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शुक्रवार, 4 सितंबर 2026

Mother Teresa की पुण्यतिथि पर भावुक हुई काशी, Varanasi Cantonment के GPO स्क्वायर में दी गई श्रद्धांजलि

मानवता की सेवा के लिए मदर टेरेसा का जीवन समाज के लिए प्रेरणास्रोत-बिशप यूजीन जोसेफ
mother Teresa purniya tithi Varanasi 3 September 2026


dil india live (Varanasi). संत मदर टेरेसा ऑफ कलकत्ता की पुण्यतिथि के अवसर पर काशी भावुक थी, वजह मदर टेरेसा का काशी से गहरा नाता था। मदर टेरेसा की सेवाएं आज भी उनकी स्थापित संस्थाओं से काशी के दीन, दुखी और जरुरतमंद उठा रहे हैं। 

गुरुवार को वाराणसी के Cantonment स्थित GPO स्क्वायर में मदर टेरेसा की स्मारक प्रतिमा के समक्ष पुण्यतिथि शांति समारोह के रूप में आयोजित की गई। समारोह का आयोजन डायोसिस ऑफ वाराणसी की ओर से हुआ था। आयोजन मेें पीस के लिए काम करने वाले और गांधीवादी भी पहुंचे। आयोजन में मदर टेरेसा के प्रेम, करुणा, सेवा और शांति के संदेश को याद किया गया। वाराणसी धर्म प्रांत के बिशप यूजीन जोसेफ ने कहा कि मानवता की सेवा के लिए मदर टेरेसा का समर्पित जीवन आज भी समाज के लिए प्रेरणास्रोत है। उन्होंने जरूरतमंदों और वंचितों की सेवा को अपने जीवन का उद्देश्य बनाया तथा पूरी दुनिया को मानवता, प्रेम और शांति का संदेश दिया।
mother Teresa purniya tithi Varanasi 03 September 2026


मदर टेरेसा का जीवन दो विश्वयुद्धों का साक्षी

प्रोफेसर राम सुधार सिंह ने कहा कि मदर टेरेसा का जीवन दो विश्वयुद्धों का साक्षी रहा है। दूसरे विश्वयुद्ध के ठीक पहले बंगाल में भयंकर अकाल आया जिसमें लाखों लोग काल कवलित हुए थे। मदर ने इस विभीषिका को देखा था। उन्होंने अभावग्रस्त, रोगी, अपाहिज लोगों की सेवा को अपने जीवन का लक्ष्य बना लिया। मदर टेरेसा के अनुसार प्रार्थना का मूल तत्व प्रेम है और प्रेम का मूल तत्व सेवा है।

इनकी रही खास मौजूदगी 
इस अवसर पर विशाल सारस्वत, सीईओ कैंटोनमेंट, राजकुमार सदस्य छावनी परिषद, परमानंद, भारतीय डाक तार विभाग, गांधीवादी डॉ मोहम्मद आरिफ, सिस्टर जमीला, सिस्टर अंजू, सिस्टर मंजू, फादर जान अब्राहम, फादर जोसेफ परेरा एवं सेंट मेरी स्कूल की सिस्टर्स, टीचर्स सहित काफी लोग मौजूद थे। स्कूल के बच्चों ने गीत के माध्यम से मदर टेरेसा को श्रद्धांजलि अर्पित की। संचालन सेंट मेरी स्कूल एवं धन्यवाद फादर थॉमस ने दिया।

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