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ब्रेकिंग न्यूज

ब्रेकिंग न्यूज़
🔴 वाराणसी खंड शिक्षक एमएलसी सीट पर सपा के लाल बिहारी यादव चुनाव जीते। 🔴 स्नातक एमएलसी चुनाव में वाराणसी सीट से सपा के आशुतोष सिंहा विजयी। 🔴 मौसम विभाग का अलर्ट: बंगाल की खाड़ी में चक्रवाती सिस्टम सक्रिय, वाराणसी में लगातार बारिश से जनजीवन प्रभावित। 🔴 अमित शाह मानहानि केस में राहुल गांधी बरी 🔴 तेंदुआ के खौफ से सेंट मैरीज़ कांवेंट वाराणसी अनिश्चित काल के लिए बंद, हो रही आनलाइन पढ़ाई, साइंस एग्जीबिशन टला। 🔴 *यूपी के मौसम में बदलाव, ठंड का लोग कर रहे हैं एहसास। दिलचस्प खबरों के लिए बनें रहें dil india live news portal

शनिवार, 31 अक्टूबर 2026

VKM Varanasi kamacha news: योजनाबद्ध तैयारी और उससे जुड़े तथ्यों का अध्ययन सफलता के लिए बहुत महत्त्वपूर्ण -आशा यादव

VKM Varanasi kamacha news 30 October 2026

@dil india live 

(Varanasi). राजनीति विज्ञान विभाग वसन्त कन्या महाविद्यालय, कमच्छा वाराणसी द्वारा राष्ट्रीय एकता दिवस पर वाद-विवाद प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। प्राचार्य आशा यादव की अगुवाई में हुए आयोजन में महाविद्यालय की छात्राओं ने 'समान नागरिक संहिता' विषय पर अपनी बेबाक टिप्पणियों एवं सुझाव सम्प्रेषित किया। 

इस अवसर पर महाविद्यालय की प्राचार्य प्रो. आशा यादव ने सभी प्रतिभागी छात्राओं को संबोधित करते हुए कहा कि वर्तमान सामाजिक परिवेश में उपर्युक्त विषय और इसकी प्रासंगिकता अधिक समीचीन प्रतीत होती है। किन्तु किसी भी कार्यक्रम की सफलता के लिए हम सभी की योजनापूर्वक तैयारी और उससे जुड़े हुए तथ्यों का अध्ययन बहुत महत्त्वपूर्ण है। महाविद्यालय की राजनीति विज्ञान विभाग की विभागाध्यक्ष प्रो. रचना श्रीवास्तव ने इस अवसर पर अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि संविधान में भाग-3 एवं भाग-4 में किये गये प्रावधान हमें इस विषय पर भविष्यगामी कानून बनाने एवं उस दिशा में चिंतन के लिए प्रेरित करते हैं। हमारा संविधान इस दिशा में श्रेष्ठ मार्गदर्शक होगा।

 
VKM kamacha Varanasi education News 2026

education News VKM kamacha Varanasi 2026

vkm Varanasi news

इनकी रही खास मौजूदगी 

कार्यक्रम के निर्णायक मंडल में डा. अखिलेश कुमार राय, (समाजशास्त्र विभाग), डॉ. सुप्रिया सिंह, (अंग्रेजी विभाग) एवं डा. आरती चौधरी, (प्राचीन भारतीय इतिहास एवं पुरातत्व विभाग) थे। इस अवसर पर महाविद्यालय के वरिष्ठ शिक्षक-शिक्षिकाएं प्रो. मीनू पाठक, डॉ. आशीष कुमार सोनकर, डॉ. सरोज उपाध्याय, डॉ. पूर्णिमा, आद्या तिवारी सहित अनेक लोग उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन बी.ए. तृतीय वर्ष की छात्रा शुभांगी एवं धन्यवाद ज्ञापन राजनीति विज्ञान विभाग में एसोसिएट प्रो. आशीष कुमार सोनकर ने किया।



शुक्रवार, 30 अक्टूबर 2026

अब भी पकड़ से बाहर तेंदुआ, संभावित ठिकानों पर पिंजरे लगाकर तेंदुए की तलाश, डीएफओ ने किया कैंटोनमेंट का निरीक्षण

Tenduwa news st. Mary's convent school cantonment Varanasi

@dil india live 

(Varanasi). St. Mary's convent school Cantonment के सीसीटीवी कैमरे में तेंदुआ देखे जाने और उसके खौफ से स्कूल प्रबंधन द्वारा बच्चों की सुरक्षा के मद्देनजर स्कूल बंद किए जाने के बाद से ही पुलिस और वन विभाग की टीम संदिग्ध तेंदुएं की तलाश में सक्रिय हैं इसके बावजूद तेंदुआ पकड़ा नहीं जा सका। जीटीसी और छोटा कटिंग के पास तेंदुआ देखें जाने की खबरें सोशल मीडिया पर वायरल विडियो और स्थानीय लोगों से बातचीत के आधार पर विभिन्न समाचार प्लेटफार्म पर जारी हुए थे। इसके बावजूद वन अधिकारी तेंदुआ की कैंटोनमेंट क्षेत्र में मौजूदगी मानने को तैयार नहीं हैं। हालांकि लगातार मिल रही सूचनाओं के बाद वन विभाग सतर्क जरूर हो गया है। वन विभाग की टीम ने इलाके में निगरानी बढ़ा दी है। संभावित ठिकानों पर पिंजरे लगाकर तेंदुए की तलाश की जा रही है।

तेंदुएं की आधिकारिक पुष्टि नहीं-निधि चौहान
डीएफओ निधि चौहान
डीएफओ निधि चौहान कैंटोनमेंट वाराणसी में निरीक्षण के दौरान 

डीएफओ निधि चौहान ने स्पष्ट किया कि अभी तक कैंटोनमेंट क्षेत्र में तेंदुए की मौजूदगी की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। उन्होंने बताया कि सोशल मीडिया पर कुछ वीडियो प्रसारित किए जा रहे हैं, जिनसे लोगों में भय का माहौल बन रहा है। वन विभाग इन वीडियो और उनसे जुड़ी सूचनाओं की जांच कर रहा है। शुक्रवार को प्रभागीय वनाधिकारी (डीएफओ) निधि चौहान ने भी छावनी क्षेत्र का निरीक्षण किया। उन्होंने मौके पर मौजूद वन विभाग की टीम को सतर्कता बरतने और लगातार निगरानी करने के निर्देश दिए। वन क्षेत्राधिकारी संजय कुमार और टीम लीडर अनिल श्रीवास्तव कर्मचारियों के साथ अभियान में जुटे हुए हैं।  

कानूनी कार्रवाई की तैयारी

डीएफओ निधि चौहान ने कहा कि भ्रामक सूचनाएं और अफवाह फैलाने वालों को चिह्नित किया जा रहा है। ऐसे लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल वन विभाग की टीम पूरे क्षेत्र में सतर्कता के साथ निगरानी कर रही है।

सेंट मैरीज़ समेत दो जगह लगा पिंजरा 

वन विभाग की ओर से बंगला नंबर 61 और सेंट मैरीज स्कूल परिसर में दो पिंजरे लगाए गए हैं। तेंदुए को आकर्षित करने के लिए दोनों पिंजरों में बकरी बांधी गई है। विभागीय कर्मचारी लगातार इन स्थानों पर नजर बनाए हुए हैं, ताकि तेंदुए की मौजूदगी मिलने पर उसे सुरक्षित तरीके से पकड़ा जा सके।

बहरहाल दिल इंडिया लाइव जनहित में लोगों से यही अपील करता है की अफवाहों पर ध्यान न दें। सही जानकारी हो तो उसे वन अधिकारियों से शेयर करें ताकि अगर कोई संदिग्ध वन जानवर है भी तो उसे पकड़ा जा सके। जहां तक सावधानी की बात है होशियार रहें। बिना किसी काम के भोर और रात के अंधेरे में घर से बाहर न निकलें।

समाचार सेंट मैरीज़ कांवेंट स्कूल कैंटोनमेंट वाराणसी
यही सीसीटीवी कैमरे में कैद हुआ था संदिग्ध तेंदुआ 



UP Police ने बरामद किया धरती के पेट से नोटों का जखीरा

allahabad Crime News October 2026

@dil india live 

(Allahabad). यूपी police ने धरती के पेट से नोटों का जखीरा बरामद किया है। इस बरामदगी में दो अपराधी भी पुलिस के हत्थे चढ़े हैं। समाचार के अनुसार इलाहाबाद (प्रयागराज) जिले के नवाबगंज इलाके के बरईपुर (रामनगर) गांव में एक घर की जमीन के नीचे गाड़े गए तीन नीले ड्रमों से पांच करोड़ रुपये से अधिक की नकदी पुलिस ने बरामद किया है।

दरअसल पुलिस ने शिकायत के आधार पर राकेश यादव उर्फ महाकाल के घर पर छापा मारकर यह नगदी बड़े ही नाटकीय तरीके से बरामद किया है। पुलिस के अनुसार राकेश पुणे में एक सर्राफा कारोबारी के यहां कर्मचारी था। लॉकडाउन के दौरान जब तमाम लोग अपने घरों और गांवों की ओर भागे तो राकेश भी गांव लौट आया था।




लाकडाउन से राकेश की रईसी का कनेक्शन

लाकडाउन में गांव लौटने पर राकेश ने करीब दस करोड़ की 22 बीघा जमीन खरीदी और पड़ोसियों की नज़र में आ गया। यही नहीं एक करोड़ रुपए का आलीशान मकान भी उसने बनवाया। दो ट्रैक्टर, डीजे और पिकअप खरीदी और सीमेंट व सरिये का कारोबार शुरू कर दिया। सब कुछ बढ़िया और मजे में चल रहा था। छह भाई हैं। तीन गांव में रह रहे थे, तीन बाहर।

ऐसे बिगड़ा राकेश का समीकरण 

बात तब बिगड़ी जब कुछ द‍िनों पहले पड़ोसी से विवाद हुआ। पड़ोस‍ियों ने पुलिस में शिकायत की कि राकेश के घर में धरती के नीचे चोरी के रुपये जमीन में गाड़कर रखे गए हैं। पुलिस ने जांच की तो तीन नीले ड्रमों में नोटों का जखीरा मिला।

500-500 रुपये के नोटों की करीब एक हजार गड्डियां। कुल रकम 5 करोड़ रुपये से ज्यादा बताई जा रही है। इस मामले में राकेश के दो सगे भाइयों को गिरफ्तार किया गया है। दोनों से पूछताछ की जा रही है।

गुरुवार, 29 अक्टूबर 2026

डांडिया उत्सव और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों से गुलजार रहा ‘रंगारंग-2026’

 


@dil india live (Varanasi). महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ के महाराजा (डॉ.) विभूति नारायण सिंह गंगापुर परिसर स्थित ललित कला विभाग में 28 से 30 अक्टूबर तक आयोजित तीन दिवसीय ‘शुभारंभ-2026’ कला मेला, सांस्कृतिक उत्सव एवं राष्ट्रीय चित्र प्रदर्शनी के दूसरे दिन सांस्कृतिक प्रस्तुतियों और डांडिया उत्सव की धूम रही।

सांस्कृतिक प्रस्तुतियों में आकाश पांडेय, श्वेता, वर्षा, शिवम मौर्य एवं रोशनी यादव ने योगदान दिया। वहीं, राष्ट्रीय चित्र प्रदर्शनी में शीतल वर्मा, हर्ष, उदय, पल्लवी यादव एवं भूपेश सहित अन्य विद्यार्थियों की कलाकृतियां आकर्षण का केंद्र रहीं।


द्वितीय सत्र में रिमझिम बारिश के बीच आयोजित डांडिया उत्सव में विद्यार्थियों के साथ शिक्षकों ने भी उत्साहपूर्वक भाग लिया। दर्शकों की उपस्थिति से परिसर में उत्सव का माहौल बना रहा। आयोजन की सफलता में परिसर के शिक्षकों एवं कर्मचारियों की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

कार्यक्रम संयोजक डॉ. सुमित कुमार घोष ने बताया कि ‘रंगारंग-2026’ का उद्देश्य विद्यार्थियों की रचनात्मक प्रतिभा को मंच प्रदान करना तथा कला एवं संस्कृति के प्रति उनकी रुचि को प्रोत्साहित करना है। कला मेला, राष्ट्रीय चित्र प्रदर्शनी और सांस्कृतिक कार्यक्रम विद्यार्थियों को अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने का अवसर प्रदान कर रहे हैं। उन्होंने आयोजन में सहयोग देने वाले शिक्षकों, कर्मचारियों, विद्यार्थियों एवं मीडिया प्रतिनिधियों के प्रति आभार व्यक्त किया।



आयोजन सचिव डॉ. शशिकांत नाग ने भी कार्यक्रम के प्रचार-प्रसार में सहयोग के लिए पत्रकारों एवं मीडिया प्रतिनिधियों का धन्यवाद ज्ञापित किया।

सह संयोजक गौरव दुबे ने बताया तीन दिवसीय आयोजन का समापन 30 अक्टूबर को होगा। समापन समारोह में कुलपति प्रो. आनंद कुमार त्यागी मुख्य अतिथि तथा कुलसचिव डॉ. सुनीता पांडेय एवं परीक्षा नियंत्रक डॉ. दीप्ति मिश्रा विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहेंगे। इस अवसर पर विश्वविद्यालय के अन्य अधिकारी भी शामिल होंगे।

Cultural News VKM kamacha: गोतिपुआ नृत्य की मनोहारी प्रस्तुति पर सभी हुए फ़िदा

@dil india live 

(Varanasi). भारतीय शास्त्रीय कला एवं सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण और संवर्धन के उद्देश्य से स्पिक मैके (SPIC MACAY) के वाराणसी चैप्टर के तत्वावधान में वसंत कन्या महाविद्यालय, कमच्छा में गोतिपुआ नृत्य प्रस्तुत किया गया। इस आकर्षक प्रस्तुति सभी मौजूद लोग फिदा होते दिखें। ओडिशा की समृद्ध पारंपरिक नृत्य शैली के विविध आयामों से सजी इस प्रस्तुति में कलाकारों की भावपूर्ण मुद्राओं, लयबद्ध गतियों, अद्भुत शारीरिक संतुलन और आकर्षक सामूहिक संरचनाओं ने भारतीय शास्त्रीय नृत्य की समृद्ध परंपरा को सजीव रूप में प्रस्तुत किया।



कार्यक्रम का शुभारंभ महाविद्यालय की प्राचार्या प्रो. आशा यादव के स्वागत संबोधन से हुआ। उन्होंने कलाकारों एवं उपस्थित अतिथियों का स्वागत करते हुए भारतीय शास्त्रीय कलाओं के संरक्षण और संवर्धन में स्पिक मैके की भूमिका को महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के सांस्कृतिक आयोजन विद्यार्थियों को भारतीय कला, संगीत और नृत्य की समृद्ध परंपराओं से प्रत्यक्ष रूप से जोड़ते हैं तथा उनमें अपनी सांस्कृतिक विरासत के प्रति सम्मान और संवेदनशीलता विकसित करते हैं।

प्रबंधक उमा भट्टाचार्य ने अपने आशीर्वचनों के माध्यम से कार्यक्रम को गरिमा प्रदान की। उन्होंने भारतीय संस्कृति की समृद्ध परंपराओं को अगली पीढ़ी तक पहुँचाने में ऐसे आयोजनों की महत्ता को रेखांकित किया। उनके आशीर्वचनों ने विद्यार्थियों को भारतीय कला एवं सांस्कृतिक मूल्यों से जुड़ने तथा पारंपरिक विरासत के संरक्षण के लिए प्रेरित किया।

कार्यक्रम का कुशल संचालन डॉ. पूनम वर्मा ने किया। स्पिक मैके के वाराणसी चैप्टर से डाॅ शुभा सक्सेना ने गोतिपुआ नृत्य की ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक पृष्ठभूमि का परिचय देते हुए कलाकारों और उनकी कला-परंपरा से उपस्थित छात्राओं एवं शिक्षकों को अवगत कराया। उनके प्रभावी मंच संचालन ने कार्यक्रम के विभिन्न चरणों को सुव्यवस्थित ढंग से जोड़ते हुए आयोजन को सहज और रोचक बनाया।


स्पिक मैके अर्थात *सोसाइटी फॉर द प्रमोशन ऑफ इंडियन क्लासिकल म्यूजिक एंड कल्चर अमंगस्ट यूथ* भारतीय शास्त्रीय संगीत, नृत्य और अन्य पारंपरिक कलाओं के माध्यम से युवाओं को देश की सांस्कृतिक विरासत से जोड़ने के लिए निरंतर प्रयासरत है। इसी क्रम में आयोजित इस प्रस्तुति ने छात्राओं को ओडिशा की विशिष्ट नृत्य परंपरा को प्रत्यक्ष रूप से देखने और उसके कलात्मक पक्षों को समझने का अवसर प्रदान किया। कार्यक्रम में दशभुजा गोतिपुआ ओडिसी नृत्य परिषद के कलाकारों ने अपनी प्रस्तुति दी। दल का नेतृत्व बटकृष्ण दास ने किया।

मगुनी दास की कलात्मक विरासत

 गोतिपुआ नृत्य की परंपरा के प्रतिष्ठित गुरु एवं पद्मश्री सम्मान से अलंकृत गुरु मगुनी दास की कलात्मक विरासत को इस अवसर पर विशेष रूप से रेखांकित किया गया। उनकी साधना और योगदान ने गोतिपुआ नृत्य को पहचान दिलाने तथा इसकी परंपरा को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

गोतिपुआ नृत्य ओडिशा की एक विशिष्ट पारंपरिक नृत्य शैली है, जिसका ओडिसी नृत्य के ऐतिहासिक विकास से भी गहरा संबंध रहा है। इस शैली में भावाभिनय, मुद्राओं, लय, शारीरिक लचीलेपन और कलात्मक कौशल का अद्भुत समन्वय दिखाई देता है। भगवान जगन्नाथ की भक्ति तथा ओडिशा की धार्मिक-सांस्कृतिक परंपराओं से जुड़ी इस कला में आध्यात्मिक भावों और सौंदर्यबोध की प्रभावशाली अभिव्यक्ति मिलती है। कार्यक्रम के माध्यम से छात्राओं को इस परंपरा की विशिष्टता और उसके सांस्कृतिक महत्व को समझने का अवसर मिला।

नृत्य प्रस्तुति में कलाकारों ने आकर्षक वेशभूषा, भावपूर्ण मुद्राओं और अनुशासित सामूहिक संयोजन के माध्यम से गोतिपुआ शैली की विशेषताओं को सामने रखा। समूह की विविध नृत्य संरचनाओं ने प्रस्तुति को विशिष्ट स्वरूप प्रदान किया। इस नृत्य शैली में शारीरिक कौशल के साथ-साथ साधना, एकाग्रता, लयबोध और भावाभिव्यक्ति का विशेष महत्व है, जिसे कलाकारों की प्रस्तुति के माध्यम से समझा जा सकता था।

कार्यक्रम की सांगीतिक संगति ने भी प्रस्तुति को प्रभावशाली बनाया। श्री बटकृष्ण दास ने मर्दल वादन, श्री भगवान बेहरा ने गायन, श्री कबिराज प्रधान ने बाँसुरी वादन तथा श्री नीलकंठ नायक ने मंजीरा वादन के माध्यम से नृत्य को सांगीतिक आधार प्रदान किया। मर्दल की ताल, गायन की मधुरता, बाँसुरी के स्वर और मंजीरे की लय ने नृत्य की गतियों एवं भावाभिव्यक्ति को सशक्त बनाया। नृत्य और संगीत का यह समन्वय भारतीय प्रदर्शनकारी कलाओं की परस्पर संबद्धता का सुंदर उदाहरण रहा।

नृत्य दल में सौम्यरंजन दास, अभिमन्यु नायक, लाबा मरांडी, गणेश मलिक, अमीर मलिक, राहुल देय तथा कुश्ना जेना सहित कलाकारों ने सहभागिता की। कलाकारों की सामूहिक प्रस्तुति ने गोतिपुआ नृत्य की परंपरा, उसकी कलात्मक विविधता और अनुशासित प्रशिक्षण की महत्ता को रेखांकित किया।


कार्यक्रम के अंत में स्पिक मैके के वाराणसी चैप्टर की ओर से डॉ. शुभा सक्सेना ने औपचारिक धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया। उन्होंने नृत्य दल के कलाकारों, महाविद्यालय की प्राचार्या प्रो. आशा यादव, प्रबंधक श्रीमती उमा भट्टाचार्य, महाविद्यालय की ओर से कार्यक्रम की समन्वयक प्रो. सीमा वर्मा, विभागाध्यक्ष—संगीत (गायन) तथा उपस्थित छात्राओं एवं शिक्षकों के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने भारतीय सांस्कृतिक विरासत को युवा पीढ़ी तक पहुँचाने के लिए स्पिक मैके के प्रयासों और इस आयोजन में सहयोग देने वाले सभी लोगों के योगदान की सराहना की

वसंत कन्या महाविद्यालय में आयोजित यह सांस्कृतिक कार्यक्रम भारतीय शास्त्रीय एवं पारंपरिक कलाओं के प्रति विद्यार्थियों की संवेदनशीलता विकसित करने और गुरु-शिष्य परंपरा के महत्व को समझाने की दिशा में एक सार्थक प्रयास रहा। विभिन्न विभागों की लगभग 150 छात्राओं एवं शिक्षकों की उपस्थिति ने इस आयोजन के शैक्षणिक और सांस्कृतिक महत्व को रेखांकित किया। ऐसे कार्यक्रम विद्यार्थियों को अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जोड़ने के साथ-साथ देश की विविध कलात्मक परंपराओं के प्रति सम्मान, सौंदर्यबोध और सांस्कृतिक चेतना को भी सुदृढ़ करते हैं।

MGKVP Gangapur Campus: ‘रंगारंग-2026’ कला मेला एवं सांस्कृतिक उत्सव में दिखा प्रशिक्षुओं का कला संसार

art exhibition, gangapur campus Varanasi news

@dil india live 

(Varanasi). महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ, वाराणसी के महाराजा (डॉ.) विभूति नारायण सिंह गंगापुर परिसर स्थित ललित कला विभाग द्वारा आयोजित तीन दिवसीय ‘शुभारंभ-2026’ कला मेला एवं सांस्कृतिक उत्सव का भव्य एवं उत्साहपूर्ण वातावरण में शुभारंभ हुआ। उद्घाटन समारोह में कला, संस्कृति एवं रचनात्मक अभिव्यक्ति का अनूठा संगम देखने को मिला।

कार्यक्रम का उद्घाटन डॉ. सुनील कुमार विश्वकर्मा (अध्यक्ष, राज्य ललित कला अकादमी, लखनऊ), डॉ. सुनील कुमार सिंह कुशवाहा (सहायक आचार्य, महिला महाविद्यालय, काशी हिन्दू विश्वविद्यालय) तथा दिनेश कुमार यादव (कला शिक्षक, सेंट्रल हिन्दू बॉयज स्कूल) ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्ज्वलित कर किया। समारोह की अध्यक्षता विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. आनन्द कुमार त्यागी ने की। 

art exhibition kala Mela Gangapur Campus MGKVP university Varanasi 2026



दीर्घा में 350 कलाकृतियां हुई प्रदर्शित

उद्घाटन के पश्चात अतिथियों ने परिसर में आयोजित कला मेले, राष्ट्रीय चित्र प्रदर्शनी तथा विभिन्न कला एवं शिल्प स्टॉलों का अवलोकन किया। राष्ट्रीय चित्र प्रदर्शनी में गंगापुर परिसर में अध्ययनरत विद्यार्थियों द्वारा तैयार की गई लगभग 350 उत्कृष्ट कलाकृतियाँ प्रदर्शित की गई हैं। इन कलाकृतियों में विद्यार्थियों की सृजनात्मक प्रतिभा, कलात्मक दृष्टिकोण और विविध कला शैलियों का प्रभावशाली प्रदर्शन देखने को मिला। प्रदर्शनी ने अतिथियों एवं कला प्रेमियों को विशेष रूप से आकर्षित किया।

art exhibition 2026 ganga pur campus MGKV university Varanasi

कला स्टॉल बने आकर्षण का केंद्र

कला मेले में विभिन्न महाविद्यालयों एवं संस्थानों द्वारा लगाए गए स्टॉल, हस्तनिर्मित वस्तुओं की प्रदर्शनी एवं बिक्री, आकर्षक कलाकृतियों का बाजार तथा कला एवं शिल्प से जुड़ी विविध प्रस्तुतियां आयोजन के प्रमुख आकर्षण रहे। विद्यार्थियों की रचनात्मकता को मंच प्रदान करने के साथ-साथ यह आयोजन स्थानीय कला, हस्तशिल्प और कलात्मक उद्यमिता को प्रोत्साहित करने का महत्वपूर्ण अवसर भी बना।

कार्यक्रम के दौरान हृदयम बैंड के छात्र-छात्राओं ने सांस्कृतिक एवं संगीतमय प्रस्तुतियों के माध्यम से दर्शकों का मन मोह लिया। इन प्रस्तुतियों से पूरा परिसर उत्सवमय वातावरण में सराबोर हो उठा। पहले दिन विद्यार्थियों, शिक्षकों और कला प्रेमियों में विशेष उत्साह देखने को मिला।

इस तीन दिवसीय आयोजन को सफल बनाने में परिसर प्रभारी डॉ. मनीष कुमार सिंह, संयोजक डॉ. सुमित कुमार घोष, सह-संयोजक गौरव दुबे, आयोजन सचिव डॉ. शशिकांत नाग तथा परामर्शदात्री डॉ. अर्चना पाण्डेय की महत्वपूर्ण भूमिका रही। ये सभी ललित कला विभाग में सहायक आचार्य के रूप में कार्यरत हैं।





प्रतिभा प्रदर्शित करने के लिए मंच 

‘शुभारंभ-2026’ का उद्देश्य विद्यार्थियों को अपनी कलात्मक प्रतिभा प्रदर्शित करने के लिए मंच प्रदान करना, कला एवं संस्कृति के प्रति रुचि विकसित करना तथा विभिन्न कला विधाओं के माध्यम से रचनात्मक संवाद को प्रोत्साहित करना है। आयोजन के आगामी दिनों में भी विविध सांस्कृतिक कार्यक्रमों एवं कलात्मक गतिविधियों के माध्यम से परिसर में उत्सव का माहौल बने रहने की उम्मीद है। संचालन डॉक्टर अविनाश कुमार सिंह एवं प्रकंक्षा तिवारी ने किया।

बुधवार, 28 अक्टूबर 2026

karwachauth: साजन के लिए सजने संवरने का चला देर रात तक दौर, कल सुहागिन महिलाएं चांद देखकर तोड़ेंगी व्रत

करवा चौथ न्यूज़ 2026 वाराणसी
करवा चौथ पर सुहागिन महिला चलनी में चांद देखते हुए (फाइल फोटो)

@dil india live 

(Varanasi). करवा चौथ कल है, मगर तैयारियां सप्ताह भर पहले से ही शुरू हो गई थी। सजना के लिए सजने संवरने का दौर बुधवार को देर रात तक चलता रहा। सुहागिन महिलाएं चलनी में अपना चांद देखकर व्रत तोड़ेंगी।

जानिए कब है करवा चौथ 

सुहागिन महिलाओं का सबसे बड़ा पर्व करवा चौथ इस साल गुरुवार, 29 अक्टूबर 2026 को मनाया जाएगा। 28 अक्टूबर को लेकर जो कन्फ्यूजन था, वो पंचांग ने साफ कर दिया है। चांद का व्रत होने से चतुर्थी तिथि चंद्रोदय के समय होनी चाहिए, जो 29 अक्टूबर को ही है हालांकि आज रात से ही बाजारों में मेहंदी, चूड़ी और सरगी की रौनक बढ़ गई है।

करवा चौथ 2026 शुभ मुहूर्त

- तिथि: गुरुवार, 29 अक्टूबर 2026

- चतुर्थी तिथि शुरू: 29 अक्टूबर रात 01:06 बजे से

- चतुर्थी तिथि खत्म: 29 अक्टूबर रात 10:09 बजे तक

- व्रत का समय: सुबह 06:31 बजे से रात चांद निकलने तक

- पूजा का शुभ मुहूर्त: शाम 05:38 बजे से 06:56 बजे तक

चांद निकलने का समय

दिल्ली में 08:17 बजे, वाराणसी / लखनऊ में 08:06 बजे के आसपास, कोलकाता में 07:47 बजे।


क्यों मनाया जाता है करवा चौथ?

हिंदू पंचांग के अनुसार कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी को ये व्रत रखा जाता है। 'करवा' का मतलब होता है मिट्टी का छोटा बर्तन और 'चौथ' मतलब चतुर्थी।

मान्यता है कि इस दिन सुहागिन महिलाएं अपने पति की लंबी उम्र, अच्छे स्वास्थ्य और सुखी वैवाहिक जीवन के लिए निर्जला व्रत रखती हैं। महिलाएं भगवान शिव, माता पार्वती, गणेश जी और करवा माता की पूजा करती हैं और चंद्रदेव को अर्घ्य देकर व्रत खोलती हैं।



ये पर्व उत्तर भारत: पंजाब, हरियाणा, राजस्थान, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश और बिहार में बहुत धूमधाम से मनाया जाता है।

व्रत की विधि और कथा का महत्व

  • सरगी: सुबह सूरज निकलने से पहले सास अपनी बहू को सरगी देती है, जिसमें फल, मिठाई, सेवईं होती है।
  • निर्जला व्रत: महिलाएं पूरे दिन बिना पानी और भोजन के रहती हैं।
  • सोलह श्रृंगार: लाल, मरून रंग के कपड़े, मेहंदी, सिंदूर करके शाम को पूजा होती है।
  • व्रत कथा: करवा माता की कथा सुने बिना व्रत अधूरा माना जाता है। कथा में करवा नाम की पतिव्रता महिला की कहानी है जिसने अपने पति को यमराज से बचाया था। शाम को चांद निकलने पर पति अपनी पत्नी को पानी पिलाकर व्रत खुलवाता है।

Varanasi: DAV Intermediate College के तीन मेधावियों को मिलेगी मनु शर्मा स्मृति छात्रवृत्ति


@dil india live 

(Varanasi). डीएवी इन्टर कॉलेज, औसानगंज में कॉलेज के प्रवक्ता रहे साहित्यकार, लेखक और चिंतक पद्मश्री स्व. हनुमान प्रसाद शर्मा "मनु शर्मा" के 99 वीं जयन्ती पर बुधवार को स्मरण सभा एवं छात्रवृत्ति सम्मान कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में उन्हें श्रद्धासुमन अर्पित किया गया साथ ही मनु शर्मा स्मृति छात्रवृत्ति के लिए चयनित 3 मेधावियों के नाम की घोषणा की गई। 

उनकी पौत्री ईशानी शर्मा व पौत्र पार्थ शर्मा द्वारा उनकी स्मृति में शुरू की गई यह छात्रवृत्ति योजना प्रतिवर्ष उनकी स्मृति में 3 मेधावियों को प्रदान की जाती है। 


इस वर्ष पद्मश्री मनु शर्मा छात्रवृत्ति योजना के अंतर्गत कक्षा 11 के छात्र गौरव मौर्य, कक्षा दस के छात्र आदर्श यादव एवं कक्षा 9 के छात्र आयुष गुप्ता को रुद्राक्ष में आयोजित कार्यक्रम में प्रदान की जायेगी। 



इसके पूर्व मुख्य अतिथि प्रबंधक अजीत कुमार सिंह यादव, विशिष्ट अतिथि कोषाध्यक्ष हरिवंश सिंह तथा प्रधानाचार्य अशोक कुमार सिंह ने पं मनु शर्मा के चित्र पर माल्यार्पण कर उन्हें श्रद्धा सुमन अर्पित किया। 

इस अवसर पर शिक्षक डॉ. विवेक कुमार सिंह, परीक्षित सिंह, डॉ. शिवकुमार, शिव प्रकाश वर्मा, प्रदीप गुप्ता, राहुल श्रीवास्तव, राहुल कुमार सिंह समेत समस्त अध्यापक उपस्थित रहे। संचालन डॉ. पंच बहादुर सिंह ने किया।

मंगलवार, 27 अक्टूबर 2026

Cantonment Varanasi में तेंदुआ खोजने Gorakhpur से पहुंची Team, Sarch Opretion जारी, St. Mary's school बंद

तेंदुएं की दहशत के बीच वेटनरी चिकित्सकों की टीम ने वन अधिकारियों संग डाला डेरा
St. Mary's convent school cantonment Varanasi news

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(Varanasi). Cantonment Varanasi में तेंदुआ खोजने Gorakhpur से वेटनरी चिकित्सकों की Team पहुंच गई। कैंटोनमेंट क्षेत्र में Sarch Opretion जारी है। फिलहाल St. Mary's school बुधवार को भी बंद ही रहेगा। स्कूल की प्रिंसिपल ने इस संदर्भ में बताया की बच्चों की सुरक्षा सर्वोपरि है। जब तक संदिग्ध जानवर का पता नहीं चल जाता तब तक स्कूल बंद ही रहेगा, आनलाइन क्लासेज जारी है।

नहीं मिले तेंदुए के पगचिह्न  

कैंटोनमेंट क्षेत्र में तेंदुए की आहट से दहशत बरकरार है। तेंदुए को पकड़ने के लिए अब गोरखपुर से वेटनरी चिकित्सकों की टीम वन अधिकारियों के साथ इलाके में डेरा डाल दिया है। संदिग्ध तेंदुए की गतिविधियों और लोकेशन का पता लगाने के बाद उसे ट्रैंकुलाइज कर पकड़ा जाएगा। अधिकारियों का कहना है कि सेंट मैरीज़ स्कूल, 39 जीटीसी और नदेसर के छोटा कटिंग इलाके में तेंदुए देखें जाने की कथित सूचनाएं मिली मगर उसके पगचिह्न नहीं मिले हैं। ऐसे ही ईसीएचएस पार्किंग ग्राउंड में सुबह तेंदुआ देखें जाने और सभी से सतर्क रहने का अनुरोध का मैसेज भी कैंटोनमेंट के एक ग्रुप में वायरल हो रहा है।

सेंट मैरीज़ स्कूल में 24 घंटे निगरानी 

वन विभाग ने तेंदुए की तलाश के लिए तीन टीमें बनाई हैं। प्रत्येक टीम में पांच विशेषज्ञ शामिल हैं। तीनों टीमों ने सबसे पहले उन जगहों की जांच की, जहां तेंदुआ दिखने की सूचना मिली थी। इसके बाद छावनी के जंगली और झाड़ियों वाले इलाकों में तलाश शुरू की गई। सेंट मैरी स्कूल में 24 घंटे निगरानी रखी जा रही है।

वन क्षेत्राधिकारी तेंदुआ मानने को तैयार नहीं

वन क्षेत्राधिकारी संजय कुमार के मुताबिक, तीनों स्थानों पर जांच के दौरान छोटे जानवरों के पगचिह्न मिले हैं। अभी तक तेंदुए की मौजूदगी की पुष्टि नहीं हो सकी है। उन्होंने बताया कि जब तक यह स्पष्ट नहीं हो जाता कि इलाके में तेंदुआ है या नहीं, तब तक स्कूल के साथ पूरे छावनी क्षेत्र में निगरानी जारी रहेगी।

तब सेंट मैरीज़ में दिखा था तेंदुआ

सेंट मैरीज़ कांवेंट स्कूल के सीसीटीवी कैमरे में गुरुवार को  तेंदुआ दिखाई दिया था। इसके बाद 39 जीटीसी क्षेत्र में भी उसके देखे जाने की सूचना मिली। यहां दो जवानों ने तेंदुए की घेराबंदी करने की कोशिश की, लेकिन वह चकमा देकर भाग निकला। इसके बाद नदेसर के छोटा कटिंग स्कूल के मैदान में तेंदुआ दिखने की खबर से हड़कंप मच गया था। वहां पादरी सैम जोशुआ का बंगला और मसीही समुदाय की आबादी भी है।

st. Mary's convent school cantonment Varanasi yahi dikha tha Tenduwa

पादरी सैम और सलीम के घर से समीप एक चहारदीवारी पर तेदुआ दिखाई दिया। इसी दौरान एक गाड़ी की लाइट पड़ने पर वह दूसरी तरफ कूदकर अंधेरे में गायब हो गया। दरअसल पादरी का बंगला परिसर और सेंट मैरीज़ स्कूल की बाउंड्री पीछे से सटी हुई है। संदिग्ध तेंदुआ दिखने की सूचना के बाद वन विभाग अलर्ट है। इसके बावजूद उसका अब तक न पकड़ा जाना खौफ और दहशत बढ़ाने में मददगार ही साबित हो रहा है, हालांकि दिल इंडिया लाइव बार बार लोगों से यही अपील कर रहा है कि अगर ज्यादा जरूरी न हो तो रात के अंधेरे और भोर में घर से अकेले न निकले। 



Varanasi की Sudhi Singh की डॉक्यूमेंट्री फिल्म ‘The Doms: Kings Of The Pyer’ को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मिली सराहना


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F. Farouqi/Ajeet Singh Rajput 

(Varanasi). वाराणसी स्थित क्रिमसन वर्ल्ड स्कूल की कक्षा 12 की Student सुधि सिंह ने अपनी डॉक्यूमेंट्री फिल्म ‘द डोम्स: किंग्स ऑफ द पायर’ के निर्देशन के माध्यम से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर विशेष पहचान हासिल की है। यह फिल्म काशी के हरिश्चंद्र घाट सहित अन्य श्मशान घाटों पर अंतिम संस्कार से जुड़े डोम समुदाय के जीवन, सामाजिक-आर्थिक परिस्थितियों तथा कार्य के दौरान होने वाली स्वास्थ्य संबंधी चुनौतियों को संवेदनशीलता के साथ प्रस्तुत करती है। 

जानिए कौन कौन से मिले पुरस्कार 

सुधि सिंह द्वारा निर्देशित इस डॉक्यूमेंट्री फिल्म को कई प्रतिष्ठित फिल्म समारोहों में पुरस्कार एवं सम्मान प्राप्त हुए हैं। इनमें गोल्डन लायन इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल, क्राउन वुड इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल, सुंदरबन इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल, इंडियन इंडिपेंडेंट फिल्म फेस्टिवल तथा एशियन इंटरनेशनल फिल्मफेयर अवॉर्ड्स शामिल हैं। इसके अतिरिक्त, एशियन इंडिपेंडेंट फिल्म फेस्टिवल के 12वें सीजन में फिल्म को सर्वश्रेष्ठ नवोदित फिल्म निर्माता श्रेणी में विशेष उल्लेख (Honourable Mention) प्राप्त हुआ।

फिल्म का चयन वैंकूवर इंटरनेशनल यूथ फिल्म फेस्टिवल, ब्लू बर्ड फिल्म फेस्टिवल, चेन्नई इंटरनेशनल शॉर्ट फिल्म फेस्टिवल तथा नई दिल्ली फिल्म फेस्टिवल के लिए भी किया गया है। इन उपलब्धियों से सुधि सिंह की रचनात्मक प्रतिभा और सामाजिक विषयों पर उनकी संवेदनशील दृष्टि को व्यापक पहचान मिली है।


यह डॉक्यूमेंट्री डोम समुदाय के दैनिक जीवन, कार्य परिस्थितियों, स्वास्थ्य संबंधी जोखिमों तथा सामाजिक-आर्थिक चुनौतियों को सामने लाने के साथ ही समाज के महत्वपूर्ण पहलुओं पर संवाद की आवश्यकता को रेखांकित करती है। फिल्म के माध्यम से काशी की सांस्कृतिक पहचान से जुड़े इस समुदाय के जीवन को करीब से समझने का अवसर मिलता है।उल्लेखनीय है की सुधि सिंह के पिता बरेका में कार्यरत है।



सुधि सिंह की यह उपलब्धि युवा पीढ़ी की रचनात्मक क्षमता, सामाजिक सरोकारों और सार्थक कहानी कहने की शक्ति का प्रेरक उदाहरण है। उनकी इस पहल ने काशी के एक महत्वपूर्ण समुदाय के जीवन और चुनौतियों को व्यापक मंच पर प्रस्तुत करने का सराहनीय प्रयास किया है।

SHAN-E-BANARAS टूर से उमराह के लिए जत्था होगा रवाना

Hajj Umrah tour news Varanasi October 2026
शान-ए-बनारस टूर एंड ट्रेवल्स द्वारा उमराह यात्रा पर जाने वाले जायरीन की हो रही ट्रेनिंग 


@dil india live 

(Varanasi). वाराणसी के शान-ए-बनारस टूर एंड ट्रेवल्स, अर्दली बाज़ार के जरिए 4 हाजियों का जत्था उमराह के लिए रवाना होने वाला है। इसमें मोहम्मद अंजर (48 वर्ष), गफ्फार खान (72 वर्ष), अहमद अली (78 वर्ष) व मेहरुन निशा (70 वर्ष) शामिल हैं। इन सभी जायरीन को अभी उमराह की मुकम्मल ट्रेनिंग दी जा रही है।

शान-ए-बनारस के नेतृत्वकर्ता हाजी फारुख खां ने बताया कि अभी जायरीन को बाकायदा उमराह की मुकम्मल ट्रेनिंग दी जा रही है ताकि जब मक्का और मदीना में जायरीन पहुंचे तो किसी बात को लेकर कंफ्यूज न रहें बल्कि इबादत करने गये हैं तो मुकम्मल इबादत करके ही लौटें 


दिल्ली से है उड़ान

सभी जायरीन की उड़ान दिल्ली से है। शान-ए-बनारस के शाहरुख खान ने बताया कि 08 नवंबर को दिल्ली से जेद्दा के लिए रवानगी होने वाली है जिससे सभी जायरीन रवाना होंगे और 27 नवंबर को जेद्दा से दिल्ली इनकी वापसी होगी। ट्रेवल्स की तरफ से सभी हाजियों के लिए मुबारकबाद के साथ ही दुआओं की गुजारिश किया गया है।


Umrah tour and travel, Varanasi,27 October 2026