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ब्रेकिंग न्यूज

ब्रेकिंग न्यूज़
🔴 ।CBSC ने दसवीं व बारहवीं के बोर्ड एग्जाम का जारी किया शिडयूल, 16 फरवरी होगा इंतहान । 🔴 वाराणसी निवासी डाक्टर शाह मेराज अहमद बनें समाजवादी पार्टी के प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य, वाराणसी में हर्ष। 🔴 छठ के पहले शहर के घाटों को साफ़ करने व सजाने की तैयारियां। 🔴 वाराणसी में चोलापुर के गुरवट गांव में शव रखकर मुख्य मार्ग जाम करने वाले 47 लोगों पर 8 धाराओं में मुकदमा पंजीकृत । 🔴 मां अन्नपूर्णा के दिव्य दर्शन के लिए उमड़ा भक्तों का सैलाब, दस नवंबर तक मिलेगा खजाने का प्रसाद । 🔴 पूर्वांचल की सड़कों पर धनतेरस की खरीदारी करने उमड़ा जनसैलाब। ताज़ा अपडेट के लिए बनें रहें हमारे साथ dil india live news portal

रविवार, 8 नवंबर 2026

Science Exhibition:वीणा पाणी शिक्षा निकेतन में दिखा विज्ञान, तकनीक और आधुनिक भारत की परिकल्पना का मॉडल


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(Varanasi)। वीणा पाणी शिक्षा निकेतन इंग्लिश मीडियम स्कूल, भदऊ, राजघाट, वाराणसी में शनिवार को एक दिवसीय विद्यालय स्तरीय विज्ञान एवं रचनात्मकता प्रदर्शनी का आयोजन किया गया। प्रदर्शनी में 100 से अधिक विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और अपनी प्रतिभा, कल्पनाशीलता तथा वैज्ञानिक सोच का शानदार प्रदर्शन किया।

प्रदर्शनी में विद्यार्थियों द्वारा तैयार किए गए ‘मेरे सपनों का भारत’, एयर शो, स्मार्ट सिटी, न्यूक्लियर पावर प्लांट, मानव फेफड़ों की संरचना एवं कार्यप्रणाली, इंडियन आर्मी, AI स्मार्ट मॉडल, ज्वालामुखी मॉडल तथा रंगोली प्रतियोगिता विशेष आकर्षण के केंद्र रहे। विद्यार्थियों ने अपने मॉडल के माध्यम से विज्ञान, तकनीक, ऊर्जा, पर्यावरण, राष्ट्रीय सुरक्षा, कृत्रिम बुद्धिमत्ता और विकसित भारत की परिकल्पना को सरल एवं रोचक तरीके से प्रस्तुत किया।



कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों में वैज्ञानिक दृष्टिकोण, रचनात्मकता, आत्मविश्वास, टीमवर्क और नवाचार की भावना को प्रोत्साहित करना था। प्रदर्शनी में बच्चों ने न केवल अपने मॉडल प्रदर्शित किए, बल्कि उनके काम करने के तरीके और उपयोगिता के बारे में भी विस्तार से जानकारी दी।

इस अवसर पर विद्यालय के मैनेजिंग डायरेक्टर जितेंद्र उपाध्याय एवं प्रधानाचार्या कंचन पांडेय के मार्गदर्शन में कार्यक्रम का आयोजन किया गया। विशेष अतिथि के रूप में शताधिक रक्तदाता राजेश कुमार गुप्ता एवं अधिवक्ता गौतम झा उपस्थित रहे। उन्होंने विद्यार्थियों की प्रतिभा और उनके प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि इस प्रकार की प्रदर्शनियां बच्चों को किताबी ज्ञान के साथ-साथ व्यावहारिक अनुभव प्रदान करती हैं और उनमें नई सोच विकसित करती हैं। कार्यक्रम के आयोजन में वीणा पाणी शिक्षा निकेतन स्कूल के इंटरैक्ट क्लब तथा रोटरी क्लब ब्लड एंड ऑर्गन डोनर्स वाराणसी का सहयोग रहा।

इनका रहा खास योगदान 

प्रदर्शनी को सफल बनाने में विद्यालय की शिक्षिकाओं स्नेहा खरवार, कार्तिका यादव, खुशबू यादव, नेहा अग्रहरी, चंदा गुप्ता, खुशबू तिवारी, वीना भारतीय, दया शाह एवं मुस्कान सोनकर का विशेष योगदान एवं सहयोग रहा।


कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों ने सामाजिक जागरूकता का भी सराहनीय संदेश दिया। बच्चों ने वाराणसी के प्रमुख पर्यटन स्थल नमो घाट को गुटखा मुक्त बनाने की अपील की। उन्होंने नागरिकों एवं पर्यटकों से आग्रह किया कि सार्वजनिक स्थलों पर गुटखा और तंबाकू का सेवन न करें तथा नमो घाट सहित शहर के सभी सार्वजनिक स्थानों को स्वच्छ और नशामुक्त बनाए रखने में सहयोग दें। 



बच्चों ने संदेश दिया कि काशी की धार्मिक, सांस्कृतिक और पर्यटन संबंधी पहचान को बनाए रखने के लिए स्वच्छता के साथ-साथ स्वस्थ एवं नशामुक्त वातावरण भी आवश्यक है।

कार्यक्रम के अंत में अतिथियों ने विद्यार्थियों की मेहनत, शिक्षकों के मार्गदर्शन और विद्यालय की इस पहल की सराहना की। यह प्रदर्शनी विद्यार्थियों के लिए अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने के साथ-साथ समाज और देश के प्रति अपनी जिम्मेदारी समझने का एक प्रेरणादायक अवसर बनी।

Education News Varanasi: कम्पोजिट विद्यालय खानपुर के Students ने दीपोत्सव पर सजाया रंगोली से School

cultural and educational news Varanasi November 2026

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(Varanasi). कम्पोजिट विद्यालय खानपुर विकास क्षेत्र चिरईगांव वाराणसी में दीपावली की पूर्व संध्या पर प्राथमिक एवं पूर्व माध्यमिक विद्यालय के बच्चों के द्वारा दीपावली पर्व का उत्सव उत्साह और धूमधाम से मनाया गया। इस अवसर पर बच्चों ने अनेको रंगोली बनाकर उसके बीच दीपोत्सव कर उपस्थित लोगो को मंत्रमुग्ध कर दिया और अपनी कला का उत्कृष्ट प्रदर्शन किया, जिसकी मौजूद सभी शिक्षक -शिक्षकाओं व अभिभावकों ने सराहना की। 


विद्यालय की इंचार्ज प्रधानाध्यापिका इंदिरा सिंह ने इस अवसर पर बच्चों को मध्यान्ह भोजन के पश्चात टॉफ़ी और बिस्कुट वितरण कर उनका उत्साहवर्धन किया। पूर्व जिलाध्यक्ष उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ 1160 सहायक अध्यापक महेंद्र बहादुर सिंह ने दीपावली पर्व के महत्व के बारे में विस्तार से चर्चा की।




इनकी रही खास मौजूदगी 

इस अवसर पर सुनीता भट्ट, मालती यादव, नीलिमा प्रभाकर, पार्वती राय, पूजा तिवारी संदीप सिंह, मीनू देवी, सुशीला देवी, रीता देवी एवं विद्यालय प्रबंध समिति के सम्मानित सदस्यगण उपस्थित रहे तथा बच्चों के उत्कृष्ट कला की मुक्तकंठ से सराहना की।



शनिवार, 7 नवंबर 2026

Varanasi के Shah Meraj Ahmad समाजवादी पार्टी की उत्तर प्रदेश राज्य कार्यकारिणी में सदस्य मनोनीत


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(Lucknow). समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय नेतृत्व ने वाराणसी के सामाजिक कार्यकर्ता व प्रतिष्ठित नागरिक शाह मेराज अहमद पर भरोसा जताते हुए उन्हें उत्तर प्रदेश राज्य कार्यकारिणी का सदस्य मनोनीत किया है। यह मनोनयन समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव की संस्तुति और अनुमोदन के बाद किया गया है।   

समाजवादी पार्टी के उत्तर प्रदेश अध्यक्ष श्याम लाल पाल द्वारा जारी मनोनयन पत्र के अनुसार, सारनाथ मवैया (रुद्र लक्ष्मी कुंज) निवासी शाह मेराज अहमद को पार्टी संगठन को मजबूती प्रदान करने के लिए प्रदेश कार्यकारिणी में यह महत्वपूर्ण जिम्मेदारी दी गई है।   


इस आशय की आधिकारिक प्रतिलिपि सपा के राष्ट्रीय प्रमुख महासचिव प्रो. रामगोपाल यादव, जिलाध्यक्ष/महानगर अध्यक्ष वाराणसी तथा राष्ट्रीय अध्यक्ष के निजी सचिव को प्रेषित कर दी गई है। शाह मेराज अहमद के मनोनयन पर पार्टी कार्यकर्ताओं एवं समर्थकों ने हर्ष व्यक्त करते हुए शीर्ष नेतृत्व का आभार जताया है। दिल इंडिया लाइव से शाह मेराज अहमद ने बताया कि उन्हें जिस जिम्मेदारी के साथ यह पद दिया गया है मैं भरोसा दिलाता हूं कि इसमें मैं कभी पीछे नहीं हटूंगा। गौरतलब हो कि शाह मेराज वाराणसी में काफी सक्रिय हैं और विभिन्न तंजीमो से जुड़े हुए हैं। उनके सपा में सक्रिय होने से पार्टी को मजबूती मिलेगी।




MGKVP University Varanasi Or ICSSR द्वारा आयोजित सेमिनार के समापन सत्र में वक्ताओं ने राष्ट्र निर्माण में युवाओं की श भागीदारी पर दिया जोर

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(Varanasi). महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ, वाराणसी एवं भारतीय सामाजिक विज्ञान अनुसंधान परिषद (ICSSR) के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित कार्यक्रम का समापन हुआ। आयोजन की अध्यक्षता टी.डी. कॉलेज, जौनपुर के प्रो. जगदीश सिंह दीक्षित ने की। मुख्य अतिथि स्नातकोत्तर महाविद्यालय, गाजीपुर के प्राचार्य प्रो. राघवेंद्र कुमार पाण्डेय तथा मुख्य वक्ता विश्वविद्यालय के समाजकार्य विभाग के प्रो. के.के. सिंह थे।

अध्यक्षीय संबोधन में प्रो. जगदीश सिंह दीक्षित ने कहा कि इस प्रकार के शैक्षणिक आयोजन विद्यार्थियों के व्यक्तित्व विकास, सामाजिक चेतना एवं राष्ट्र के प्रति उत्तरदायित्व की भावना को मजबूत करते हैं।



मुख्य अतिथि प्रो. राघवेंद्र कुमार पाण्डेय ने कहा कि शिक्षा एवं सामाजिक गतिविधियां युवाओं में नेतृत्व क्षमता, अनुशासन और सामाजिक दायित्व की भावना विकसित करती हैं। उन्होंने ऐसे आयोजनों को समाज और राष्ट्र के विकास की दिशा में महत्वपूर्ण पहल बताया।

मुख्य वक्ता प्रो. के.के. सिंह ने कहा कि समाजकार्य सामाजिक बदलाव का सशक्त माध्यम है। उन्होंने युवाओं से सामाजिक समस्याओं के प्रति संवेदनशील बनने और समाज के वंचित वर्गों के उत्थान में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया।



कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि के रूप में विश्वविद्यालय के कुलानुशासक डॉ. अम्बरीश राय, अर्थशास्त्र विभाग के प्रो. राकेश तिवारी, राष्ट्रीय सेवा योजना के समन्वयक प्रो. राहुल गुप्ता, सकलडीहा पी.जी. कॉलेज, चंदौली के समाजशास्त्र विभाग के प्रो. दयाशंकर सिंह तथा राजनीति विज्ञान विभाग के डॉ. रेशम लाल उपस्थित रहे। परिसर प्रभारी डॉ॰ मनीष कुमार सिंह ने  धन्यवाद ज्ञापन के साथ कार्यक्रम का समापन किया।


इनकी रही खास मौजूदगी 

कार्यक्रम के सफल आयोजन में समन्वयक डॉ. राम प्रकाश सिंह यादव, सह-समन्वयक डॉ. अविनाश कुमार सिंह, आयोजन सचिव डॉ. पी.एल. विजय एवं डॉ. सर्वेश कुमार मिश्रा, कोषाध्यक्ष डॉ. राजेश कुमार तथा तकनीकी सहायक डॉ. सुमित कुमार घोष, डॉ॰ रमेश मिश्रा, डॉ. बेबी चौरसिया एवं डॉ. अभिषेक श्रीवास्तव एवं ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।


शुक्रवार, 6 नवंबर 2026

Crime News: सवा करोड़ से अधिक मूल्य के 130 क्विंटल अवैध पटाखे बरामद, 35 मुकदमों में कुल 48 अभियुक्त गिरफ्तार

crime News Varanasi zone 06 November 2026

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(Varanasi). अपर पुलिस महानिदेशक वाराणसी जोन नवीन अरोरा द्वारा आगामी त्योहारों (धनतेरस, दीपावली, गोवर्धन पूजा, भैया दूज, छठ पर्व एवं देव दीपावली) के दृष्टिगत जोन के जनपदों में एक विशेष अभियान चलाया गया, जिसमें जनपद भदोही से 06 मुकदमों में 08 अभियुक्तों से सर्वाधिक 3417 किग्रा, मऊ से 08 मुकदमों में 08 अभियुक्तों से 2377 किग्रा, बलिया से 04 मुकदमों में 10 अभियुक्तों से 2241 किग्रा, मीरजापुर से 06 मुकदमों में 06 अभियुक्तों से 1313 किग्रा,आजमगढ़ से 04 मुकदमों में 05 अभियुक्तों से 1055 किग्रा,जौनपुर से 02 मुकदमों में 03 अभियुक्तों से 949 किग्रा,सोनभद्र से 01 मुकदमों में 02 अभियुक्तों से 918 किग्रा,चन्दौली से 02 मुकदमों में 02 अभियुक्तों से 628 किग्रा एवं गाजीपुर से 02 मुकदमों में 04 अभियुक्तों से 523 किग्रा अवैध पटाखे बरामद किये गये । 

विस्फोटक पदार्थ अधिनियम के तहत कार्यवाही

अपर पुलिस महानिदेशक वाराणसी जोन नवीन अरोरा ने बताया कि संबंधित अभियुक्तगण के विरूद्ध विस्फोटक पदार्थ अधिनियम एवं BNS की विभिन्न सुसंगत धाराओं के तहत कार्यवाही की गयी है । 

                  ADG Zone ने जन जागरुकता के दृष्टिगत अग्नि दुर्घटनाओं से संभावित जन-धन की हानि को रोकने के लिए मीडिया के माध्यम से पटाखा व्यावसायियों एवं व्यापार संघ से अपील की है कि अवैध पटाखों का बिना लाइसेंस के निर्माण, भंडारण एवं विक्रय न करें। क्यों कि  यह  न केवल कानूनी अपराध है, बल्कि आम जनता एवं गरीब श्रमिकों के जीवन के लिए भी अत्यंत खतरनाक है। 

अस्पतालों, स्कूल/कॉलेज,भीड़-भाड़ वाले रिहायशी इलाकों में लापरवाही से बड़े हादसों की आशंका बनी रहती है ऐसे में केवल चिन्हित खुले मैदानों/सुरक्षित स्थानों पर अनापत्ति प्रमाण पत्र(NOC) धारक व्यापारियों द्वारा ही दुकानें लगायी जाए बल्कि लाइसेन्स शर्तों के अनुसार ही भण्डारण, पटाखों की मात्रा रखी जाए तथा दुकानें निर्धारित आकार (Size) के अनुसार लगायी जाए। दुकानों पर फायर एक्सटिंग्यूशर एवं फायर निरोधक संसाधन अवश्य रखा जाए। 

                   



पारंपरिक त्योहारों की  खुशियों, ध्वनि व वायु प्रदूषण,पर्यावरण एवं स्वास्थ्य सुरक्षा के बीच संतुलन रखते हुए रिहायशी इलाकों से दूर खुले मैदान में अग्निशमन के पुख्ता इंतजाम करते हुए सर्वोच्च न्यायालय तथा NGT द्वारा पूर्व में पारित आदेश एवं प्रशासन/पुलिस के निर्देशों के अनुरूप लाइसेंसधारी व्यक्तियों/व्यापारियों द्वारा निर्धारित मानक, सामग्री, स्थान व लाइसेंस शर्तों के तहत् ही पटाखा विक्रय का अनुरोध किया है । समस्त जनपदों में अवैध पटाखा निर्माण, भण्डारण, परिवहन व विक्रय संबंधी पुलिस अभियान देवदीपावली तक जारी रहेंगे ।

Asha Trust ने Schools में लगवाई आजादी के महानायकों की photos


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(Varanasi). आजादी के महानायकों और तत्कालीन समाज सुधारकों से बच्चों को परिचित कराने के उद्देश्य से सामाजिक संस्था आशा ट्रस्ट ने "हमारे आदर्श" श्रृंखला के तहत चौबेपुर क्षेत्र के 3 सरकारी विद्यालयों की कक्षाओं में 50 महानायकों के चित्रों के पोस्टर लगवाये हैं  ।   इसमें प्राथमिक विद्यालय चौबेपुर द्वितीय,  प्राथमिक विद्यालय पलकहा  तथा रघुवंश इंटर कालेज धौरहरा शामिल हैं। 


संस्था के समन्वयक वल्लभाचार्य पाण्डेय ने बताया कि इससे बच्चों को आजादी के महानायकों और उस समय के समाज सुधारकों  के बारे जानने के प्रति रूचि बढ़ेगी। चित्रों पर नाम, जन्मतिथि और पुण्यतिथि अंकित की गयी है जिससे इन अवसरों पर अध्यापक कक्षा में बच्चों को इन महापुरुषों के बारे में अवगत कराएंगे। उन्होंने बताया कि इस सत्र में कुल 14 विद्यालयों ऐसे पोस्टर लगाए जायेंगे ।

इस कार्य में प्रदीप सिंह, अमर बहादुर , विनोद यादव आदि सहित विद्यालय के शिक्षकों ने सहयोग किया।


Education News VKM 05 November 2026: इतिहास का अध्ययन केवल पाठ्यपुस्तकों और लिखित स्रोतों तक सीमित नहीं -प्रो. पूनम पाण्डेय

जनजातीय गौरव दिवस पर वसंत कन्या महाविद्यालय में ‘कांतारा: अ लीजेंड’ का प्रदर्शन

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(Varanasi)। वसंत कन्या महाविद्यालय, कमच्छा, वाराणसी  के इतिहास विभाग द्वारा जनजातीय गौरव दिवस के उपलक्ष्य में ‘इतिहास दर्पण – चलचित्र अभिलेख’ पहल के अंतर्गत विशेष फिल्म प्रदर्शन एवं अकादमिक परिचर्चा का आयोजन किया गया। महाविद्यालय के सेमिनार हॉल में आयोजित इस कार्यक्रम में विभिन्न विभागों की छात्राओं एवं शिक्षकों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की।

कार्यक्रम का शुभारंभ महाविद्यालय की प्राचार्या प्रो. आशा यादव के उद्घाटन संबोधन से हुआ। उन्होंने इतिहास, संस्कृति और सामाजिक विरासत को समझने के लिए ऐसे शैक्षणिक एवं रचनात्मक आयोजनों के महत्व पर प्रकाश डाला। इतिहास विभाग की अध्यक्ष प्रो. पूनम पाण्डेय ने अपने संबोधन में कहा कि इतिहास का अध्ययन केवल पाठ्यपुस्तकों और लिखित स्रोतों तक सीमित नहीं है, बल्कि लोक परंपराओं, सांस्कृतिक अभिव्यक्तियों और समुदायों की ऐतिहासिक स्मृतियों को समझना भी इसका महत्वपूर्ण पक्ष है।



इसके पश्चात ‘कांतारा: अ लीजेंड’ फिल्म का प्रदर्शन किया गया। फिल्म प्रदर्शन के उपरांत ‘स्रोत, संदर्भ और संवाद’ विषय पर अकादमिक परिचर्चा आयोजित हुई। परिचर्चा में फिल्म के माध्यम से प्रस्तुत आदिवासी समाज, उसकी सांस्कृतिक परंपराओं, भूमि, आस्था और सामुदायिक पहचान से जुड़े प्रश्नों पर विचार-विमर्श किया गया।

चर्चा के दौरान औपनिवेशिक वन कानूनों, आरक्षित वनों की अवधारणा तथा वन और भूमि पर समुदायों के पारंपरिक अधिकारों के प्रश्न को विशेष रूप से रेखांकित किया गया। साथ ही यह विचार किया गया कि औपनिवेशिक शासन से लेकर स्वतंत्रता के बाद तक राज्य और आदिवासी समुदायों के बीच संबंधों में किस प्रकार परिवर्तन आए हैं। फिल्म में भूत कोला की परंपरा, लोक आस्था और सांस्कृतिक स्मृति के चित्रण के साथ-साथ विकास, सत्ता, पहचान और सामुदायिक अधिकारों के अंतर्संबंधों पर भी चर्चा हुई। छात्राओं ने फिल्म में प्रस्तुत कथानक और ऐतिहासिक-सामाजिक वास्तविकताओं के बीच संबंधों को समझने का प्रयास किया।



प्रभावशाली माध्यम हो सकता सिनेमा 

कार्यक्रम के समापन पर इसकी संयोजक डॉ. स्वेता सिंह ने परिचर्चा के प्रमुख बिंदुओं का सार प्रस्तुत करते हुए धन्यवाद ज्ञापन किया। उन्होंने कहा कि सिनेमा इतिहास को समझने और उस पर प्रश्न उठाने का एक प्रभावशाली माध्यम हो सकता है, बशर्ते उसे आलोचनात्मक दृष्टि से देखा और परखा जाए।

इस आयोजन का उद्देश्य छात्राओं को कक्षा में पढ़ाए जा रहे जनजातीय इतिहास और औपनिवेशिक भारत में हाशिये के समुदायों से संबंधित विषयों को समकालीन सामाजिक-सांस्कृतिक संदर्भों से जोड़ना था। कार्यक्रम ने सिनेमा को अकादमिक विमर्श से जोड़ते हुए छात्राओं में ऐतिहासिक दृष्टि, संवाद और आलोचनात्मक चिंतन को प्रोत्साहित किया।

कार्यक्रम के सफल संचालन में छात्र संयोजक ऐंदवी त्रिपाठी, सृष्टि सिंह, तृप्ति सिंह एवं अन्नुक्ता गजमेर का महत्वपूर्ण योगदान रहा।

गुरुवार, 5 नवंबर 2026

Education News: Bhartiya Gyan Parampara और आधुनिक नवाचार पर हुई राष्ट्रीय संगोष्ठी, 11 राज्यों के प्रतिभागियों ने की सहभागिता

Gangapur Campus MGKVP university news2026

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(Varanasi). महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ, वाराणसी के महाराजा (डॉ.) विभूति नारायण सिंह गंगापुर परिसर स्थित राजनीति विज्ञान विभाग द्वारा ‘भारतीय ज्ञान परंपरा और आधुनिक नवाचार’ विषय पर राष्ट्रीय संगोष्ठी का आयोजन किया गया। संगोष्ठी में देश के 11 राज्यों से आए शिक्षाविदों, शोधार्थियों एवं प्रतिभागियों ने सहभागिता की।

संगोष्ठी की अध्यक्षता विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. आनंद कुमार त्यागी ने की। मुख्य अतिथि काशी हिंदू विश्वविद्याल प्रबंध अध्ययन संस्थान के निदेशक प्रो. आशीष बाजपेयी तथा विशिष्ट अतिथि काशी हिंदू विश्वविद्यालय राजनीति विज्ञान विभागाध्यक्ष प्रो. तेज प्रताप सिंह रहे। मुख्य वक्ता प्रो. बंशीधर पांडेय ने भारतीय ज्ञान परंपरा के विविध आयामों पर विचार व्यक्त किया।


भारतीय ज्ञान परंपरा हमारी विरासत 

अध्यक्षीय उद्बोधन में कुलपति प्रो. आनंद कुमार त्यागी ने कहा कि भारतीय ज्ञान परंपरा हमारी सांस्कृतिक एवं बौद्धिक विरासत का आधार है। इसे आधुनिक शिक्षा, अनुसंधान और नवाचार से जोड़कर समकालीन चुनौतियों के समाधान की दिशा में कार्य करना आवश्यक है।

मुख्य अतिथि प्रो. आशीष बाजपेयी ने कहा कि भारतीय ज्ञान परंपरा में निहित नैतिकता, नेतृत्व, प्रबंधन एवं सामूहिक विकास के सिद्धांत आधुनिक प्रबंधन व्यवस्था के लिए अत्यंत उपयोगी हैं। भारतीय चिंतन और आधुनिक तकनीक के समन्वय से विकास की नई संभावनाएं विकसित की जा सकती हैं।


विशिष्ट अतिथि प्रो. तेज प्रताप सिंह ने भारतीय ज्ञान परंपरा के सामाजिक, राजनीतिक एवं लोकतांत्रिक पक्षों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि भारत की प्राचीन शासन व्यवस्था, लोककल्याण और सहभागिता की अवधारणाएं वर्तमान लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए भी प्रासंगिक हैं।

भारतीय ज्ञान परंपरा में विज्ञान, दर्शन

मुख्य वक्ता प्रो. बंशीधर पांडेय ने कहा कि भारतीय ज्ञान परंपरा में विज्ञान, दर्शन, प्रकृति और मानव जीवन से संबंधित व्यापक दृष्टिकोण समाहित है। इस ज्ञान का वैज्ञानिक एवं अनुसंधानपरक अध्ययन कर इसे आधुनिक नवाचारों से जोड़ने की आवश्यकता है।


राष्ट्रीय संगोष्ठी की महत्वपूर्ण उपलब्धि के रूप में एक सारांशिका, तीन संकलित पुस्तकों तथा एक शोध पत्रिका के विशेषांक का प्रकाशन किया गया। इन प्रकाशनों के माध्यम से संगोष्ठी में प्रस्तुत शोधपत्रों, विचारों एवं अकादमिक विमर्श को स्थायी स्वरूप प्रदान किया गया। 11 राज्यों के प्रतिभागियों की सहभागिता और अकादमिक प्रकाशनों की उपलब्धि ने संगोष्ठी की राष्ट्रीय स्तर पर सफलता को रेखांकित किया।



कार्यक्रम के सफल आयोजन में परिसर प्रभारी डॉ. मनीष कुमार सिंह का मार्गदर्शन एवं सहयोग रहा। संगोष्ठी के संयोजक डॉ. राम प्रकाश सिंह यादव, सह-संयोजक डॉ. अविनाश सिंह, आयोजन सचिव डॉ. सर्वेश मिश्रा एवं डॉ. पुरुषोत्तम लाल विजय तथा कोषाध्यक्ष डॉ. राजेश कुमार रहे। तकनीकी विशेषज्ञ के रूप में डॉ. सुमित घोष एवं डॉ. बेबी चौरसिया ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

संगोष्ठी में विभिन्न राज्यों से आए शिक्षाविदों, शोधार्थियों एवं प्रतिभागियों ने अपने शोधपत्र प्रस्तुत किए तथा भारतीय ज्ञान परंपरा और आधुनिक नवाचार के विभिन्न पहलुओं पर सार्थक विमर्श किया। अंत में आयोजकों ने सभी अतिथियों, वक्ताओं, प्रतिभागियों एवं सहयोगियों के प्रति आभार व्यक्त किया।

बुधवार, 4 नवंबर 2026

DAV PG College Varanasi के Students अब लेंगे AI और क्लाउड कंप्यूटिंग का प्रशिक्षण

DAV PG College Varanasi Education News 4 November 2026

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(Varanasi). वाराणसी के डीएवी पीजी कॉलेज में छात्रों को स्किल इण्डिया के तहत अब AI (एआई), क्लाउड कंप्यूटिंग और नेटवर्किंग का प्रशिक्षण मिलेगा। इस सम्बंध में कॉलेज और नेटवर्किंग कंपनी माइंडटेक इन्फोट्रैन लिमिटेड (जेटकिंग की फ्रेंचाइजी) के बीच एमओयू पर हस्ताक्षर हुए। आइक्यूएसी के अंतर्गत हुए इस एमओयू के जरिये अब डीएवी के स्नातक के विद्यार्थियों को एआई से जुड़े सभी टूल्स, सॉफ्टवेयर का प्रशिक्षण मिलेगा साथ ही साथ क्लाउड कंप्यूटिंग और नेटवर्किंग (Cloud computing or Networking) का भी प्रशिक्षण दिया जायेगा।

एआई समय की मांग-डॉ. पारुल जैन

आइक्यूएसी की समन्वयक डॉ. पारुल जैन ने बताया कि एआई समय की मांग है और हमारे विद्यार्थियों को उसकी तकनीक से अवगत कराने के लिए यह MOU (एमओयू) किया गया है, इसका लाभ यह होगा कि दोनों संस्थान समय समय पर वर्कशाप के माध्यम से छात्रों को प्रशिक्षण देंगे, इसके अलावा इस प्रशिक्षण के आधार पर प्लेसमेंट के भी बहुत सारे रास्ते खुल जायेंगे। 



   एमओयू पर  कॉलेज के का. प्राचार्य प्रो.मिश्रीलाल एवं माइंडटेक इन्फो के वाराणसी यूनिट के निदेशक मयंक सिंह ने हस्ताक्षर किए। प्रबन्धक अजीत कुमार सिंह यादव ने एमओयू पर हर्ष जताया और इसे छात्रों के स्किल डेवलपमेंट के लिए आवश्यक बताया। इस मौके पर माइंडटेक इंफ्राट्रेन की ओर से यूजीडीसीए पाठ्यक्रम के विद्यार्थियों के लिए दो दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। प्रशिक्षक अनिल दवे और रोहित कुमार ने प्रतिभागियों को एआई और क्लाउड कम्प्यूटिंग की बारीकियों से अवगत कराया। कार्यशाला का संयोजन डॉ. शान्तनु सौरभ और स्वागत नजम उज्ज जमान ने किया।

Basanta College for women राजघाट ऑडिटोरियम में ओरिएंटेशन एवं इंटरैक्टिव सत्र का हुआ आयोजन



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(Varanasi). वसंता कॉलेज फॉर वूमेन में को-करिकुलर समिति द्वारा आयोजित महिन्द्रा कबीरा फेस्टिवल के अन्तर्गत 'कबीरा आर्ट प्रोजेक्ट' का दूसरा संस्करण 04-06 दिसम्बर 2026 को आयोजन किया जायेगा। इस आयोजन के उद्देश्य, स्वरूप एवं सहभागिता से सम्बन्धित जानकारी प्रदान करने के लिए 4 नवंबर, 2026 को दोपहर 1:00 बजे महाविद्यालय के ऑडिटोरियम में एक ओरिएंटेशन एवं इंटरैक्टिव सत्र आयोजित किया गया। इस अवसर पर अतिथि वक्ता राज जोग सिंह (समन्वयक महिन्द्रा कबीरा फेस्टिवल) को अङ्गवस्त्र द्वारा सम्मानित किया गया ।



इस सत्र में UG प्रथम वर्ष तथा BFA/पेंटिंग के सभी विद्यार्थियों की सहभागिता अनिवार्य निर्धारित की गई। सत्र के माध्यम से छात्राओं को कला, रचनात्मक अभिव्यक्ति एवं कबीरा आर्ट प्रोजेक्ट से जुड़ने के अवसरों से परिचित कराया गया। यह आयोजन विद्यार्थियों में कलात्मक दृष्टिकोण, रचनात्मकता एवं सांस्कृतिक समझ विकसित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है।

कार्यक्रम का समन्वयन एवं संचालन डॉ. मनीषा मिश्र द्वारा किया गया। कार्यक्रम का समापन अतिथि वक्ता, समन्वयक, शिक्षकों, छात्राओं एवं सभी सहयोगियों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए डॉ. तमन्ना शाहीन द्वारा किया गया। इस कार्यक्रम में लगभग 90 छात्राओं ने भाग लिया। इस अवसर पर प्रो. संजीव कुमार, प्रो. परवीन सुल्ताना, प्रो. सौरभ सिंह, डॉ. रश्मि राय, डॉ. तमन्ना शाहीन, डॉ. आकांक्षा चौरसिया, डॉ. शाहिना तहसीन, डॉ. सोनू एवं अन्य शिक्षकगण की गरिमामयी उपस्थिति रहीं।

DAV PG College Varanasi में शोध प्राविधि पर दो दिवसीय workshop सम्पन्न




@dil india live (Varanasi). वाराणसी के डीएवी पीजी कॉलेज में राजनीति विज्ञान विभाग द्वारा आयोजित सामाजिक विज्ञान में शोध प्राविधि पर दो दिवसीय कार्यशाला सोमवार को शुरू हुईं थी जिसका मंगलवार को समापन हुआ। दूसरे दिन मुख्य वक्ता मनोविज्ञान विभाग के सहायक प्रोफेसर डॉ. अखिलेन्द्र कुमार सिंह एवं विशिष्ट वक्ता अर्थशास्त्र विभाग के सहायक प्रोफेसर डॉ. सिद्धार्थ सिंह ने प्रतिभागियों को शोध के विभिन्न टूल्स और तकनीक से अवगत कराया। उन्होंने शोध में आवश्यक प्राथमिक और द्वितीयक स्त्रोत पर भी प्रकाश डाला। स्वागत विभागाध्यक्ष डॉ. स्वाति सुचरिता नन्दा, विषय प्रवर्तन डॉ. प्रतिमा गुप्ता एवं धन्यवाद डॉ. प्रियंका सिंह ने दिया। संचालन छात्र प्रियरंजन माथुर ने किया। इस मौके पर डॉ. रविशंकर राज, डॉ. गौरव मिश्रा, शेखर गुप्ता, सुहानी जैन आदि उपस्थित रहे।


पहले दिन प्रो. सरफराज ने क्या कहा था 

पहले दिन उदघाटन सत्र में मुख्य वक्ता काशी हिन्दू विश्वविद्यालय भूगोल विभाग के वरिष्ठ आचार्य प्रो.सरफराज आलम ने विद्यार्थियों को सामाजिक विज्ञान में अनुसंधान में आने वाली कठिनाईयों एवं चुनौतियों के विषय मे सविस्तार से समझाया। उन्होंने कहा कि समस्या का समाधान करना किसी भी शोध की प्राथमिक स्थिति है, विज्ञान और तकनीक समाज को आधुनिक बनाते हैं, लेकिन सामाजिक विज्ञान व्यक्ति को अधिक आधुनिक बनाता है। शोध में समस्या के हल तलाशना सबसे बड़ी जिम्मेदारी है। सामाजिक विज्ञान शोध में छुपे हुए ज्ञान को तलाशना होता है। प्रो. आलम ने कहा कि शोधार्थियों को शोध करते वक्त शोध कार्य में मौजूद शोध अंतरालों एवं अनुत्तरित प्रश्नों पर ध्यान देना होता है।



बताई शोध प्रस्ताव तैयार करने की तकनीक 

दूसरे सत्र में भूगोल विभाग के असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. आदित्य सिंह ने छात्रों को पीएचडी या अंतरराष्ट्रीय स्तर औपचारिक शोध प्रस्ताव (रिसर्च प्रपोजल) तैयार करने की तकनीक समझाई। अध्यक्षता करते हुए का.प्राचार्य प्रो. मिश्रीलाल ने कहा कि ज्ञान ही सफलता की कुंजी है, इसका रचनात्मक उपयोग कैसे हो इसके लिए यह कार्यशाला बहुत उपयोगी है। इसके माध्यम से बौद्धिक चिन्तन को नई दिशा प्राप्त होगी।