संसार की सभी स्त्रियां माता का स्वरूप हैं - श्रीप्रकाशानंदनाथ
@dil india live (Varanasi). श्रीविद्या साधना पीठ, गणेश बाग, नगवा में चल रहे नौ दिवसीय श्री ललिता महात्रिपुर सुंदरी की दिव्य सपर्या अनुष्ठान की सोमवार को महानवमी पूजन के साथ पूर्णाहुति हुई। अनुष्ठान के अंतर्गत नवरात्रि पर्यन्त भगवती का एक लाख नाम से विविध दिव्य द्रव्यों अक्षत, कमल पुष्प, गुलाब, लौंग, इलाइची आदि से अर्चन किया गया। इसके साथ ही चतुरावृत्ति शतचंडी, त्रिकाल महापूजा समेत अनेक साधकों के पुरश्चरण सम्पन्न हुए। नवमी के दिन अनेक स्त्रियों का सुवासिनी पूजन, कन्या पूजन के साथ दिव्य महायज्ञ की पूर्णाहुति हुयी।
इस अवसर पर पीठ के अध्यक्ष श्रीप्रकाशानंदनाथ ने कहा कि दुर्गा सप्तशती में कहा गया है कि इस संसार की समस्त स्त्रियां भगवती का ही स्वरूप हैं। समाज के प्रत्येक व्यक्ति को स्त्रियों का सम्मान करना चाहिए तथा उनके प्रति कुदृष्टि रखने वालों का सामाजिक बहिष्कार करना चाहिए, महिषासुर के दमन का यही वास्तविक तात्पर्य है।
इनकी रही खास उपस्थिति
महायज्ञ का संयोजन सह सचिव डॉ. दीपक कुमार शर्मा ने किया। अनुष्ठान में कला संकाय, काशी हिंदू विश्वविद्यालय के पूर्व अध्यक्ष प्रो. श्रीकिशोर मिश्र, लाल बहादुर शास्त्री राष्ट्रीय संस्कृत विद्यापीठ दिल्ली से प्रो. गोपाल प्रसाद शर्मा, प्रो. उपेन्द्र त्रिपाठी, डॉ. रवि अग्रवाल, सीए राजेंद्र सिंह, मिलन टंडन, रविशंकर शुक्ला, श्रीकांत तिवारी समेत देश के अनेक भागों से आये साधक साधिका उपस्थित रहे।















































