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शुक्रवार, 23 अक्टूबर 2026

Air show में शिरकत करने आ रहे 25 October को PM Modi, पुलिस Commissioner Varanasi ने परखी तैयारियां

पुलिस कमिश्नर मोहित अग्रवाल ने ब्रीफिंग कर सुरक्षा, यातायात एवं भीड़ प्रबंधन के लिए दिए निर्देश 

दर्शकों को ‘सर’ एवं ‘मैडम’ कहकर संबोधित करने, शालीन व्यवहार करने का हुक्म 

  • @dil india live 

(Varanasi). पुलिस आयुक्त कमिश्नरेट वाराणसी मोहित अग्रवाल द्वारा 24 एवं 25 अक्टूबर, 2026 को आयोजित होने वाले भव्य एयर शो तथा 25 अक्टूबर को प्रधानमंत्री के आगमन एवं भ्रमण के दृष्टिगत ड्यूटी में तैनात पुलिस अधिकारियों एवं कर्मचारियों की ब्रीफिंग की गई। इस दौरान वीवीआईपी सुरक्षा, रूट व्यवस्था, कार्यक्रम स्थल की सुरक्षा, यातायात प्रबंधन, भीड़ नियंत्रण, आकस्मिक परिस्थितियों से निपटने तथा आमजन की सुविधा सुनिश्चित करने के संबंध में विस्तृत दिशा-निर्देश दिए गए।



इन प्रमुख बिन्दु पर दिया गया दिशा निर्देश 

  • वीवीआईपी रूट, कार्यक्रम स्थल एवं संवेदनशील स्थानों पर पर्याप्त पुलिस बल की तैनाती तथा ड्रोन, सीसीटीवी कैमरों एवं रूफटॉप ड्यूटी के माध्यम से सतत निगरानी के निर्देश।
  • सभी अधिकारियों को अपने-अपने ड्यूटी क्षेत्रों का निरंतर निरीक्षण करने, अधीनस्थ पुलिस बल की सतर्कता सुनिश्चित करने तथा सुरक्षा, यातायात एवं भीड़ प्रबंधन में पूर्ण समन्वय के साथ कार्य करने के निर्देश।
  • प्रत्येक दर्शक इनक्लोजर में महिला पुलिसकर्मियों की तैनाती तथा महिला दर्शकों की सुरक्षा एवं सहायता सुनिश्चित करने के निर्देश।
  • दर्शकों की सुविधा सर्वोपरि रखते हुए पुलिसकर्मियों को ‘सर’ एवं ‘मैडम’ कहकर संबोधित करने, शालीन व्यवहार करने तथा आवश्यक मार्गदर्शन एवं सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश। निर्धारित पार्किंग स्थलों पर सुव्यवस्थित पार्किंग, स्पष्ट दिशा-सूचक बोर्ड, वैकल्पिक मार्गों के प्रभावी उपयोग तथा आपातकालीन मार्गों को बाधामुक्त रखने के निर्देश।

वीवीआईपी सुरक्षा एवं ड्यूटी प्रबंधन

• वीवीआईपी आगमन एवं भ्रमण के दृष्टिगत सभी अधिकारी अपने-अपने निर्धारित ड्यूटी स्थलों पर सुरक्षा व्यवस्था का भली-भांति निरीक्षण कर लें तथा तैनात पुलिस बल को मौके पर ही ब्रीफ कर उनके दायित्वों एवं जिम्मेदारियों के संबंध में स्पष्ट जानकारी दें।

• सभी पुलिस अधिकारी एवं कर्मचारी निर्धारित समय से पूर्व अपने-अपने ड्यूटी स्थल पर पहुंचकर ड्यूटी संभालें। किसी भी स्तर पर लापरवाही, अनावश्यक विलंब अथवा ड्यूटी से अनुपस्थिति नहीं होनी चाहिए।

• वीवीआईपी रूट, कार्यक्रम स्थल, प्रमुख चौराहों एवं संवेदनशील स्थानों पर पर्याप्त पुलिस बल की तैनाती सुनिश्चित करते हुए सतत निगरानी रखी जाए।

• सभी अधिकारी अपने-अपने ड्यूटी क्षेत्रों का निरंतर भ्रमण एवं पर्यवेक्षण करें तथा अधीनस्थ पुलिसकर्मियों की सतर्कता एवं ड्यूटी का प्रभावी अनुश्रवण सुनिश्चित करें।।



रूफटॉप ड्यूटी व आधुनिक तकनीक से निगरानी

• वीवीआईपी रूट एवं कार्यक्रम स्थल की सुरक्षा के दृष्टिगत चिन्हित संवेदनशील स्थानों पर रूफटॉप ड्यूटी लगाकर आसपास के क्षेत्रों की प्रभावी निगरानी की जाए।

• ड्रोन एवं सीसीटीवी कैमरों के माध्यम से कार्यक्रम स्थल, वीवीआईपी रूट तथा भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों की सतत निगरानी सुनिश्चित की जाए।

• होटल, ढाबे, गेस्ट हाउस एवं अन्य ठहरने वाले स्थानों की सघन चेकिंग एवं आवश्यक सत्यापन किया जाए। असामाजिक एवं संदिग्ध व्यक्तियों, वस्तुओं तथा गतिविधियों पर विशेष सतर्क दृष्टि रखी जाए।

• किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तत्काल संबंधित अधिकारी को देते हुए समयबद्ध एवं प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।

  • यातायात प्रबंधन एवं भीड़ नियंत्रण के लिए विशेष निर्देश

• वीवीआईपी मूवमेंट के दौरान यातायात व्यवस्था सुचारु बनाए रखने के लिए यातायात पुलिस विशेष सतर्कता बरते तथा आवश्यकतानुसार यातायात डायवर्जन एवं वैकल्पिक मार्गों का प्रभावी उपयोग करे।

• वीवीआईपी रूट से जुड़ी गलियों, कट, चौराहों एवं भीड़भाड़ वाले स्थानों पर पर्याप्त पुलिस बल तैनात किया जाए।

• एयर शो के दौरान दर्शकों के सुरक्षित एवं सुगम आवागमन के लिए पार्किंग व्यवस्था, बैरिकेडिंग एवं प्रवेश-निकास मार्गों का प्रभावी प्रबंधन सुनिश्चित किया जाए।

• भीड़ नियंत्रण के दौरान पुलिसकर्मी संयम एवं संवेदनशीलता बरतें तथा आवश्यकता के अनुरूप रस्सों एवं बैरिकेडिंग का प्रयोग करें। अनावश्यक बल प्रयोग से बचते हुए कानून-व्यवस्था बनाए रखी जाए।

दर्शकों की सुविधा सर्वोपरि, शालीन एवं संवेदनशील व्यवहार के निर्देश

• पुलिस आयुक्त महोदय ने निर्देशित किया कि एयर शो में आने वाले दर्शकों की सुविधा एवं सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए।

• सभी पुलिसकर्मी आमजन के साथ शालीन, विनम्र एवं सम्मानजनक व्यवहार करें तथा उन्हें ‘सर’ एवं ‘मैडम’ कहकर संबोधित करें।

• दर्शकों को रास्ता बताने, आवश्यक जानकारी उपलब्ध कराने तथा हर संभव सहायता प्रदान करने पर विशेष जोर दिया गया।

• किसी भी व्यक्ति के साथ दुर्व्यवहार न किया जाए। भीड़ प्रबंधन के दौरान धैर्य, संयम एवं संवेदनशीलता बनाए रखते हुए पुलिस की जनहितकारी छवि को सुदृढ़ किया जाए।

• प्रत्येक दर्शक इनक्लोजर में महिला पुलिसकर्मियों की तैनाती सुनिश्चित की जाए, जिससे महिला दर्शकों को आवश्यक सुरक्षा एवं सहायता उपलब्ध हो सके।

वायरलेस संचार एवं त्वरित रिस्पॉन्स व्यवस्था

• ड्यूटी में तैनात पुलिस अधिकारियों एवं कर्मचारियों के पास वायरलेस सेट उपलब्ध होना सुनिश्चित किया जाए।

• पुलिसकर्मी ड्यूटी के दौरान मोबाइल फोन के अनावश्यक उपयोग से बचें तथा अपना पूरा ध्यान सुरक्षा व्यवस्था एवं निर्धारित दायित्वों पर केंद्रित रखें।

• वायरलेस पर प्राप्त सूचनाओं का तत्काल संज्ञान लेते हुए संबंधित अधिकारी को अवगत कराया जाए तथा निर्धारित निर्देशों के अनुरूप त्वरित कार्रवाई की जाए।

• सभी अधिकारी एवं कर्मचारी आपसी समन्वय एवं प्रभावी संचार व्यवस्था के साथ कार्य करें, जिससे किसी भी आकस्मिक परिस्थिति में तत्काल निर्णय लेकर प्रभावी कार्रवाई की जा सके।

प्रवेश द्वारों पर सुरक्षा जांच एवं फ्रिस्किंग

• कार्यक्रम स्थल पर प्रवेश करने वाले प्रत्येक व्यक्ति की निर्धारित सुरक्षा प्रोटोकॉल के अनुसार जांच एवं फ्रिस्किंग सुनिश्चित की जाए।

• बिना निर्धारित सुरक्षा जांच के किसी भी व्यक्ति को प्रवेश न दिया जाए।

• महिला दर्शकों की जांच महिला पुलिसकर्मियों द्वारा ही की जाए तथा सुरक्षा जांच के दौरान शालीनता एवं निर्धारित प्रक्रिया का पालन किया जाए।

• सभी प्रवेश एवं निकास बिंदुओं पर सतर्क निगरानी रखते हुए भीड़ के व्यवस्थित संचालन तथा सुरक्षा मानकों का कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित किया जाए।

अधिकारियों को निरंतर पर्यवेक्षण एवं समन्वय के निर्देश

• सभी प्रभारी अधिकारी अपने अधीनस्थ पुलिस बल के साथ निरंतर समन्वय बनाए रखें तथा ड्यूटी के दौरान संचार एवं रिस्पॉन्स व्यवस्था को प्रभावी रखें।

• प्रत्येक अधिकारी अपने निर्धारित क्षेत्र में भ्रमणशील रहकर सुरक्षा, यातायात एवं भीड़ प्रबंधन की व्यवस्थाओं का नियमित निरीक्षण करे।

• वीवीआईपी मूवमेंट अथवा एयर शो के दौरान उत्पन्न होने वाली किसी भी आकस्मिक परिस्थिति से निपटने के लिए पूर्व निर्धारित कार्ययोजना के अनुरूप तत्परता से कार्रवाई की जाए।

• सभी अधिकारी एवं कर्मचारी अपने कर्तव्यों के प्रति सजग, सतर्क एवं जवाबदेह रहें तथा सुरक्षा व्यवस्था को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए कार्यक्रम को सकुशल संपन्न कराने में अपना योगदान सुनिश्चित करें।

किसी प्रकार की शिथिलता न बरती जाए 
पुलिस आयुक्त द्वारा स्पष्ट निर्देश दिए गए कि एयर शो एवं प्रधानमंत्री के आगमन एवं भ्रमण के दौरान सुरक्षा व्यवस्था में किसी भी प्रकार की शिथिलता न बरती जाए। वीवीआईपी सुरक्षा के साथ-साथ आमजन की सुविधा, सुरक्षित आवागमन, प्रभावी भीड़ प्रबंधन एवं पुलिस के शालीन व्यवहार को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए सभी अधिकारी एवं कर्मचारी पूर्ण सतर्कता, संवेदनशीलता एवं आपसी समन्वय के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करें।

Varanasi Sarnath cultural News:तिब्बती शिक्षा संस्थान सारनाथ में विशेष व्याख्यान, ध्यान और आत्मचिंतन पर दिया गया ज़ोर

आधुनिकता की दौड़ में सांस्कृतिक पहचान और जीवन मूल्यों का संरक्षण जरूरी: प्रो. डायना रॉस

मानसिक शांति का आधार है ध्यान और योगा

@dil india live

(Varanasi). अमेरिका के ओहायो स्थित ऑटरबाइन विश्वविद्यालय की प्रो. डायना रॉस ने केंद्रीय उच्च तिब्बती शिक्षा संस्थान, सारनाथ में विशेष व्याख्यान को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि आधुनिकता को अपनाने के साथ अपनी सांस्कृतिक पहचान व जीवन मूल्यों का संरक्षण भी बेहद ज़रूरी है। सजगता, आत्मचिंतन और ध्यान के माध्यम से व्यक्ति मानसिक संतुलन एवं आंतरिक शांति प्राप्त कर सकता है। 

संस्थान के विद्यार्थी सेवा केंद्र की ओर से अनाथपिंड अतिथि गृह में 'आधुनिकता को अपनाते हुए सांस्कृतिक पहचान का संरक्षण' विषय पर आयोजित व्याख्यान में प्रो. रॉस ने कहा कि आलस्य, भय और चिंता व्यक्ति को अपने वास्तविक मूल्यों एवं क्षमताओं को समझने से रोकते हैं। 



प्रो. डायना रॉस ने केंद्रीय उच्च तिब्बती शिक्षा संस्थान, सारनाथ में आयोजित विशेष व्याख्यान में कहा कि ध्यान और सजगता का नियमित अभ्यास आत्मबोध, मानसिक स्थिरता और सकारात्मक जीवन दृष्टि विकसित करता है। उन्होंने विद्यार्थियों को आत्मचिंतन के माध्यम से जीवन के प्रश्नों का समाधान खोजने तथा प्रसन्नता और शांति के साथ जीवन जीने के लिए प्रेरित किया।


कार्यक्रम का परिचय विद्यार्थी सेवा केंद्र के सचिव डॉ. तेनजिन शेनफेन ने दिया। विद्यार्थी अधिष्ठाता एवं केंद्र के अध्यक्ष गेशे तेनजिन नोरबू तथा काशी हिंदू विश्वविद्यालय के वेलबीइंग सेंटर की समन्वयक प्रो. निशात अफरोज उपस्थित रहीं।

हिंदी विभाग की डॉ. ज्योति सिंह ने अतिथियों का पारंपरिक खटक एवं संस्थान की पुस्तकों से स्वागत किया। शिक्षण सहायक वेन. देचेन वांग्मो ने धन्यवाद ज्ञापित किया। व्याख्यान में 60 से अधिक विद्यार्थियों ने सहभागिता की।

गुरुवार, 22 अक्टूबर 2026

St. Mary's School Varanasi में leopard (तेंदुआ) दिखने से खौफ

स्कूल के कैमरे में कैद हुआ संदिग्ध जंगली जानवर, वन विभाग की टीमें कर रही जांच

@dil india live 

(Varanasi). वाराणसी कैंटोनमेंट के सेंट मैरिज कॉन्वेंट स्कूल में गुरुवार तड़के संदिग्ध वन्यजीव देखे जाने से अफरा-तफरी मच गई। स्कूल परिसर के CCTV में तेंदुए जैसा जानवर नजर आने के बाद सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई है। वन विभाग की टीम मामले की अपने ऐंगल से जांच कर रही है। 

समाचार के संदर्भ में बताया गया है कि सुरक्षाकर्मी राजेंद्र कुमार नाईट शिफ्ट में ड्यूटी पर थे। गुरुवार की भोर में करीब 3:30 बजे कुत्तों के जोर-जोर से भौंकने पर उन्हें शक हुआ। बाहर निकलने पर परिसर में जंगली जानवर होने का संदेह हुआ, जिसकी सूचना तुरंत स्कूल प्रबंधन को उन्होंने दी। इसके चलते प्रबंधन ने एहतियातन सभी कर्मचारियों को सुरक्षित कमरों में रहने के निर्देश दिए और कैंट पुलिस व वन विभाग को सूचना दी।




सूचना पर प्रभागीय वनाधिकारी निधि चौहान के नेतृत्व में वन विभाग की टीम ने स्कूल परिसर का निरीक्षण करने पहुंची। जांच में CCTV में दिखे स्थान के आसपास सघन तलाशी ली गई, लेकिन न तो कोई वन्यजीव मिला और न ही तेंदुए के पंजों के निशान इससे लोग और दहशत में हो गये। स्कूल की प्रिंसिपल सिस्टर जमीला ने बताया कि टीम ने काफी देर तक जांच की, लेकिन तेंदुए की मौजूदगी का कोई ठोस प्रमाण नहीं मिला। वन विभाग इस बात की भी जांच कर रहा है कि यदि वह तेंदुआ ही है तो शहर के भीतर कैसे पहुंचा। चंदौली की ओर से गंगा किनारे और वरुणा नदी के रास्ते आने की संभावना पर भी पड़ताल की जा रही है। चर्च और बिशप हाउस के बगीचे में भी जांच की जा रही है।

DFO निधि चौहान ने बताया कि मामले की जांच के लिए 3 टीमें लगाई गई हैं। CCTV फुटेज का विश्लेषण कर यह पता लगाया जा रहा है कि दिखा जानवर तेंदुआ है या कोई अन्य वन्यजीव। साथ ही उसके आने-जाने के रूट को ट्रेस किया जा रहा है।


नहीं चलेगी आनलाईन क्लास 

फिलहाल वन विभाग ने लोगों से अफवाहों से बचने और सतर्क रहने की अपील की है। आधिकारिक पुष्टि CCTV जांच के बाद ही हो सकेगी। स्कूल में गुरुवार को आनलाइन क्लासेज चली थी मगर शुक्रवार को आनलाइन कलास भी बंद कर दिया गया है। 

Varanasi के Madanpura में भीषण Aag से मची दहशत, जानिए कैसे लगी आग क्या, क्या हुआ नुकसान

अग्निशमन दस्ते ने घंटों बाद पाया आग पर काबू, तब मिली लोगों को राहत 

@dil india live 

(Varanasi). Varanasi के घनी आबादी वाले मदनपुरा इलाके में गुरुवार दोपहर आरएस हार्डवेयर की दुकान में भीषण आग लगने से अफरा-तफरी मच गई। दुकान में रखी झाड़ू, पेंट, पुट्टी और प्लास्टिक जैसी ज्वलनशील सामग्री के कारण आग ने देखते ही देखते विकराल रूप धारण कर लिया। घटना की सूचना मिलते ही दमकल विभाग की टीमें मौके पर पहुंचीं और राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया। आग और धुएं के बीच फंसे एक युवक को अग्निशमन कर्मियों ने सुरक्षित बाहर निकाला।

हरकत में आया दमकल विभाग

अग्निशमन विभाग के अनुसार, गुरुवार 22 अक्टूबर को दोपहर 2:03 बजे सीसीआर के माध्यम से दशाश्वमेध क्षेत्र के मदनपुरा स्थित आरएस हार्डवेयर की दुकान में आग लगने की सूचना मिली। इसके तुरंत बाद दोपहर 2:04 बजे भेलूपुर और चेतगंज अग्निशमन केंद्रों से दो-दो दमकल गाड़ियों को आवश्यक उपकरणों और कर्मचारियों के साथ घटनास्थल के लिए रवाना किया गया।




मुख्य अग्निशमन अधिकारी आनंद सिंह राजपूत सहित संबंधित अग्निशमन अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर अभियान की कमान संभाली। दमकल कर्मियों ने आग बुझाने का प्रयास शुरू किया, लेकिन लपटों की तीव्रता और आग की भयावहता को देखते हुए अतिरिक्त दमकल वाहनों की जरूरत पड़ी।

इस तरह फैली तेज हुई आग 

दुकान में झाड़ू, पेंट, पुट्टी और प्लास्टिक समेत कई ऐसी वस्तुएं रखी थीं, जिनसे आग तेजी से फैलने का खतरा बढ़ गया। वहीं, इमारत के ऊपरी तल पर बने कमरों में दो से पांच बेड भी लगे हुए थे। आग के कारण इमारत में धुआं भर गया, जिससे बचाव कार्य चुनौतीपूर्ण हो गया।

इसी दौरान आग और घने धुएं के बीच फंसे एक युवक को दमकल कर्मियों ने सुरक्षित बाहर निकाल लिया। इसके बाद अतिरिक्त अग्निशमन इकाइयों की मदद से आग पर काबू पाने का अभियान लगातार जारी रखा गया।

दो घंटे की मशक्कत, फिर राहत

दमकल विभाग की करीब 10 गाड़ियों ने लगभग दो घंटे तक लगातार प्रयास कर आग पर काबू पाया। राहत की बात यह रही कि इस घटना में किसी की जान नहीं गई। विभाग के अनुसार, आग बुझाने की कार्रवाई के बाद सभी अग्निशमन इकाइयां अपने-अपने केंद्रों के लिए लौट गईं।

घनी आबादी वाले मदनपुरा क्षेत्र में हुई इस घटना ने स्थानीय लोगों में दहशत पैदा कर दी। समय रहते दमकल विभाग की सक्रियता और बचाव अभियान के चलते एक युवक को सुरक्षित निकाला गया तथा आग को नियंत्रित कर लिया गया।

Swatantrata Sangram Senani Ashfaqullah khan Jayanti 22-october 2026: तब देश के लिए अशफाकउल्ला खां ने दे दी थी शहादत

मिसाल थी आजादी के दीवाने शहीद अशफाकउल्लाह खां, राम प्रसाद बिस्मिल की दोस्ती

@dil india live 

(Varanasi). भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के महान योद्धा एवं भारत के सच्चे सपूत अशफाकउल्ला खां ने शहीद राम प्रसाद बिस्मिल के साथ अपना जीवन देश को समर्पित कर दिया था। दोनों अच्छे दोस्त और उर्दू-अदब के शायर भी थे। जहां राम प्रसाद का उपनाम (तखल्लुस) 'बिस्मिल' था, वहीं अशफाक 'वारसी' और बाद में 'हसरत' के उपनाम से लिखने लगे थे।भारतीय आज़ादी में इन दोनों की शहादत और योगदान वर्तमान की युवा पीढ़ियों के लिए धार्मिक एकता और सांप्रदायिक सौहार्द की अनुपम मिसाल है।

जन्म और बिस्मिल से मुलाकात
अशफाकउल्ला खां की यौमे पैदाइश 22 अक्टूबर 1900 को उत्तर प्रदेश के शाहजहांपुर में हुई थी। उनके वालिद का नाम पठान शफीकउल्ला खान और वालिदा का नाम मजहूरुन्निशा था। अशफाक शाहजहांपुर के रियासत उल्लाह खां के सहपाठी थे। जब बिस्मिल मैनपुरी षड्यंत्र के बाद फरार घोषित हुए तो रियासत उनके बहादुरी और उर्दू शायरी के बारे में छोटे भाई अशफाक को बताते थे। बिस्मिल के क्रांतिकारी दृष्टिकोण से प्रभावित अशफाक उनसे मिलने को बेताब हुए। 1922 में जब असहयोग आंदोलन शुरू हुआ और शाहजहांपुर में आंदोलन के बारे में जनता को बताने के लिए बिस्मिल आये, तो अशफाक ने उनसे एक सार्वजनिक बैठक में मुलाकात की और खुद को दोस्त के एक छोटे भाई के रूप में पेश किया। बिस्मिल उनकी शायरी और 'हसरत' नाम से लिखते हैं, ये जानकर दोनों अच्छे दोस्त बन गये।

जानिए क्या थी काकोरी ट्रेन डकैती

लखनऊ की यात्रा में पंडित राम प्रसाद बिस्मिल ने नोटिस किया कि हर स्टेशन पर स्टेशन मास्टर एक रुपयों का बैग गार्ड को देता है जो गार्ड के केबिन में एक तिजोरी में रखे जाते हैं और ये सारा पैसा लखनऊ जंक्शन के स्टेशन अधीक्षक को सौंप दिया गया था। बिस्मिल ने इन सरकारी पैसों को लूटकर उसी सरकार के खिलाफ उपयोग करने का फैसला किया जो लगातार 300 से अधिक वर्षों से भारत को लूट रही थी। बस यहीं 'काकोरी ट्रेन डकैती' की शुरुआत थी।

अपने आंदोलन को बढ़ावा देने और हथियार और गोला बारूद को खरीदने के लिए क्रांतिकारियों ने 8 अगस्त, 1925 को शाहजहांपुर में एक बैठक का आयोजन किया एवं विचार-विमर्श के बाद 8-डाउन सहारनपुर-लखनऊ यात्री गाड़ी में सरकारी खजाने को लूट का फैसला किया गया। 9 अगस्त, 1925 को अशफाकउल्ला खान और पंडित राम प्रसाद बिस्मिल के नेतृत्व में आठ अन्य क्रांतिकारियों ने काकोरी में ट्रेन को लूटा।

हुई गिरफ्तारी और मिली शहादत

26 सितंबर, 1925 को पंडित राम प्रसाद बिस्मिल और शाहजहांपुर से दूसरों को सुबह पुलिस ने गिरफ्तार किया लेकिन अशफाक लापता थे। वह बनारस और फिर वहां से बिहार में 10 महीने तक रहे। बाद में दिल्ली में उनके एक दोस्त ने उन्हें धोखा दिया और पुलिस ने अशफाक को गिरफ्तार कर लिया। अंग्रेज अधिकारी ने अशफाक को हिंदू धर्म के खिलाफ भड़काने की कोशिश की, लेकिन अशफाक मज़बूत इरादे वाले सच्चे भारतीय थे। उन्हें फैजाबाद जेल में हिरासत में भेज दिया गया। 19 दिसंबर 1927 को अशफाकउल्ला खान फांसी के तख्ते पर लाये गये, जैसे ही उनकी बेड़ियां खोली गईं, उन्होंने फांसी की रस्सी को इन शब्दों के साथ चूमा "किसी आदमी की हत्या से मेरे हाथ गंदे नहीं हैं, मेरे खिलाफ तय किए आरोप झूठे हैं, अल्लाह मुझे इंसाफ देगा..।" और फिर उन्होंने दुआ मांगी और फांसी के फंदे पर लटक कर अपनी शहादत देश के लिए दे दी।

बुधवार, 21 अक्टूबर 2026

Varanasi Main school फिर बंद, Students की मौज ही मौज

22 और 23 अक्टूबर को नहीं खुलेंगे स्कूल, DIOS ने जारी किया आदेश

  • @dil india live 

(Varanasi). अभी दुर्गापूजा की छुट्टी खत्म ही होने वाली थी कि स्कूल फिर से बंद हो गये हैं। जिला विद्यालय निरीक्षक वाराणसी ने 22 और 23 अक्टूबर को दो दिन के अवकाश का आदेश जारी किया है। जिलाधिकारी द्वारा जारी सार्वजनिक अवकाश तालिका में 22 अक्टूबर को नाटी इमली के भरत मिलाप का स्थानीय अवकाश और 23 अक्टूबर को उत्तर प्रदेश विधान परिषद के वाराणसी खण्ड स्नातक क्षेत्र एवं शिक्षक क्षेत्र के द्विवार्षिक निर्वाचन-2026 के मतदान दिवस के कारण मुख्य निर्वाचन अधिकारी, लखनऊ के पत्र 13.10.2026 के तहत विशेष आकस्मिक अवकाश घोषित किया गया है।




आदेश के अनुसार जनपद वाराणसी में प्री-प्राइमरी से कक्षा-12 तक के सभी परिषदीय / राजकीय / अशासकीय सहायता प्राप्त / मान्यता प्राप्त / ICSE / CBSE व अन्य बोर्ड से मान्यता प्राप्त विद्यालयों में 22 और 23 अक्टूबर को अवकाश रहेगा। पत्रांक शिविर/ 919-98 / 2026-27 दिनांक 21.10.2026 को जारी इस आदेश पर जिला विद्यालय निरीक्षक भोलेन्द्र प्रताप सिंह और जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी वाराणसी के हस्ताक्षर से यह आदेश जारी किया गया हैं।

दुर्गापूजा से लगायत दो दिन और अवकाश बढ़ जाने से स्टूडेंट्स की मौज ही मौज हो गई है। कुछ लोग जो वाराणसी के नजदीकी जनपद में दशहरे पर गांव गये तो उन्हें भी छुट्टी बढ़ने से राहत मिल गई है।

commissioner Mohit Agarwal बोलें :पुलिस बल की गौरवशाली परंपरा त्याग, अनुशासन और कर्तव्यनिष्ठा से ओत-प्रोत

पुलिस स्मृति दिवस पर कर्तव्य की बेदी पर प्राणों की आहुति देने वाले अमर वीर शहीदों को किया गया याद 

पुलिस लाइन में अर्पित किये गये श्रद्धा-सुमन


@dil india live 

(Varanasi). police commissioner Mohit Agarwal(पुलिस आयुक्त मोहित अग्रवाल) ने पुलिस स्मृति दिवस (21.10. 2026) के अवसर पर रिजर्व पुलिस लाइन, कमिश्नरेट वाराणसी में श्रद्धांजलि समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि “पुलिस बल की गौरवशाली परंपरा त्याग, अनुशासन और कर्तव्यनिष्ठा से ओत-प्रोत रही है। जनसेवा के उच्च आदर्शों को आत्मसात करते हुए अपने कर्तव्य पथ पर प्राणों की आहुति देने वाले हमारे शहीद पुलिसकर्मी सदा अमर रहेंगे । उनका अदम्य साहस और देशभक्ति हमें सदैव प्रेरित करते रहेंगे”।

इस अवसर पर देश की आंतरिक सुरक्षा, कानून-व्यवस्था एवं जनसेवा के लिए अपने कर्तव्यों का निर्वहन करते हुए सर्वोच्च बलिदान देने वाले शहीद पुलिसकर्मियों को नमन किया गया।




इस दौरान शहीद स्मारक पर राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) दयाशंकर मिश्रा 'दयालु', राज्य मंत्री (सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम विभाग) हंसराज विश्वकर्मा, अशोक कुमार तिवारी महापौर वाराणसी, जिला पंचायत अध्यक्ष (वाराणसी) पूनम मौर्या, अपर पुलिस महानिदेशक वाराणसी जोन पीयूष मोर्डिया, अपर पुलिस महानिदेशक नवीन अरोरा, पुलिस महा निरीक्षक  वैभव कृष्णा, अपर पुलिस आयुक्त कानून-व्यवस्था एवं मुख्यालय शिवहरी मीणा, अपर पुलिस आयुक्त अपराध राठौड़ किरीट कुमार हरिभाई सहित वरिष्ठ पुलिस अधिकारी तथा पुलिसकर्मियों ने पुष्पचक्र अर्पित कर शहीदों को श्रद्धासुमन अर्पित किए।



कार्यक्रम में वक्ताओं ने कहा कि पुलिस का कार्य अत्यंत चुनौतीपूर्ण और जोखिमपूर्ण है। नागरिकों की सुरक्षा एवं शांति व्यवस्था बनाए रखने के दौरान अनेक पुलिस अधिकारी एवं कर्मचारी प्रतिवर्ष अपने प्राणों की आहुति देते हैं। उनका यह बलिदान राष्ट्र के प्रति सर्वोच्च समर्पण का प्रतीक है।


यहां जानिए क्या है इतिहास 

ज्ञातव्य है कि 21 अक्टूबर 1959 को लद्दाख के हॉट स्प्रिंग क्षेत्र में भारत-तिब्बत सीमा पर गश्त कर रही केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) की टुकड़ी पर चीनी सैनिकों द्वारा घात लगाकर हमला किया गया था। इस अप्रत्याशित हमले में 10 वीर जवानों ने वीरगति प्राप्त की जबकि 7 अन्य जवान घायल हुए। मातृभूमि की रक्षा में दिए गए इन वीर जवानों के सर्वोच्च बलिदान की स्मृति में प्रतिवर्ष 21 अक्टूबर को पूरे देश में “पुलिस स्मृति दिवस” के रूप में मनाया जाता है। यह दिवस समर्पित है उन सभी पुलिसकर्मियों को जिन्होंने जनसुरक्षा, राष्ट्रसेवा और कर्तव्यनिष्ठा की भावना से ओत-प्रोत होकर अपने प्राण न्यौछावर किए ।

श्रद्धांजलि दी और लिया संकल्प

      श्रद्धांजलि समारोह में उपस्थित अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने 02 मिनट का मौन रखकर शहीद पुलिसकर्मियों की स्मृति को नमन किया तथा उनके परिजनों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की। कार्यक्रम में यह संकल्प दोहराया गया कि पुलिस बल सदैव नागरिकों की सुरक्षा, शांति व्यवस्था एवं राष्ट्र की एकता-अखंडता की रक्षा के लिए अपने दायित्वों का निष्ठापूर्वक निर्वहन करता रहेगा।

मंगलवार, 20 अक्टूबर 2026

UP के Varanasi में भव्यता और Ullash के साथ मनाया गया Vijaydashmi Fastival

बरेका में 70 फीट ऊंचे रावण, 65 फीट के कुंभकर्ण एवं 60 फीट के मेघनाद का हुआ दहन

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F. Farooqi Babu (Varanasi). वाराणसी के बनारस रेल इंजन कारखाना (बरेका) में विजयादशमी पर्व आज 20 अक्टूबर 2026 को पारंपरिक उल्लास एवं भव्यता के साथ मनाया गया। इस अवसर पर बरेका खेलकूद स्टेडियम में भव्य रामलीला मंचन एवं रावण, कुंभकर्ण तथा मेघनाद के पुतला दहन का आयोजन किया गया।

कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि बरेका महाप्रबंधक आशुतोष पंत एवं अन्य वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा भगवान श्रीराम, माता जानकी एवं भगवान लक्ष्मण की आरती के साथ किया गया। इस अवसर पर महाप्रबंधक आशुतोष पंत ने सभी को विजयादशमी की हार्दिक शुभकामनाएं देते हुए स्वस्थ, सुखी एवं मंगलमय जीवन की कामना की।



महाप्रबंधक आशुतोष पंत ने विजयादशमी के पावन पर्व पर बुराई पर अच्छाई की विजय, सत्य एवं धर्म की स्थापना के संदेश को आत्मसात करने का आह्वान करते हुए असत्य पर सत्य, अधर्म पर धर्म, अहंकार पर विनम्रता तथा बुराई पर अच्छाई के विजय के प्रतीक महोत्सव विजयादशमी की उपस्थित जनसमूह को शुभकामनाएं एवं हार्दिक बधाई दीं।

 एस. डी. सिंह के निर्देशन में प्रस्तुत रूपक रामलीला मंचन में राम वनगमन, सीता हरण, वानरों द्वारा सीता की खोज, लंका दहन, हनुमान जी की वापसी एवं विभीषण की शरणागति जैसे प्रसंगों का भावपूर्ण मंचन किया गया। इसके अतिरिक्त अंगद-रावण संवाद, लक्ष्मण शक्ति, कुंभकर्ण एवं मेघनाद वध, सुलोचना विलाप तथा राम-रावण युद्ध के दृश्यों ने दर्शकों को भावविभोर कर दिया। विभीषण द्वारा रावण की मृत्यु का रहस्योद्घाटन एवं रावण वध के साथ रूपक रामलीला का समापन हुआ।


तत्पश्चात आकर्षक आतिशबाजी के बीच 70 फीट ऊंचे रावण, 65 फीट ऊंचे कुंभकर्ण एवं 60 फीट ऊंचे मेघनाद के पुतलों का दहन किया गया। इस दौरान पूरा परिसर ‘जय श्रीराम’ के जयघोष से गूंज उठा। रंग-बिरंगी आतिशबाजी और उत्साहपूर्ण वातावरण ने समारोह को और भी आकर्षक बना दिया।


इस अवसर पर प्रमुख मुख्य विद्युत इंजीनियर मनीष कुमार, प्रमुख मुख्य यांत्रिक इंजीनियर विवेक शील, प्रमुख मुख्य सामग्री प्रबंधक आलोक अग्रवाल, प्रमुख मुख्य इंजीनियर राम जन्म, प्रमुख मुख्य कार्मिक अधिकारी लालजी चौधरी, प्रमुख मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. सुनील कुमार, मुख्य सतर्कता अधिकारी अंकुर चंद्रा, महानिरीक्षक-सह-प्रधान मुख्य सुरक्षा आयुक्त देवराज कुमार मौर्य, विजयादशमी समिति के अध्यक्ष एवं मुख्य यांत्रिक इंजीनियर (उत्पादन एवं विपणन) रामजन्म चौबे, जन संपर्क अधिकारी राजेश कुमार, विजयादशमी समिति के महामंत्री अनूप सिंह वत्स सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारीगण, सदस्य,कर्मचारी परिषद नवीन कुमार सिन्हा तथा सुशील कुमार सिंह एवं बड़ी संख्या में बरेका के कर्मचारीगण तथा स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे।

Award: Dr Sunita Chandra को मिला कर्मयोगिनी सम्मान, प्रशासनिक क्षेत्र में योगदान की हुई सराहना

केंद्रीय उच्च तिब्बती शिक्षा संस्थान, सारनाथ की हैं कुलसचिव डॉ. सुनीता चंद्रा

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(Varanasi) वाराणसी के केंद्रीय उच्च तिब्बती शिक्षा संस्थान, सारनाथ की कुलसचिव डॉ. सुनीता चंद्रा को प्रशासनिक क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्यों के लिए वर्ष 2026 के कर्मयोगिनी सम्मान से सम्मानित किया गया।

पूर्वांचल पोस्ट फाउंडेशन की ओर से प्रदान किए गए इस सम्मान के माध्यम से विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान देने वाली महिलाओं को प्रोत्साहित किया जाता है। यह सम्मान प्रशासन, शिक्षा, चिकित्सा, समाजसेवा, खेल और राजनीति सहित विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने वाली महिलाओं को प्रदान किया जाता है।

कौन हैं डा.सुनीता चंद्रा 

डॉ. सुनीता चंद्रा वर्तमान में केंद्रीय उच्च तिब्बती शिक्षा संस्थान, सारनाथ में कुलसचिव के पद पर कार्यरत हैं। उनका प्रशासनिक अनुभव बहुत ही काबिले तारीफ और व्यापक रहा है। वो काशी वर्ड फैम काशी हिंदू विश्वविद्यालय (बीएचयू) में उपकुलसचिव के रूप में अपनी सेवाएं दे चुकी हैं। इसके बाद उन्होंने डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय, लखनऊ में कुलसचिव का दायित्व निभाया था। हर पल हर जगह अपने काम से उन्होंने अपनी नई पहचान बनाई।

उन्हें यह अवार्ड मिलने पर संस्थान के सदस्यों सहित विभिन्न लोगों ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए उन्हें बधाई दी दिल इंडिया लाइव न्यूज़ पोर्टल भी उन्हें बधाई देते हु उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना करता है। 

Baba kinaram स्थल, क्रीं-कुण्ड' में नवमी कन्या व भैरव पूजन के साथ शारदीय नवरात्र संपन्न

पीठाधीश्वर अघोराचार्य बाबा सिद्धार्थ गौतम राम की अगुवाई में हुआ पूजन

Religious News Navratri festival Varanasi 2026


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Sanjana Srivastava (Varanasi). भगवती के विभिन्न रूपों की पूजा से सराबोर नवरात्र-पर्व की रौनक अलग ही होती है । 9 दिनों तक चलने वाले इस पर्व में जो उत्साह देखने को मिलता है वो अगाध आस्था और विश्वास का स्वप्रेरित स्वरुप होता है, और इस पर्व के आख़िरी दिन यानि नवमी (कन्या पूजन) का आकर्षण तो अद्भुत होता है। वाराणसी में शारदीय नवरात्र-2026 का पर्व हर जगह श्रद्धा के साथ हर्षोल्लास साथ मनाया गया। 

भगवती के हर रुपों की आराधना और पूजा-अर्चना के तहत 'नवमी कन्या पूजन' के साथ शारदीय नवरात्र संपन्न हुआ। ज़ाहिर है 19 अक्टूबर को नवमी की रौनक भी हर जगह रही। शहर में जगह-जगह, 'नवमी कन्या पूजन' के चलते, भीड़-भाड़ और उत्साह का माहौल था। लेकिन नवमी कन्यापूजन का सर्वाधिक आकर्षण रविन्द्रपुरी स्थित अघोरपीठ, 'बाबा कीनाराम स्थल क्रीं-कुण्ड', में दिखा। सुबह आश्रम की साफ-सफ़ाई और दैनिक आरती-पूजन के बाद 'नवमी कन्या पूजन' की शुरुवात हुई। यहां पीठाधीश्वर अघोराचार्य बाबा सिद्धार्थ गौतम राम की अगुवाई व मार्गदर्शन में नवमी पूजन प्रारम्भ हुआ।


यहां सर्वप्रथम सभी 9 कन्याओं का श्रृंगार कर उन्हें देवी रुप में और एक बालक का श्रृंगार कर उन्हें भैरव बाबा के रुप में प्रतिष्ठित कर आसीन किया गया। स्वयं पीठाधीश्वर द्वारा सभी देवी स्वरुप में बाल कन्याओं और भैरव रूप में बालक के पाँव पखारे गए। तत्पश्चात सभी 9 देवी व् भैरव जी की विधि सम्मत पूजा कर उनकी आरती उतारी गयी। इसके बाद सभी देवियों व् भैरव जी को विभिन्न पकवानों का भोग लगाया गया और उन्हें तृप्त कराकर पैर छूकर उनका आशीर्वाद लिया गया । 

इस दौरान नवरात्र पूजन के आचार्य सहित उपस्थित सैकड़ों भक्तजनों द्वारा 'जय माँ सर्वेश्वरी' और 'हर-हर महादेव' का उदघोष लगातार होता रहा। तदुपरांत पीठाधीश्वर जी के दर्शन के बाद, भंडारे के तहत, हज़ारों लोगों ने प्रसाद ग्रहण किया।

 ग़ौरतलब है कि अघोरपीठ 'बाबा कीनाराम स्थल, क्रीं-कुण्ड' में नवरात्र का पर्व और 'नवमी कन्या पूजन' को देखने के लिए देश और दुनिया के साधक-महात्माओं के अलावा आम श्रद्धालुजन भी बड़ी संख्या में यहां आते हैं।

सोमवार, 19 अक्टूबर 2026

Religious News Varanasi: Mahanavmi पर श्रीविद्या साधना पीठ में 9 दिवसीय चतुरावृत्ति शतचण्डी महायज्ञ की हुई पूर्णाहुति

संसार की सभी स्त्रियां माता का स्वरूप हैं - श्रीप्रकाशानंदनाथ


@dil india live (Varanasi). श्रीविद्या साधना पीठ, गणेश बाग, नगवा में चल रहे नौ दिवसीय श्री ललिता महात्रिपुर सुंदरी की दिव्य सपर्या अनुष्ठान की सोमवार को महानवमी पूजन के साथ पूर्णाहुति हुई। अनुष्ठान के अंतर्गत नवरात्रि पर्यन्त भगवती का एक लाख नाम से विविध दिव्य द्रव्यों अक्षत, कमल पुष्प, गुलाब, लौंग, इलाइची आदि से अर्चन किया गया। इसके साथ ही चतुरावृत्ति शतचंडी, त्रिकाल महापूजा समेत अनेक साधकों के पुरश्चरण सम्पन्न हुए। नवमी के दिन अनेक स्त्रियों का सुवासिनी पूजन, कन्या पूजन के साथ दिव्य महायज्ञ की पूर्णाहुति हुयी।



इस अवसर पर पीठ के अध्यक्ष श्रीप्रकाशानंदनाथ ने कहा कि दुर्गा सप्तशती में कहा गया है कि इस संसार की समस्त स्त्रियां भगवती का ही स्वरूप हैं। समाज के प्रत्येक व्यक्ति को स्त्रियों का सम्मान करना चाहिए तथा उनके प्रति कुदृष्टि रखने वालों का सामाजिक बहिष्कार करना चाहिए, महिषासुर के दमन का यही वास्तविक तात्पर्य है।


इनकी रही खास उपस्थिति 

महायज्ञ का संयोजन सह सचिव डॉ. दीपक कुमार शर्मा ने किया। अनुष्ठान में कला संकाय, काशी हिंदू विश्वविद्यालय के पूर्व अध्यक्ष प्रो. श्रीकिशोर मिश्र, लाल बहादुर शास्त्री राष्ट्रीय संस्कृत विद्यापीठ दिल्ली से प्रो. गोपाल प्रसाद शर्मा, प्रो. उपेन्द्र त्रिपाठी, डॉ. रवि अग्रवाल, सीए राजेंद्र सिंह, मिलन टंडन, रविशंकर शुक्ला, श्रीकांत तिवारी समेत देश के अनेक भागों से आये साधक साधिका उपस्थित रहे।

Bharti Pashupalk Sangh का 67 वा स्थापना दिवस मनाया गया

विजय बहादुर यादव बने पशुपालक संघ के पुनः राष्ट्रीय अध्यक्ष

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Madan Yadav (Varanasi). भारतीय पशुपालक संघ का 67 वा स्थापना दिवस दिवंगत राष्ट्रीय महासचिव महेंद्र गवली एवं दिवंगत राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष रामदुलार यादव की स्मृति संग मनाया गया। इस अवसर पर विजय बहादुर यादव को सर्व सम्मत से पुनः राष्ट्रीय अध्यक्ष चुना गया व केंद्रीय कार्यालय तरया में आयोजित राष्ट्रीय अधिवेशन में आर्थिक विकास में पशुपालक के योगदान विषय पर परिचर्चा का आयोजन किया गया। 


इनकी रही खास मौजूदगी 

इस मौके पर ओम प्रकाश यादव, भारत भूषण यादव, अरुण पांडे, राजेश यादव, अनिल कुमार चौधरी, सुरेश मौर्य, छविंदर वर्मा, अमित तिवारी एडवोकेट, सरफराज पहलवान, मनोज यादव एडवोकेट, वकील पटेल, हर्ष यादव, भोलू, सुरेंद्र नाथ पांडेय, दयाराम मास्टर, सुभाष चन्द्र यादव, मुरलीधर यादव आदि खासतौर पर न सिर्फ मौजूद थे बल्कि इन सभी ने अपने महत्वपूर्ण विचार भी व्यक्त किए।

Varanasi BLW में दशहरे पर रहेगी चाक चौबंद सुरक्षा व्यवस्था, 2 बजे से रावण दहन तक सभी प्रवेश द्वार रहेंगे बंद

खेल मैदान में होगी रामलीला व रावण दहन, महाप्रबंधक आशुतोष पंत होंगे मुख्य अतिथि

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F. Farouqi/Ajeet Singh Rajput 

(Varanasi). वाराणसी के बनारस रेल इंजन कारखाना (बरेका) परिसर में विजयादशमी पर्व पर 20 अक्टूबर 2026 को विशेष सुरक्षा व्यवस्था लागू रहेगी। बरेका के सभी प्रवेश द्वार बंद रहेंगे। ककरमत्ता मुख्य प्रवेश द्वार, एफसीआई गेट, नाथूपुर गेट, पहाड़ी गेट एवं कंदवा गेट दोपहर 2 बजे से रावण पुतला दहन तक बंद रहेंगे।

इस अवधि में रेल कर्मचारी वैध पहचान पत्र तथा आम नागरिक रामलीला मंचन एवं रावण दहन का वैध प्रवेश पास दिखाकर ही बरेका परिसर में आवागमन कर सकेंगे। यह व्यवस्था भीड़ नियंत्रण, जनसुरक्षा एवं किसी भी अप्रिय घटना की रोकथाम के उद्देश्य से की गई है।


उल्लेखनीय है, कि  यह निर्णय भीड़-नियंत्रण, जन-सुरक्षा एवं अप्रिय घटनाओं की रोकथाम को ध्यान में रखते हुए लिया गया है। विजयादशमी जैसे बड़े पर्व पर बरेका परिसर एवं आसपास के क्षेत्रों में भारी संख्या में लोगों की उपस्थिति रहती है। अतः सुरक्षा-व्यवस्था बनाए रखना अत्यंत आवश्यक है।

बरेका में विजयादशमी का पर्व 20 अक्टूबर को पारंपरिक उल्लास, श्रद्धा एवं भव्यता के साथ मनाया जाएगा। इस अवसर पर केंद्रीय खेल मैदान में सायं 4:30 बजे से रात्रि 8:00 बजे तक भव्य रूपक रामलीला का मंचन, आकर्षक आतिशबाजी तत्पश्चात पुतलों का दहन किया जाएगा। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि बरेका के महाप्रबंधक आशुतोष पंत होंगे।


समारोह के दौरान 70 फीट ऊंचे रावण, 65 फीट ऊंचे कुंभकरण तथा 60 फीट ऊंचे मेघनाद के पुतलों का दहन किया जाएगा। रामलीला मंचन एवं पुतला दहन के माध्यम से बुराई पर अच्छाई और अधर्म पर धर्म की विजय का संदेश दिया जाएगा।

बरेका प्रशासन सभी रेल कर्मचारियों एवं आम नागरिकों से अपील करता है कि वे सुरक्षा व्यवस्था के मद्देनजर जिला प्रशासन द्वारा जारी निर्देशों का पालन करें, निर्धारित प्रवेश पास एवं पहचान पत्र साथ रखें तथा विजयादशमी पर्व को सुरक्षित, शांतिपूर्ण एवं आनंदमय ढंग से संपन्न कराने में सहयोग प्रदान करें।

Navratri festival: आठवें दिन Durga Puja पंडालों में उमड़ी श्रद्धालुओं की भारी भीड़

महादेव स्पोर्टिंग क्लब ने "पर्यावरण संरक्षण" का दिया सकारात्मक संदेश

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F. Farouqi (Varanasi). वाराणसी में नवरात्रि के आठवें दिन महाअष्टमी पर मंडुवाडीह, ककरमत्ता, नेवादा, केदार नगर और सुंदरपुर समेत जिलेभर में मां दुर्गा के पूजा पंडालों में श्रद्धालुओं की जबरदस्त भीड़ देखने को मिली। सुबह से ही माता रानी के दर्शन-पूजन के लिए भक्तों का तांता लगा रहा। पूरा क्षेत्र भक्तिमय वातावरण से सराबोर नजर आया। पूजा पंडालों में मां दुर्गा के जयकारों से वातावरण गूंज उठा। श्रद्धालुओं ने विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर परिवार की सुख-समृद्धि, शांति और खुशहाली की कामना की।

वहीं, ककरमत्ता स्थित महादेव स्पोर्टिंग क्लब के दुर्गा पूजा पंडाल में धार्मिक आयोजन के साथ-साथ सामाजिक एवं पर्यावरण संरक्षण से जुड़ा महत्वपूर्ण संदेश भी दिया गया। क्लब की ओर से पर्यावरण संरक्षण और विलुप्त होती जा रही गौरैया पक्षी की घटती संख्या के प्रति लोगों का ध्यान आकर्षित किया गया। इस दौरान बताया गया कि आज के समय में पर्यावरण संतुलन बनाए रखना बेहद जरूरी है। पेड़-पौधों की कमी, बढ़ते प्रदूषण और पक्षियों के अनुकूल वातावरण के अभाव के कारण गौरैया जैसी छोटी और प्यारी चिड़िया की संख्या में कमी देखने को मिल रही है।

क्लब की ओर से लोगों से अपील की गई कि वे अपने घरों की छतों, बालकनियों और आंगन में पक्षियों के लिए दाना-पानी की व्यवस्था करें। साथ ही अधिक से अधिक पौधे लगाकर उनकी देखभाल करें, ताकि पक्षियों को सुरक्षित आश्रय और अनुकूल वातावरण मिल सके। धार्मिक आयोजनों के माध्यम से सामाजिक जागरूकता फैलाने की यह पहल लोगों को प्रकृति और जीव-जंतुओं के प्रति अपनी जिम्मेदारी समझने का संदेश देती है।

महादेव स्पोर्टिंग क्लब के अध्यक्ष नवनीत उर्फ अतुल पांडेय ने जानकारी देते हुए बताया कि नवरात्रि के पावन अवसर पर कल विशाल भंडारे एवं प्रसाद वितरण का आयोजन किया जाएगा। उन्होंने श्रद्धालुओं से अधिक से अधिक संख्या में पहुंचकर मां दुर्गा का आशीर्वाद प्राप्त करने तथा भंडारे का प्रसाद ग्रहण करने की अपील की।




उन्होंने कहा कि मां दुर्गा की आराधना हमें समाज में सेवा, सहयोग और सद्भाव की भावना को मजबूत करने की प्रेरणा देती है। इसी भावना के साथ धार्मिक आयोजन के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर भी लोगों को जागरूक करने का प्रयास किया जा रहा है।

नवरात्रि के इस पावन पर्व पर एक ओर जहां पूजा पंडालों में भक्ति और आस्था का संगम देखने को मिल रहा है, वहीं दूसरी ओर सामाजिक सरोकारों से जुड़ी पहल लोगों को प्रकृति संरक्षण और सामाजिक जिम्मेदारी का संदेश दे रही है।