्षित, संजय सिंह दाढ़ी, अनुराग पांडेय छोटू, कांग्रेस अध्यक्ष राघवेंद्र चौबे, राजेश्वर पटेल, ओम प्रकाश ओझा, स्नातक एमएलसी आशुतोष सिंहा, ओम प्रकाश पटेल, आशीष गौतम, दिव्यवंत पांडेय, ऋषभ पांडेय, हाजी अब्दुल अमीन, हाजी अमीर अहमद, हाजी हाफिज जावेद अख्तर, हाजी हाफिज नूर और डॉक्टर हमजा सहित अन्य लोग मौजूद रहे।
जुलूस अपने पारंपरिक मार्ग से होते हुए गोदौलिया, नीचीबाग, मैदागिन, कबीरचौरा और पियरी होते हुए बेनियाबाग पहुंचा। बनारस के विभिन्न मोहल्लों से निकले छोटे-छोटे जुलूस भी मुख्य जुलूस में शामिल हुए। इनमें अर्दली बाजार, अहाता उल्फत बीबी, गोलघर, नदेसर, तेलियाबाग और लहराबीर से आने वाले जुलूस शामिल रहे।
इसके अलावा शक्कर तालाब, जलालीपुरा, गोलमड़हा, पीलीकोठी, विश्वेश्वरगंज, बजरडीहा और लल्लापुरा समेत अन्य क्षेत्रों से निकले छोटे जुलूस भी मुख्य जुलूस में शामिल हुए। जुलूस को देखने के लिए सड़क के दोनों ओर मकानों पर महिलाओं और बच्चों समेत बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे। दुआ और सलातो-सलाम के साथ हुआ समापन
जुलूस के सफल और शांतिपूर्ण आयोजन के बाद सदर काजी-ए-शहर मौलाना हसीन अहमद हबीबी ने प्रशासनिक अधिकारियों, आईजी, एलआईयू, वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों, स्वास्थ्य विभाग, नागरिक सुरक्षा और आवाम का धन्यवाद किया।
बेनियाबाग में सभा के दौरान हिन्दुस्तान की खुशहाली और अमन के लिए दुआ की गई। अंत में हजरत अल्लामा मौलाना सय्यद कौसर रब्बानी साहब और इमरान रजा बरेलवी की दुआ, प्रार्थना और सलातो-सलाम के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ।