शुक्रवार, 18 सितंबर 2026

Education News Varanasi DAV PG college Varanasi 18 September 2026: political Science सत्ता और शक्ति के बीच समन्वय का विषय, बापू इसके Example

महात्मा गांधी बिना किसी पद पर रहे देश के सबसे सर्वोच्च नेता बने- प्रो. टीपी सिंह

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Varanasi (वाराणसी)। डीएवी पीजी कॉलेज में शुक्रवार को राजनीति विज्ञान विभाग के अंतर्गत ओरिएंटेशन कार्यक्रम का आयोजन हुआ। मुख्य वक्ता काशी हिन्दू विश्वविद्यालय के राजनीति विज्ञान विभाग के अध्यक्ष प्रो. टीपी सिंह (pr. TP Singh) ने राजनीति विज्ञान का अध्ययन और अंतरराष्ट्रीय संबंध विषय पर छात्रों को सम्बोधित करते हुए कहा की राजनीति विज्ञान शक्ति का विषय है, यह विज्ञान हमें सत्ता और शक्ति के बीच समन्वय सिखाता है। राष्ट्रपिता महात्मा गांधी (Mahatma Gandhi) इसके सबसे बड़े उदाहरण है, जो बिना किसी पद पर रहे देश के सबसे सर्वोच्च नेता बन गए। उसी प्रकार जयप्रकाश नारायण भी भारतीय राजनीति के प्रत्यक्ष उदाहरण है जो बिना किसी संवैधानिक पद पर रहे देश के ताकतवर नेता बने। 

   प्रो.टीपी सिंह ने कहा की राजनीति विज्ञान की सबसे अहम कड़ियों में अंतरराष्ट्रीय संबंध भी है, जिस प्रकार एक समय मे अफगानिस्तान में शासन करने वाले तालिबानी भारत के लिए खतरा रहे और पाकिस्तान के हिमायती रहे आज वें तालिबान भारत के साथ द्विपक्षीय वार्ता कर रहा है और पाकिस्तान के साथ संबंध लगातार तनावपूर्ण होते जा रहे है। यदि पड़ोसियों से हमारे संबंध और बेहतर हो रहे है तो इसमें सबसे महत्वपूर्ण राजनीति विज्ञान ही है। इसके अलावा उन्होंने विद्यार्थियों के शंकाओं का भी समाधान किया। 

कार्यक्रम का संयोजन विभागाध्यक्ष डॉ. स्वाति सुचरिता नंदा ने किया। स्वागत डॉ. प्रतिमा गुप्ता, डॉ. प्रियंका सिंह एवं संचालन डॉ. रविशंकर राज ने किया। इस मौके पर डॉ. गौरव सिंह सहित विभाग के छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।

Education News VKM Varanasi : NSS unit 2 द्वारा एक दिवसीय शिविर एवं प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता में स्टूडेंट्स ने दिखाई रुचि

युवा ही विकसित भारत के भविष्य निर्माता है, नशा मुक्त समाज ही सशक्त राष्ट्र की नींव



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Varanasi (वाराणसी). Varanasi के वसंत कन्या महाविद्यालय  की राष्ट्रीय सेवा योजना (NSS) इकाई-02 द्वारा 18 सितम्बर, 2026 को एक दिवसीय शिविर का आयोजन किया गया। यह शिविर भारत सरकार के युवा कार्यक्रम और खेल मंत्रालय (Sport ministry) द्वारा प्रायोजित "विकसित भारत यंग लीडर्स डायलॉग 2027" के अंतर्गत आयोजित किया गया, जिसमें "नशा मुक्त और विकसित भारत" विषय पर प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता मुख्य आकर्षण रही।

कार्यक्रम का शुभारम्भ महाविद्यालय की प्राचार्य प्रो. रचना श्रीवास्तव ने विद्यार्थियों को इस प्रकार की प्रतियोगिताओं में सक्रिय सहभागिता करने के लिए प्रोत्साहित किया और कहा कि युवा ही विकसित भारत के भविष्य के निर्माता हैं। नशा मुक्त समाज ही सशक्त राष्ट्र की नींव है।

कार्यक्रम की मुख्य वक्ता एवं NSS इकाई-02 की कार्यक्रम अधिकारी डॉ. सरोज उपाध्याय जो लंबे समय से राष्ट्रीय सेवा योजना से जुड़ी हुई हैं, ने अपने सारगर्भित संदेश में विद्यार्थियों को नशे के दुष्प्रभावों से अवगत कराया। उन्होंने कहा कि नशा न केवल शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य को हानि पहुँचाता है, बल्कि यह सामाजिक और राष्ट्रीय प्रगति में भी बाधक है। युवाओं को इससे दूर रहकर अपने लक्ष्य पर केन्द्रित रहना चाहिए।

डॉ. उपाध्याय ने विद्यार्थियों को "MY Bharat" पोर्टल पर आयोजित होने वाली राष्ट्रीय स्तरीय प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता की प्रक्रिया, उसमें आ रही तकनीकी कठिनाइयों के समाधान तथा पुरस्कारों के विषय में विस्तार से मार्गदर्शन दिया। उन्होंने बताया कि इस प्रतियोगिता में शीर्ष 10 में स्थान प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को मंत्रालय द्वारा पुरस्कार एवं प्रमाण पत्र प्रदान किया जाएगा तथा प्रथम स्थान प्राप्त करने वाले विजेता को माननीय प्रधानमंत्री जी से सीधा संवाद करने का स्वर्णिम अवसर प्राप्त होगा।

इस एक दिवसीय शिविर में महाविद्यालय की 150 से अधिक छात्राओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। शिविर की संपूर्ण रूपरेखा  एवं व्यवस्था NSS इकाई-02 के स्वयंसेवकों द्वारा अत्यंत कुशलता से तैयार की गई थी तथा कार्यक्रम का सफल संचालन स्वयं विद्यार्थियों द्वारा किया गया, जो अत्यंत सराहनीय रहा।

कार्यक्रम के अंत में NSS इकाई-02 की कार्यक्रम अधिकारी डॉ. सरोज उपाध्याय द्वारा सभी स्वयंसेविकाओं एवं विद्यार्थियों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया गया।

Ex Chief Editor Dr Anand Bahadur Singh की 97 वीं जयंती भदैनी आवास पर मनाई गई

सम्पादकाचार्य आनन्द बहादुर सिंह ने कभी अपने सिद्धांतों से समझौता नही किया

पद्मश्री पं. शिवनाथ मिश्र, साहित्यकार डॉ. गया सिंह, यशपाल कुमार आदि विद्वानों ने रखें विचार

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Varanasi (वाराणसी)। सम्पादकाचार्य स्व. डॉ. आंनद बहादुर सिंह (Ex Chief Editor Sunmarg Hindi daily news paper Varanasi) की 97 वीं जयंती लोलार्क षष्ठी के अवसर पर गुरुवार को उनके भदैनी स्थित पैतृक आवास पर मनाई गई। इस मौके पर काशी के विद्वत समाज ने उनका पुण्य स्मरण कर उन्हें श्रद्धा सुमन अर्पित किया। मुख्य अतिथि पद्मश्री पं. शिवनाथ मिश्र, वरिष्ठ साहित्यकार डॉ. गया सिंह, वरिष्ठ अधिवक्ता एवं साहित्यकार यशपाल कुमार, सितारविद पं. देवब्रत मिश्रा सहित अन्य विशिष्टजनों ने बाबू आनन्द बहादुर सिंह के चित्र पर माल्यार्पण कर उनके कृतित्व और व्यक्तित्व पर चर्चा की। 

मुख्य अतिथि पद्मश्री पं. शिवनाथ मिश्रा ने कहा कि बाबू आनन्द बहादुर सिंह जैसा व्यक्तित्व अत्यंत दुर्लभ होता है, एक लेखक के रूप में उन्होंने कभी भी सिद्धांतों से समझौता नही किया। वें संकट मोचन हनुमान जी के अनन्य भक्त थे और साहित्य, संगीत, रंगमंच जैसी विधाओं के गहरे जानकार भी थे। विशिष्ट अतिथि साहित्यकार यशपाल कुमार ने कहा कि बाबू साहब सही मायने में काशीरत्न थे, काशी के इतिहास को लेकर उनका अध्ययन काफी संवेदनशील रहा। 

अध्यक्षता करते हुए वरिष्ठ साहित्यकार एवं भारतेंदु संस्थान के अध्यक्ष डॉ. गया सिंह ने कहा कि वें बनारस को जीने वाले व्यक्ति थे, उनकी लेखनी में संतमत की छाप दिखती थी, वें पत्रकार के साथ साथ एक साहित्यकार और कवि के रूप में भी जाने पहचाने गए। 

इनकी रही खास मौजूदगी 

कार्यक्रम में सेल्स टैक्स बार एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष ज्ञानप्रकाश शुक्ला, सितारविद पं. देवब्रत मिश्रा, राजेश सिंह, गोपेश चंद्र राय, संदीप चौरसिया, एडवोकेट अमृत प्रभात, राजेश चौरसिया, डॉ. विनोद शर्मा आदि उपस्थित रहे। स्वागत विजय बहादुर सिंह एवं धन्यवाद प्रताप बहादुर सिंह ने दिया।

Education News VKM kamacha Varanasi 18 September 2026: नवप्रवेशित छात्राओं का Campus main हुआ welcome

महाविद्यालय के शैक्षणिक वातावरण तथा विभिन्न शैक्षणिक व पाठ्यक्रमीय उपक्रमों से हुए परिचित

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Varanasi (वाराणसी)। वसन्त कन्या महाविद्यालय में सत्र 2026–27 के नवप्रवेशित छात्राओं के स्वागत एवं उन्हें महाविद्यालय के शैक्षणिक वातावरण, संस्थागत मूल्यों तथा विभिन्न शैक्षणिक एवं सह-पाठ्यक्रमीय उपक्रमों से परिचित कराने के उद्देश्य से दिनांक 17 सितम्बर 2026 को छात्र -अभिमुखीकरण कार्यक्रम का किया गया।महाविद्यालय की छात्र सलाहकार एवं अनुशासन समिति द्वारा स्नातक प्रथम वर्ष कला, सामाजिक विज्ञान एवं वाणिज्य संकाय में प्रवेशित  छात्राओं को विभिन्न विषयों, महाविद्यालयीन गतिविधियों, अनुशासन, छात्र-सहायता एवं उपलब्ध अवसरों की विस्तृत जानकारी प्रदान की गई। 

प्राचार्य प्रो.रचना श्रीवास्तव ने नवागत छात्राओं को सम्बोधित करते हुए महाविद्यालय  को प्रतिभा- विकास की उर्वर भूमि बताया। उन्होंने इस उर्वरता का समुचित लाभ उठाने हेतु छात्राओं को प्रेरित किया।


इस अवसर पर डॉ. वंदना श्रीवास्तव, छात्र सलाहकार, वाणिज्य संकाय ,बी एच यू ने छात्राओं को अपने जीवन में उत्तरदायित्वबोध के साथ अपने  विकास हेतु निरन्तर आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया।श्री नीरज श्रीवास्तव, सीईओ, वाई एस आई,ने भी  वक्ता के रूप में विद्यार्थिनियों का मार्गदर्शन किया।अभिमुखीकरण कार्यक्रम का उद्देश्य नवप्रवेशित विद्यार्थियों को महाविद्यालय की शैक्षणिक संस्कृति एवं संस्थागत व्यवस्था से सहज रूप से जोड़ना तथा उनके नए शैक्षणिक जीवन की सकारात्मक और सार्थक शुरुआत सुनिश्चित करना रहा। डॉ .शान्ता चटर्जी , प्रो. निहारिका लाल, प्रो. संगीता देवड़िया,प्रो.सीमा वर्मा, प्रो . पूनम पांडेय,प्रो. शशिकला, डॉ.विजय कुमार, डॉ.शशिकेश कुमार गोंड आदि ने महाविद्यालय में उपलब्ध विभिन्न अवसरों का लाभ उठाने तथा जिम्मेदार एवं अनुशासित विद्यार्थी के रूप में अपने व्यक्तित्व के सर्वांगीण विकास के लिए प्रेरित किया। 

नवागत छात्राओं के स्वागत के लिए डॉ.नैरंजना श्रीवास्तव के निर्देशन में 'रंगमंच क्लब' द्वारा लघु नाट्य की प्रस्तुति की गई। समिति के सदस्यों डॉ.सुमन सिंह, डॉ.आशीष कुमार सोनकर, डॉ. सुनीता दीक्षित, डॉ.खुशबू मिश्रा, डॉ. पूनम वर्मा, डॉ. प्रतिभा, डॉ. राजलक्ष्मी, डॉ. आभा सिंह, डॉ.अंजलि सिंह तथा डॉ. आसिफ जमाल आदि की उपस्थिति रही। कार्यक्रम का संचालन डॉ. मंजू कुमारी ने किया।

Religious News Varanasi September 2026: अघोरपीठ में अघोराचार्य के छठी समारोह की रही धूम

'लोलार्क छठ', पर उमड़ा आस्था-विश्वास का अपार जनसैलाब
Religious News Varanasi Uttar Pradesh 17 September 2026 PNG

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Sanjana Srivastava 

Varanasi (वाराणसी). काशी को देवी-देवताओं के अनुमानित आदिकालीन ठौर-ठिकानों में गिना जाता है। लेकिन देवादिदेव महादेव की नगरी होने का ख़िताब काशी को शर्तिया तौर पर हासिल है। कहते हैं काशी में शिव का निवास, अमूमन, दो स्थानों पर होता है । एक है 12 ज्योतिर्लिंगों में से शिवलिंग रूप में विराजत काशी विश्वनाथ जी का 'काशी विश्नाथ मंदिर' और दूसरा स्थान है समाधि व् स्थूल या मूर्तिवत स्वरुप बाबा कीनाराम जी का 'बाबा कीनाराम स्थल, क्रीं-कुण्ड'। भगवान् शिव की रुद्र मुद्रा को परिभाषित करता, अघोर परंपरा का, यह आदि-अनादि कालीन सिद्धपीठ 'बाबा कीनाराम स्थल, क्रीं-कुण्ड' आध्यात्मिक क्षेत्र का सिरमौर है। 


'लोलार्क छठ' (लोलार्क षष्ठी) 17 सितंबर को अपार जनसमुदाय की उपस्थिति में अगाध श्रद्धा व हर्षोल्लास के साथ मनाया गया । 17 सितंबर को सुबह आश्रम परिसर की साफ़-सफ़ाई और दैनिक आरती के बाद इंतज़ार शुरू हुआ बाबा कीनाराम, अघोरेश्वर महाप्रभु बाबा भगवान् राम जी सहित परिसर में मौज़ूद अनेकों समाधि और बाबा कीनाराम के पुनरगामित स्वरुप और इस सिद्धपीठ के वर्तमान (11वें) पीठाधीश्वर अघोराचार्य महाराजश्री बाबा सिद्धार्थ गौतम राम के दर्शन का, जब सुबह हुई तो हमेशा की तरह नज़ारा अद्भुत था। शिव के मूर्तिवत व् समाधि रुप के साथ-साथ शिव की स्थूल काया के वर्तमान स्वरुप को देखने की ललक हज़ारों दर्शनार्थियों के चेहरे पर साफ़ दिख रही थी। यहां एक ज़िक़्र प्रासंगिक है। वो ये है कि अध्यात्मिक शोध व समझ आधार पर भक्तजनों के बीच एक आम धारणा पुष्ट हो चली है कि अघोराचार्य महाराजश्री बाबा सिद्धार्थ गौतम राम कोई और नहीं बल्कि स्वयं अघोराचार्य बाबा कीनाराम का पुनरगामित स्वरुप हैं। ज़ाहिर है ये अविश्वसनीय दृश्य होता है। ऐसे में सुबह 9 बजे सम्पूर्ण संसार में समस्त अघोर परंपरा के सर्वमान्य आचार्य-ईष्ट-आराध्य तथा शिव की स्थूल काया माने जाने वाले बाबा सिद्धार्थ गौतम राम जैसे ही अपने कक्ष से बाहर आए तो घंटा-डमरु -शंख और 'हर हर महादेव' के निनाद के साथ पूरा अघोर परिसर गगनभेदी उदघोष से गूँज उठा। अघोरपीठ में श्रद्धालुओं के बीच अजीब सी हलचल, लेकिन सौम्य अनुशासन बरक़रार रहा । 

और फ़िर सभी औपचारिक पूजा-अर्चना के बाद अघोराचार्य महाराजश्री बाबा सिद्धार्थ गौतम राम जैसे ही अपने विश्वविख्यात औघड़ तख़्त पर विराजमान हुए, कतारबद्ध श्रद्धालुओं के बीच, अपने आराध्य की एक झलक पाने के लिये होड़ मच गयी। लेकिन अति अनुशासित संयमित आस्थावानों की भीड़ ने अपना संयम नहीं खोया और लाइन में एक-एक कर अपने आराध्य का और परिसर में मौज़ूद बाबा कीनाराम, अघोरेश्वर महाप्रभु सहित सभी समाधियों का दर्शन पूजन किया और श्रद्धापूर्वक प्रसाद ग्रहण किया ।  

इस घोर आध्यात्मिक पर्व के मौक़े पर समाजिक संस्थान 'अघोराचार्य बाबा कीनाराम अघोर शोध एवं सेवा संस्थान' की 'महिला मण्डल' की तरफ़ से समाजिक सरोकार का एक कार्यक्रम, 'रक्तदान शिविर', का भी आयोजन किया गया जिसमें काफी लोगों ने स्वेक्षा से रक्तदान किया।


दिखाई दिया मेले जैसा नजारा 

आश्रम परिसर के बाहर एक विशाल मेले का दृश्य था। सैकड़ों दुकानों के बीच, ख़रीददारी करते हज़ारों लोग दिखे। इधर अनुमानित भीड़ का आकलन करते हुए स्थानीय प्रशासन ने 2 दिन पहले से ही क़मर क़स लिया था। प्रशासनिक अधिकारी,  आश्रम प्रबंधन के साथ लगातार समन्वय बनाए हुए थे। हर तरफ़ सुरक्षा की चाक-चौबंद व्यवस्था थी, जिसके चलते पूरा कार्यक्रम  सकुशल, शांतिपूर्वक संपन्न हो गया।

गुरुवार, 17 सितंबर 2026

BLW Varanasi News 17 September 2026: श्रद्धा, भक्ति एवं उल्लास के साथ मनाया गया विश्वकर्मा पूजन

महाप्रबंधक आशुतोष पंत ने विभिन्न शॉपों में विधिवत पूजा-अर्चना कर कर्मचारियों को दी शुभकामनाएं


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F. Farouqi/Ajeet Singh Rajput 

Varanasi (वाराणसी)। बनारस रेल इंजन कारखाना (बरेका) में 17 सितंबर 2026 को शिल्पकला, निर्माण एवं सृजन के अधिष्ठाता भगवान विश्वकर्मा का पूजन समारोह श्रद्धा, भक्ति एवं उल्लास के साथ मनाया गया। इस अवसर पर बरेका के महाप्रबंधक आशुतोष पंत ने प्रमुख मुख्य विभागाध्यक्षों, वरिष्ठ अधिकारियों एवं कर्मचारियों के साथ भगवान विश्वकर्मा का विधि-विधानपूर्वक पूजन-अर्चन किया तथा सभी को विश्वकर्मा पूजन की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दीं।

विश्वकर्मा पूजन के अवसर पर बरेका की कर्मशाला में एक अलग ही उत्सवी वातावरण देखने को मिला। कर्मचारियों ने अपने-अपने कार्यस्थलों की साफ-सफाई एवं साज-सज्जा के साथ पूजा स्थलों को फूल-पत्तियों, रंग-बिरंगी झंडियों एवं आकर्षक विद्युत लाइटों से सजाया। विभिन्न शॉपों में बनाए गए सुंदर पूजा पंडालों में आदि शिल्पी भगवान विश्वकर्मा के चित्रों के समक्ष कर्मचारियों ने श्रद्धा एवं निष्ठा के साथ विधि-विधानपूर्वक पूजा-अर्चना की।




अभिकल्प विभाग से शुरू हुआ पूजन कार्यक्रम

भगवान विश्वकर्मा पूजन समारोह का शुभारंभ अभिकल्प विभाग में महाप्रबंधक आशुतोष पंत के नेतृत्व में भगवान विश्वकर्मा के दर्शन एवं विधिवत पूजन-अर्चन के साथ हुआ। इसके पश्चात महाप्रबंधक एवं वरिष्ठ अधिकारियों ने बरेका कर्मशाला के विभिन्न शॉपों में पहुंचकर भगवान विश्वकर्मा की पूजा-अर्चना की तथा कर्मचारियों से आत्मीय संवाद किया।

इस क्रम में न्यू ब्लॉक शॉप, सीटीएस शॉप, टूल रूम, इंजन डिवीजन, लोको फ्रेम शॉप, पाईप शॉप, लोको असेंबली शॉप, ट्रैक्शन असेंबली शॉप, ट्रैक मशीन शॉप, लोको टेस्ट शॉप एवं डिपो सहित विभिन्न कार्यस्थलों पर भगवान विश्वकर्मा का पूजन किया गया।

महाप्रबंधक एवं वरिष्ठ अधिकारियों के विभिन्न शॉपों में पहुंचने पर कर्मचारियों में विशेष उत्साह देखने को मिला। कर्मशाला परिसर में जगह-जगह सजे पूजा पंडाल, विद्युत सज्जा और श्रद्धालु कर्मचारियों की सहभागिता ने पूरे वातावरण को उत्सवमय बना दिया।

औद्योगिक परंपरा व संस्कृति का प्रतीक विश्वकर्मा पूजन

भगवान विश्वकर्मा पूजन बरेका की समृद्ध औद्योगिक परंपरा और कार्य-संस्कृति से गहराई से जुड़ा आयोजन है। निर्माण, तकनीक, शिल्प और सृजन से जुड़े बरेका के कर्मचारियों के लिए यह अवसर अपने कार्य के प्रति समर्पण, कौशल एवं निष्ठा को अभिव्यक्त करने का भी प्रतीक है।

इस अवसर पर महाप्रबंधक आशुतोष पंत ने सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों को भगवान विश्वकर्मा पूजन की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं देते हुए कहा कि भगवान विश्वकर्मा की आराधना हमें कौशल, गुणवत्ता, नवाचार, परिश्रम और सृजनशीलता के प्रति निरंतर समर्पित रहने की प्रेरणा देती है। उन्होंने बरेका परिवार की सुख-समृद्धि एवं निरंतर प्रगति की कामना की।


उन्होंने कहा कि बरेका की पहचान उत्कृष्ट तकनीकी क्षमता, कर्मठ मानव संसाधन और निरंतर नवाचार से बनी है। भगवान विश्वकर्मा का पूजन हम सभी को अपने कार्य में गुणवत्ता, दक्षता एवं पूर्ण समर्पण के साथ आगे बढ़ने की प्रेरणा देता है।विश्वकर्मा पूजन समारोह के माध्यम से बरेका के कर्मचारियों ने अपनी गौरवशाली औद्योगिक विरासत, तकनीकी उत्कृष्टता एवं कार्य के प्रति प्रतिबद्धता को और मजबूत करने का संकल्प भी व्यक्त किया।

इनकी अगुवाई में हुआ पूरा आयोजन 

इस अवसर पर प्रमुख मुख्य विद्युत इंजीनियर मनीष कुमार, प्रमुख मुख्य यांत्रिक इंजीनियर विवेक शील, प्रमुख मुख्य सामग्री प्रबंधक आलोक अग्रवाल, प्रधान वित्त सलाहकार मुक्तेश मित्तल, प्रमुख मुख्य इंजीनियर राम जन्म, प्रमुख कार्मिक अधिकारी लालजी चौधरी, प्रमुख मुख्य चिकित्सा अधिकारी सुनील कुमार, महानिरीक्षक सह प्रधान मुख्य सुरक्षा आयुक्त देवराज कुमार मौर्य, मुख्य विद्युत सर्विस इंजीनियर मनोज कुमार गुप्ता, वित्त सलाहकार एवं मुख्य लेखा अधिकारी मुख्यालय अजय श्रीवास्तव, मुख्य विद्युत इंजीनियर/लोको अरविन्द कुमार जैन, मुख्य अभिकल्प इंजीनियर-विद्युत अनुराग कुमार गुप्ता, मुख्य अभिकल्प इंजीनियर-डीजल प्रवीण कुमार, मुख्य अभिकल्प इंजीनियर-प्रोजेक्ट कौशलेश सिंह, मुख्य यांत्रिक इंजीनियर (उत्पादन एवं विपणन) राम जन्म चौबे, मुख्य यांत्रिक इंजीनियर/सर्विस इंजीनियर विपुल सिंह, उप महाप्रबंधक सागर, उप मुख्य विद्युत इंजीनियर/लोको सुदीप रावत, जन संपर्क अधिकारी राजेश कुमार की अगुवाई में आयोजन सम्पन्न हुआ।

कार्यक्रम में संयुक्त सचिव, कर्मचारी परिषद प्रदीप कुमार यादव, अन्य कर्मचारी परिषद सदस्य, बड़ी संख्या में कर्मचारीगण एवं उनके परिजन भी उपस्थित रहे। सभी ने श्रद्धा एवं उत्साह के साथ भगवान विश्वकर्मा का पूजन-अर्चन कर बरेका परिवार की सुख-समृद्धि, स्वास्थ्य एवं निरंतर प्रगति की कामना की।

पूरे कर्मशाला परिसर में दिनभर श्रद्धा, उत्साह, भक्ति और उल्लास का वातावरण बना रहा। भगवान विश्वकर्मा पूजन समारोह ने बरेका की गौरवशाली औद्योगिक विरासत, तकनीकी सामर्थ्य और कर्मचारियों की एकजुट कार्य-संस्कृति को एक बार फिर जीवंत रूप में प्रदर्शित किया।

Education News VKM Varanasi 17 September 2026:विश्व ओजोन दिवस पर सस्टेनेबल फैशन वॉक बना आकर्षण

“ओजोन परत की रक्षा करेंगे पृथ्वी पर जीवन की सुरक्षा करेंगे” की ली गई शपथ



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Varanasi (वाराणसी)। वसंत कन्या महाविद्यालय (VKM) में IDIKA क्लब एवं भूगोल विभाग के संयुक्त तत्वावधान में विश्व ओजोन दिवस उत्साहपूर्वक मनाया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन एवं कुलगीत के साथ हुआ। आयोजन में महाविद्यालय की प्राचार्या डॉ. रचना श्रीवास्तव ने ओजोन परत की उपयोगिता, हानिकारक पराबैंगनी किरणों से पृथ्वी की रक्षा में इसकी भूमिका, ओजोन क्षरण के प्रमुख कारणों विशेषकर CFCs जैसे पदार्थों तथा मॉन्ट्रियल प्रोटोकॉल सहित वैश्विक संरक्षण प्रयासों पर विस्तार से प्रकाश डाला।

क्विज, वाद-विवाद, स्किट और नृत्य

कार्यक्रम में छात्राओं द्वारा प्रश्नोत्तरी, वाद-विवाद प्रतियोगिता, जागरूकता संदेश, स्किट एवं सांस्कृतिक नृत्य प्रस्तुत किया गया तथा पर्यावरण संरक्षण की शपथ ली गई। मुख्य आकर्षण सस्टेनेबल फैशन वॉक रहा, जिसमें 3R - रीयूज, रिड्यूस, रीसाइकल के माध्यम से वेस्ट वस्तुओं के पुनः उपयोग का संदेश दिया गया। कार्यक्रम का संदेश था “ओजोन परत की रक्षा, पृथ्वी पर जीवन की सुरक्षा है।”



प्रतियोगिता में ऐसा रहा परिणाम

क्विज: प्रथम - नीनू वेल्लमपट्टा, द्वितीय - सृष्टि मिश्रा।

वाद-विवाद: प्रथम - सादिया, द्वितीय - शालिनी।

सस्टेनेबल फैशन वॉक: प्रथम - आद्रिका नंदा, द्वितीय - नेहा, तृतीय - दिशा।

निर्णायक मंडल 

प्रो. संगीता, डॉ. गरिमा उपाध्याय, डॉ. अंशु शुक्ला, डॉ. विजय, डॉ. सुप्रिया सिंह, डॉ. आरती, डॉ. सौमिली, डॉ. श्वेता सिंह और डॉ. प्रीति विश्वकर्मा ।

अंत में डॉ. प्रतिभा और डॉ. सुशील कुमार ने आभार व्यक्त किया साथ ही शैक्षणिक तथा गैर-शैक्षणिक कर्मचारी भी उपस्थित रहे। IDIKA क्लब एवं भूगोल विभाग का यह आयोजन ज्ञान, जागरूकता और सहभागिता का प्रभावी उदाहरण बना।


Sport News Varanasi 17 September 2026: Aditya तथा Aradhana का प्रदेशीय वुशु प्रतियोगिता के लिए चयन

ग्राम विद्यापीठ इंटर कॉलेज के हैं दोनों होनहार स्टूडेंट्स

शारीरिक शिक्षक डॉ. आशीष के मार्गदर्शन में हासिल की बड़ी उपलब्धि





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Varanasi (वाराणसी)। ग्राम विद्यापीठ इंटर कॉलेज के होनहार छात्र आदित्य एवं आराधना ने खेल के क्षेत्र में विद्यालय का गौरव बढ़ाया है। आदित्य और आराधना का चयन आगामी प्रदेशीय वुशु प्रतियोगिता के लिए हुआ है। दोनों Student की इस शानदार उपलब्धि से पूरे विद्यालय परिवार और स्थानीय खेल प्रेमियों में हर्ष का माहौल है।

विद्यालय के शारीरिक शिक्षक डॉ. आशीष कुमार सिंह ने इस गौरवपूर्ण जानकारी को साझा करते हुए बताया कि आदित्य के भीतर वुशु खेल के प्रति असाधारण प्रतिभा थी। उन्होंने छात्र के इस हुनर को पहचाना और उसे सही दिशा में तराशने का कार्य किया। डॉ. सिंह ने खुद अपनी देख-रेख और कड़े मार्गदर्शन में आदित्य को इस प्रतियोगिता के लिए पूरी तरह से तैयार किया है, जिसके परिणामस्वरूप आज उसका चयन राज्य स्तर पर हुआ है। छात्र की इस सफलता पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए विद्यालय के प्रधानाचार्य डॉ. कलाधर दूबे ने चयनित छात्र आदित्य और उनके मार्गदर्शक शिक्षक डॉ. आशीष कुमार सिंह को विशेष रूप से बधाई दी। प्रधानाचार्य ने आदित्य और आराधना के उज्जवल भविष्य की कामना करते हुए कहा कि कठिन परिश्रम और सही मार्गदर्शन से किसी भी लक्ष्य को हासिल किया जा सकता है। इस अवसर पर विद्यालय के समस्त स्टाफ और छात्रों ने भी आदित्य और आराधना को अपनी शुभकामनाएं दी।

वाराणसी के मशहूर शहनाई वादक Fateh Ali Khan का इंतकाल

फतेह अली खान पिछले कुछ महीनों से थे बीमार, निधन से संगीत जगत में शोक

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Varanasi (वाराणसी)। वाराणसी के मशहूर शहनाई वादक फतेह अली खान का आज दोपहर 2 बजे निधन हो गया। वह 52 वर्ष के थे। पिछले 6 महीने से उनका डायलिसिस चल रहा था। अंततः चिकित्सक उन्हें बचा नहीं सके। 

फतेह अली खान के निधन से बनारस के संगीत और कला जगत में शोक की लहर है। उन्हें शहनाई वादन में महारत हासिल की थी और उन्होंने इस फन को आगे बढ़ाने में अहम योगदान दिया।

कल निकलेगा जनाजा 

उस्ताद फतेह अली खान को कल सुपुर्द-ए-खाक किया जाएगा।सुबह 10 बजे कोदई चौकी से उनका जनाजा उठकर दरगाह फातमान, सिगरा जाएगा जहां पर जनाजे की नमाज़ अदा की जाएगी। दरगाहे फातमान में ही उन्हें सुपुर्द-ए-खाक किया जाएगा। जनाजे की जानकारी देते हुए समाजिक कार्यकर्ता शकील अहमद जादूगर ने बताया कि वो अपने पीछे तीन बेटियों को छोड़ कर इस फानी दुनिया से रुखसत हुए हैं। उन्हें उनके हुनर और संगीत के लिए हमेशा याद किया जाएगा।

बुधवार, 16 सितंबर 2026

Varanasi Education News 16 September 2026: गोपी राधा बालिका inter College में किशोरियों ने जानी स्वस्थ पोषण की वैज्ञानिक समझ

विशेष पोषण जागरूकता कार्यक्रम में 8 से 12 वीं तक की 73 छात्राएं हुई शामिल 

Varanasi Education News 26 September 2026



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Varanasi (वाराणसी)। भारत सरकार की ‘आहार क्रांति’ पहल के अंतर्गत राष्ट्रीय पोषण माह में गोपी राधा बालिका इंटर कालेज, रविंद्रपुरी में कक्षा 8 से 12 तक की 73 छात्राओं के लिए विशेष पोषण जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया।इस दौरान किशोरियों ने स्वस्थ पोषण की वैज्ञानिक समझ को आत्मसात किया।

कार्यक्रम की मुख्य वक्ता गृह विज्ञान विभाग (वसंत कन्या महाविद्यालय, कमच्छा) प्रो. अंशु शुक्ला थीं। Dr Anshu Shukla ने कहा कि "पोषण जागरूकता से किशोरियां सशक्त होंगी"।

पोषक तत्वों का संतुलित सेवन आवश्यक

प्रो. शुक्ला ने रोचक कहानी, प्रश्नोत्तर एवं गतिविधियों के माध्यम से समझाया कि किशोरावस्था शारीरिक एवं मानसिक विकास की महत्वपूर्ण अवस्था है। केवल पर्याप्त कैलोरी लेना ही पर्याप्त पोषण नहीं है, बल्कि प्रोटीन, आयरन, कैल्शियम, विटामिन, फाइबर और पर्याप्त जल सहित विभिन्न पोषक तत्वों का संतुलित सेवन आवश्यक है।

मौसमी खाद्य पदार्थों के महत्व पर चर्चा

किशोरियों में आयरन की आवश्यकता, रक्त निर्माण, हड्डियों के स्वास्थ्य तथा स्थानीय एवं मौसमी खाद्य पदार्थों के महत्व पर विशेष चर्चा हुई। छात्राओं को दाल, चना, राजमा, सत्तू, हरी पत्तेदार सब्जियां, तिल, मूंगफली, दूध-दही, मौसमी फल आदि को आहार में शामिल करने के व्यावहारिक तरीके बताए गए।

कार्यक्रम का आयोजन शिक्षिका डॉ. अंजना सिंह ने किया। सफल बनाने में शिल्पा मिश्रा एवं रत्नेश का विशेष सहयोग रहा। विद्यालय की प्रधानाचार्या नीति जायसवाल, निदेशक डॉ. शालिनी शाह, मुख्य प्रशासक स्मृति शाह, उप प्रबंधक डॉ. अभिनव भट्ट तथा उप निदेशक सलोनी शाह ने कार्यक्रम की सराहना की। प्रबंधन ने कहा कि वर्तमान समय में किशोरियों के बीच वैज्ञानिक एवं व्यावहारिक पोषण शिक्षा बेहद जरूरी है।

कार्यक्रम का समापन इस संदेश के साथ हुआ कि “सही पोषण स्वस्थ शरीर की ही नहीं, बल्कि बेहतर सीखने, आत्मविश्वास और उज्ज्वल भविष्य की भी नींव है।”

Education News Gopi Radha girls inter College Varanasi 16 September 2026

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प्रबंधक दिल इंडिया लाइव वाराणसी  

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  2. AITM वाराणसी में इंजीनियर्स डे पर तकनीकी हुनर और नवाचार का संगम
  3. रोटरी क्लब ब्लड एंड ऑर्गन डोनर्स वाराणसी की बैठक में रूपरेखा तय
  4. हिंदी ने परम्परा और आधुनिकता की सहयात्रा को साकार किया - DAV PG
  5. वाराणसी को राजभाषा में राष्ट्रीय सम्मान, नराकास को पुरस्कार - BLW
  6. भाषाएं नफरत नहीं मोहब्बत सिखाती हैं - ग़ालिब इंस्टीट्यूट

अशोका इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी एंड मैनेजमेंट में हुआ National Engineers’ Day Celebration

भारत रत्न सर एम. विश्वेश्वरैया को किया गया याद, दी गई पुष्पांजलि

Education News Ashoka institute Varanasi 16 September 2026




@dil india live 

Varanasi (वाराणसी)। अशोका इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी एंड मैनेजमेंट (AITM), वाराणसी में भारत रत्न सर एम. विश्वेश्वरैया को पुष्पांजलि एवं दीप प्रज्ज्वलन के साथ नेशनल इंजीनियर्स डे हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। इस अवसर पर विभिन्न विभागों द्वारा तकनीकी, रचनात्मक और ज्ञानवर्धक गतिविधियों और प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया।

CSE विभाग एवं CSI स्टूडेंट चैप्टर

  • ऑनलाइन लोगो डिजाइनिंग प्रतियोगिता हुई जिसमें अंश शर्मा ने प्रथम स्थान प्राप्त किया
  • कोड-ए-थॉन प्रतियोगिता में प्रवीण कुमार (प्रथम), त्र्यंबक पाण्डेय (द्वितीय) व आदित्य मिश्रा (तृतीय) स्थान पर रहे।

 ECE विभाग का परिणाम देखें 

सर्किट सिमुलेशन प्रतियोगिता में समीर विश्वकर्मा (विजेता), अनिकेत (प्रथम रनर-अप), दीपक वर्मा एवं राज गुप्ता (द्वितीय रनर-अप) रहें।

बायोटेक्नोलॉजी विभाग

“Bioengineering for a Sustainable Future” विषय पर पोस्टर प्रेजेंटेशन का आयोजन किया गया।

मैकेनिकल इंजीनियरिंग विभाग द्वारा

“Research Nexus: Connecting Knowledge, Innovation & Society” विषय पर एक्सपर्ट टॉक का आयोजन हुआ।

 IEEE स्टूडेंट ब्रांच, अशोका द्वारा समस्या-समाधान और तकनीकी ज्ञान को प्रोत्साहित करने के लिए तकनीकी क्विज़ का आयोजन किया गया। पूरे कार्यक्रम ने इंजीनियरिंग के क्षेत्र में सर एम. विश्वेश्वरैया के अमूल्य योगदान और राष्ट्र निर्माण में उनकी भूमिका को याद किया।


aitm-varanasi main engineers day 2026 technical celebration



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Club News Varanasi September 2026 :Rotary club Blood and organ donors की बैठक में आगामी कार्यक्रमों की रूपरेखा तय

20 सितंबर 2026 को क्लब का शपथ ग्रहण समारोह, रोटरी गवर्नर पूनम होगी शामिल 
club News Varanasi Uttar Pradesh 15 September 2026Sep


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Varanasi (वाराणसी)। रोटरी क्लब ब्लड एंड ऑर्गन डोनर्स वाराणसी की आज महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता राजेश कुमार गुप्ता, (चार्टर अध्यक्ष) ने की तथा संचालन डॉ. आशीष गुप्ता ने किया।

बैठक में रोटरी गवर्नर पूनम गुलाटी की आधिकारिक यात्रा की तैयारियां, क्लब के आगामी सोशल प्रोजेक्ट्स, मेंबरशिप ग्रोथ तथा रोटरी फाउंडेशन में योगदान को लेकर विस्तृत चर्चा एवं कार्ययोजना तैयार किया गया।

बैठक में निर्णय लिया गया कि 20 सितंबर 2026 को क्लब का शपथ ग्रहण समारोह एवं रोटरी गवर्नर की आधिकारिक यात्रा संयुक्त रूप से होटल हिंदुस्तान, मलदहिया, वाराणसी में आयोजित की जाएगी। कार्यक्रम को सफल एवं प्रभावी बनाने के लिए सदस्यों को विभिन्न जिम्मेदारियाँ भी सौंपी गईं।

इनकी रही खास मौजूदगी 
बैठक में संगीता राय, प्रो. मधु सिंह, अभिमन्यु वर्मा, राहुल चौरसिया, विजय सिंह, दिव्यांक सिंह एवं हरिओम रस्तोगी सहित क्लब के प्रमुख सदस्य उपस्थित रहे। अंत में राहुल चौरसिया ने सभी उपस्थित सदस्यों का धन्यवाद ज्ञापित किया।

 

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  1. रोटरी क्लब ब्लड एंड ऑर्गन डोनर्स वाराणसी की बैठक में आगामी कार्यक्रमों की रूपरेखा तय - 20 सितंबर को गवर्नर की यात्रा NEW
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मंगलवार, 15 सितंबर 2026

Education News DAV PG College Varanasi 15 September 2026: हिन्दी ने की परम्परा और आधुनिकता की सहयात्रा पर हुई संगोष्ठी

हिंदी ने परम्परा और आधुनिकता की सहयात्रा को साकार किया


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Varanasi (वाराणसी)। डीएवी पीजी कालेज के हिन्दी विभाग द्वारा हिंदी दिवस के उपलक्ष्य में 'हिंदी भाषा एवं साहित्य : महत्व और उपलब्धि' विषयक संगोष्ठी का आयोजन हुआ।

मुख्य अतिथि डॉ. अशोक कुमार ज्योति, एसोसिएट प्रोफेसर, हिंदी विभाग, BHU ने कहा कि कविता जीवन की रचना है क्योंकि संस्कृति और परम्परा की थाती के रूप में कविता के माध्यम से मानव संस्कृति की परम्परा उत्तरोत्तर विकसित होती है।

उन्होंने कहा कि हिंदी का महत्व सिर्फ भाषा होने के कारण नहीं है बल्कि भारतीय सनातन परम्परा की करुणा, प्रपत्ति और भक्ति की अनन्यता के साथ-साथ राष्ट्रीय जागरण का संदर्भ रचने में भी है। हिंदी ने परम्परा और आधुनिकता की सहयात्रा को साकार किया है।

डॉ. ज्योति ने हिंदी की विकास यात्रा में समाज सुधारकों, राष्ट्रनेताओं, पत्रकारों और साहित्यकारों की भूमिका के साथ-साथ अलीगढ़ की 'हिंदी संवर्धिनी सभा', लखनऊ की 'मातृभाषा सभा' और काशी की 'नागरी प्रचारिणी सभा' के योगदान को विस्तार से बताया।


अध्यक्षता कर रहे प्राचार्य प्रो. मिश्रीलाल ने कहा कि हिंदी जन-जन की भाषा है, जिसने आम जनता के सरोकारों को राष्ट्रीय जीवन से जोड़ा। हिंदी ने संपर्क भाषा और राष्ट्रभाषा के रूप में बहुत कुछ हासिल किया है, लेकिन सांस्कृतिक विस्तार के लिए अभी और काम करना है।

स्वागत विभागाध्यक्ष प्रो. राकेश कुमार राम, संचालन डॉ. अस्मिता तिवारी एवं धन्यवाद डॉ. नीलम सिंह ने किया। इस अवसर पर प्रो. राकेश द्विवेदी, प्रो. समीर पाठक सहित छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।

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BLW News Varanasi 15 September 2026: अखिल भारतीय राजभाषा सम्मेलन मुम्बई में BLW Gm Ashutosh Pant को मिला सम्मान

प्रशस्ति पत्र में नराकास अध्यक्ष एवं बरेका महाप्रबंधक आशुतोष पंत के प्रयासों की विशेष सराहना




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F.farooqui/Ajeet Singh rajpoot

Varanasi (वाराणसी)। राजभाषा हिंदी के प्रचार-प्रसार एवं प्रभावी कार्यान्वयन के क्षेत्र में नगर राजभाषा कार्यान्वयन समिति (नराकास), वाराणसी ने उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल की है। गृह मंत्रालय, भारत सरकार के राजभाषा विभाग द्वारा वर्ष 2025-26 के दौरान अपने कार्यक्षेत्र में संघ की राजभाषा नीति के उल्लेखनीय कार्य-निष्पादन के लिए नराकास, वाराणसी को ‘नराकास प्रोत्साहन सम्मान’ के अंतर्गत ‘प्रशंसनीय’ श्रेणी में सम्मानित किया गया।

यह सम्मान 14 एवं 15 सितंबर 2026 को सिडको एग्जीबिशन सेंटर, नवी मुंबई (महाराष्ट्र) में आयोजित अखिल भारतीय राजभाषा सम्मेलन के दौरान 15 सितंबर 2026 को प्रदान किया गया। नराकास, वाराणसी की ओर से बरेका के मुख्य राजभाषा अधिकारी एवं मुख्य यांत्रिक इंजीनियर (उत्पादन एवं विपणन) राम जन्म चौबे ने प्रशस्ति पत्र प्राप्त किया।


गृह मंत्रालय के राजभाषा विभाग द्वारा जारी प्रशस्ति पत्र में नराकास, वाराणसी के अध्यक्ष एवं बनारस रेल इंजन कारखाना के महाप्रबंधक आशुतोष पंत के प्रयासों की विशेष सराहना की गई है। प्रशस्ति पत्र में उल्लेख किया गया है कि समिति के अध्यक्ष आशुतोष पंत के प्रयासों से राजभाषा हिंदी के प्रचार-प्रसार एवं कार्यान्वयन में नराकास, वाराणसी ने उल्लेखनीय प्रगति की है। साथ ही, राजभाषा हिंदी के प्रति उनकी निष्ठा एवं कार्यकुशलता को सराहनीय और प्रेरणादायी बताया गया है।

यह सम्मान वाराणसी में विभिन्न केंद्रीय सरकारी कार्यालयों के मध्य राजभाषा हिंदी के प्रयोग, प्रचार-प्रसार तथा राजभाषा नीति के प्रभावी कार्यान्वयन के लिए किए जा रहे समन्वित एवं सतत प्रयासों को राष्ट्रीय स्तर पर मिली महत्वपूर्ण मान्यता है।

इस गौरवपूर्ण उपलब्धि पर बनारस रेल इंजन कारखाना परिवार गौरवान्वित है। नराकास, वाराणसी के अध्यक्ष एवं बरेका महाप्रबंधक आशुतोष पंत ने नराकास से जुड़े सभी कार्यालयों, अधिकारियों एवं कर्मचारियों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दी हैं।

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Ghalib Institute New Delhi News September 2026: भाषाएं नफरत नहीं, मोहब्बत का संदेश देती हैं-प्रो. जियाउर रहमान सिद्दीकी

मातृभाषा डोगरी फिर भी मुझे उर्दू भाषा से बेहद प्रेम- प्रो. चमन लाल

उर्दू वालों ने मनाया उत्साहपूर्वक हिंदी दिवस

भाषा एवं साहित्य में उल्लेखनीय योगदान देने वालों का हुआ सम्मान

Ghalib Institute New Delhi News September 14-2026


@dil india live 

New Delhi (नई दिल्ली)। हिंदी दिवस के अवसर पर ग़ालिब इंस्टीट्यूट, नई दिल्ली में देश के विभिन्न राज्यों में शैक्षणिक कार्य, भाषा एवं साहित्य के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाले शिक्षकों, प्रवक्ताओं एवं आचार्यों के सम्मान में राष्ट्रीय पुरस्कार सम्मान समारोह का आयोजन किया गया।

समारोह में देश के विभिन्न राज्यों से आए शिक्षकों एवं शिक्षाविदों को उनके उल्लेखनीय योगदान के लिए सम्मानित किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि प्रोफेसर जियाउर रहमान सिद्दीकी (अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय) ने सभी सम्मानित शिक्षकों को बधाई देते हुए कहा कि इस प्रकार के पुरस्कार शिक्षकों में अपने कार्य को और बेहतर ढंग से करने की प्रेरणा एवं शक्ति प्रदान करते हैं।

उन्होंने कहा कि भाषाएं हमें आपस में जोड़ना सिखाती हैं। भाषाएं नफरत नहीं, बल्कि मोहब्बत का संदेश देती हैं। इसलिए देश की तमाम भाषाओं के संरक्षण, संवर्धन एवं विकास के लिए निरंतर प्रयास किए जाने की आवश्यकता है। भारत की भाषाई विविधता हमारी महत्वपूर्ण सांस्कृतिक विरासत है।




अवार्ड से नवाजे गए शिक्षाविद

समारोह में मुख्य अतिथि प्रोफेसर जियाउर रहमान सिद्दीकी व विशिष्ट अतिथि डॉ. शमा परवीन, (DIET हापुड़) को भाषाई एवं शैक्षणिक योगदान के लिए ‘नेशनल उर्दू अवॉर्ड’ प्रदान किया गया तो वहीं दूसरी ओर ‘नेशनल लैंग्वेज अवॉर्ड’ डॉ. अज़हर सईद, (प्रवक्ता, DIET चंदौली) को देकर सम्मानित किया गया। ऐसे ही प्रोफेसर जितेंद्र परवाज़ (पंजाबी विश्वविद्यालय पटियाला) तथा प्रोफेसर चमन लाल (जम्मू विश्वविद्यालय) को ‘नेशनल उर्दू रत्न अवॉर्ड’ से नवाजा गया। इसके अलावा देश भर के शिक्षकों को सम्मानित किया गया जिसमें डॉ. आयशा सिद्दिका (हैदराबाद), क़दीर बीबी ((आंध्र प्रदेश), हसन साहब (कर्नाटक), देवदास कोणदेव (महाराष्ट्र), शेख हमीद कुरैशी (छत्तीसगढ़), आफ़ताब ज़िया (मुंबई), मो. वसी-उल-हक अंसारी (बिहार), डॉ. शाह फैसल (जम्मू-कश्मीर) तथा डॉ. शाहिद खान (फतेहपुर) उत्तर प्रदेश सहित महाराष्ट्र, कर्नाटक, मध्य प्रदेश, हरियाणा, तेलंगाना सहित विभिन्न राज्यों के शिक्षकों को सम्मानित किया गया।

आयोजन में विशिष्ट अतिथि प्रोफेसर चमन लाल ने कहा कि उनकी मातृभाषा डोगरी है, लेकिन उन्हें उर्दू भाषा से बेहद प्रेम है। उन्होंने अब तक उर्दू भाषा में 18 पीएच.डी. और 16 एम.फिल. शोधार्थियों का शोध-निर्देशन किया है।


इस अवसर पर डॉ. अज़हर सईद ने कहा कि उर्दू भाषा से प्रेम करने वाले लोग अपनी सारी जिम्मेदारी केवल सरकारों पर डालकर चैन से नहीं बैठ सकते। उन्होंने कहा कि “सिर्फ इतना कह देने से कि उर्दू भाषा बहुत मीठी है, काम नहीं चलेगा, बल्कि उसकी मिठास को दूसरों तक पहुंचाना भी होगा।” आयोजन में प्रोफेसर जितेंद्र परवाज़ ने अपनी ग़ज़लों एवं रचनाओं की प्रस्तुति से समां बांध दिया।

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  13. मानस्विनी क्लब शिविर में 130 परीक्षार्थियों का आकलन
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Natura के साथ Selfie लेने का समय है तो पौधरोपण की भी करें फिक्र तभी बचेगा पर्यावरण

अभी नहीं जागे तो सेल्फी पोज तो दूर हमें दिखेगा भी नहीं प्राकृतिक नज़ारा


 

@dil india live 

Varanasi (वाराणसी)। गर्मी से बचने के लिए लोग पहाड़ों की तरफ रुख करते हैं। कुछ दिन ही सही लेकिन प्रकृति के साथ जुड़ने के लिए जंगल, पर्वत पहाड़ों के बीच छुट्टियां मनाने निकल जाते हैं। खुद को नेचर से जोड़कर उत्साहित होते हैं, रोमांच का बखान स्वजनों से करते हैं। ऐतिहासिक पल को कैमरे में कैद करते हैं और सेल्फी लेकर यात्रा के लिए यादगार बनाते हैं।

लेकिन सवाल की ये सब करते वक्त उनके जेहन में ये बात क्यों नहीं आती कि जिस प्रकृति से जुड़ने के लिए और शुद्ध हवा पानी लेने के लिए वे पर्वत पहाड़ और जंगलों के बीच आते हैं उसके लिए पौध रोपण और पर्यावरण संरक्षण जरूरी है। वरना एक दिन सब उत्साह खत्म हो जाएगा। अभी नहीं जागे तो सेल्फी पोज तो दूर हमें प्राकृतिक का यह अनमोल नज़ारा दिखेगा भी नहीं। इसलिए वक्त रहते हमें जागना होगा। कहा जाता है कि जब जागो तभी सवेरा। 

पौधारोपण को बनाएं आंदोलन मिलेगा आनंद 

पौधारोपण को आप आंदोलन बनाएं आपको जो आनंद और सुकुन मिलेगा उसे आप बयां नहीं कर सकते। प्रकृति और मानव जीवन के संतुलन को बनाए रखने के लिए पौधारोपण (पेड़ लगाना) अत्यंत आवश्यक है। पौधारोपण के मुख्य लाभ और महत्व हम यहां जानेंगे:-

शुद्ध हवा: पेड़ कार्बन डाइऑक्साइड लेते हैं और जीवनदायिनी ऑक्सीजन छोड़ते हैं। 

प्रदूषण नियंत्रण: यह हवा से हानिकारक धूल और गैसों को फ़िल्टर करके वातावरण को साफ रखता है। 

मिट्टी का संरक्षण: पेड़ों की जड़ें मिट्टी को मजबूती से बांधकर रखती हैं, जिससे भूकम्प या बाढ़ के समय मिट्टी का कटाव (मृदा अपरदन) रुकता है। 

जल चक्र में सुधार: पेड़ वर्षा लाने में मदद करते हैं और भूजल स्तर को बनाए रखते हैं। 

वन्यजीवों का घर: पेड़ पक्षियों और कई जीवों को आश्रय और भोजन देते हैं।

मानसिक शांति: हरे-भरे पेड़ तनाव को कम करते हैं और मानसिक स्वास्थ्य में सुधार करते हैं।

पर्यावरण प्रेमी काजल की प्रेरक कहानी
आज हम बात करेंगे ऐसी ही पर्यावरण प्रेमी काजल विश्वकर्मा की। काजल वैसे तो मूलरूप से देवरिया जिले की हैं लेकिन पढ़ाई के लिए वाराणसी आयीं तो यहीं की होकर रह गयीं। वर्तमान में वह रिसर्च स्कॉलर हैं और पढ़ाई के साथ ही पौध रोपण पर भी इनका ध्यान है।

घर पर लगाए पौधे बने पेड़, हॉस्टल को बना दिया ग्रीन 

काजल ने बताया कि वह जिस हॉस्टल में रहती हैं वो आज हरा भरा है, क्योंकि खाद्य पानी और रखरखाव वो मन से करती हैं। घर से मिलने वाले हॉस्टल खर्च के पैसों में कुछ बचाकर गमले भी लायीं और पौध लगाया। इतना ही नहीं वाराणसी में ही अपने रिश्तेदारों के यहां भी पौध लगा दिया। काजल ने बताया कि वाराणसी से पौध ले जाकर वह अपने घर देवरिया में लगायी हैं। इसमें दर्जन से अधिक पौधे अब छायादार और फलदार हैं।

उनका मानना है कि शुद्ध हवा और पानी उन्हें अपने शहर में भी मिल सकता है बशर्ते कि पौध रोपण अभियान में हर किसी को आगे आना होगा। कुछ न करें तो कम से कम साल में एक पौध लगा दें कि उनकी आने वाली पीढ़ी को ऑक्सीजन के लिए भटकना नहीं पड़ेगा। शुद्ध वातावरण के लिए पैसे खर्च कर किसी हिल स्टेशन या जंगल सफारी नहीं जाना होगा। सकून भरा वातावरण अपने शहर में भी प्राप्त कर सकते हैं बशर्ते की सभी को पौध रोपण के लिए आगे आना होगा साथ ही संरक्षण की जिम्मेदारी उठानी होगी।

काजल कर रही हैं पर्यावरण की पहरेदारी 

काजल विश्वकर्मा आज युवाओं के लिए प्रेरणा बन गयी हैं। जितनी की पढ़ाई, उतना ही होता है जितनी को पौधों से लगाव। इसका अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि वो जिस हॉस्टल में रहती हैं वो आज हरा भरा है। उनसे प्रेरणा लेकर काफी लोग पौधे लगा रहे हैं।


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सोमवार, 14 सितंबर 2026

Ahmedabad news hindi pakhwada 2026:postmaster general krishna kumar yadav बोलें, हिन्दी सिर्फ साहित्य नहीं बल्कि विज्ञान से लेकर नवाचार की भाषा

डाक विभाग में हिंदी पखवाड़े का पोस्टमास्टर जनरल कृष्ण कुमार यादव ने किया उद्घाटन





Ahmedabad postel department news hindi pakhwada 14 September 2026
  • @dil india live 

Ahmedabad (अहमदाबाद)। हिंदी मात्र एक भाषा नहीं, अपितु भारतीय संस्कृति, संस्कारों एवं जीवन मूल्यों की प्रबल संवाहक है। हिंदी हमारी मातृभाषा के साथ-साथ राजभाषा भी है, ऐसे में इसके विकास के लिए जरुरी है कि हम हिंदी भाषा को व्यवहारिक क्रियाकलापों के साथ-साथ राजकीय कार्य में भी प्राथमिकता दें।

उक्त उद्गार उत्तर गुजरात परिक्षेत्र के पोस्टमास्टर जनरल कृष्ण कुमार यादव ने डाक विभाग द्वारा क्षेत्रीय कार्यालय, अहमदाबाद में आयोजित हिंदी पखवाड़ा के शुभारंभ के अवसर पर व्यक्त किए। इससे पूर्व उन्होंने मां सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण कर और दीप प्रज्वलित कर 'हिंदी दिवस' एवं 'हिंदी पखवाड़ा' (14-28 सितंबर) का शुभारंभ किया।



पोस्टमास्टर जनरल कृष्ण कुमार यादव ने कहा कि अपनी सहजता, मधुरता और वैज्ञानिक दृष्टिकोण के बल पर हिंदी भाषा ने वैश्विक स्तर पर विशेष प्रतिष्ठा अर्जित की है। एथनोलॉग के अनुसार हिन्दी विश्व की तीसरी सबसे अधिक बोली जाने वाली भाषा है, वहीं विश्व आर्थिक मंच की गणना के अनुसार यह विश्व की दस शक्तिशाली भाषाओं में से एक है।

उन्होंने कहा कि विश्व के 132 देशों में जा बसे भारतीय मूल के लगभग 2 करोड़ लोग हिंदी माध्यम से ही अपना कार्य निष्पादित करते हैं। विदेशों में 150 से अधिक विश्वविद्यालयों में हिन्दी पढ़ाई जा रही है।

श्री यादव ने कहा कि हिन्दी सिर्फ संवाद व साहित्य ही नहीं बल्कि विज्ञान से लेकर संचार-क्रांति, सूचना-प्रौद्योगिकी और नवाचार की भाषा भी है। भारत सरकार द्वारा विकास कार्यक्रमों और जनसेवाओं के संचालन में हिंदी के प्रयोग को लगातार प्रोत्साहित किया जा रहा है। आज स्थिति यह है कि संयुक्त राष्ट्र जैसी अंतर्राष्ट्रीय संस्थाओं में भी हिंदी की आवाज़ गूंजने लगी है।

अंताक्षरी का भी आयोजन

सहायक निदेशक (राजभाषा) अल्पेश शाह ने बताया कि हिंदी पखवाड़े के अंतर्गत 14 से 28 सितंबर, 2026 तक उत्तर गुजरात परिक्षेत्र में डाककर्मियों के लिए निबंध लेखन, काव्य-पाठ, हिंदी व्याकरण, प्रश्नोत्तरी, अनुवाद, तात्कालिक भाषण और अंताक्षरी का आयोजन किया जाएगा।

इनकी रही खास मौजूदगी 
कार्यक्रम में सहायक निदेशक अल्पेश आर. शाह, वारिस वहोरा, रितुल एन. गांधी, वरिष्ठ लेखाधिकारी पूजा राठोर सहित तमाम अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन गौरी शंकर कुमावत ने किया।

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  9. VKM में बेकिंग कार्यशाला - छात्राएं बनी आत्मनिर्भर
  10. 15 छात्राओं ने 50 से अधिक कृतियों की प्रदर्शनी लगाई
  11. आत्महत्या व्यक्तिगत नहीं सामाजिक विषय
  12. मानस्विनी क्लब शिविर में 130 परीक्षार्थियों का आकलन
  13. स्वस्थ रहना बीमारियों से बचाव तक सीमित नहीं
  14. वूमन स्पिरिट सोसायटी का शिवशक्ति स्वरूपा कार्यक्रम