शुक्रवार, 18 सितंबर 2026

Ex Chief Editor Dr Anand Bahadur Singh की 97 वीं जयंती भदैनी आवास पर मनाई गई

सम्पादकाचार्य आनन्द बहादुर सिंह ने कभी अपने सिद्धांतों से समझौता नही किया

पद्मश्री पं. शिवनाथ मिश्र, साहित्यकार डॉ. गया सिंह, यशपाल कुमार आदि विद्वानों ने रखें विचार

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Varanasi (वाराणसी)। सम्पादकाचार्य स्व. डॉ. आंनद बहादुर सिंह (Ex Chief Editor Sunmarg Hindi daily news paper Varanasi) की 97 वीं जयंती लोलार्क षष्ठी के अवसर पर गुरुवार को उनके भदैनी स्थित पैतृक आवास पर मनाई गई। इस मौके पर काशी के विद्वत समाज ने उनका पुण्य स्मरण कर उन्हें श्रद्धा सुमन अर्पित किया। मुख्य अतिथि पद्मश्री पं. शिवनाथ मिश्र, वरिष्ठ साहित्यकार डॉ. गया सिंह, वरिष्ठ अधिवक्ता एवं साहित्यकार यशपाल कुमार, सितारविद पं. देवब्रत मिश्रा सहित अन्य विशिष्टजनों ने बाबू आनन्द बहादुर सिंह के चित्र पर माल्यार्पण कर उनके कृतित्व और व्यक्तित्व पर चर्चा की। 

मुख्य अतिथि पद्मश्री पं. शिवनाथ मिश्रा ने कहा कि बाबू आनन्द बहादुर सिंह जैसा व्यक्तित्व अत्यंत दुर्लभ होता है, एक लेखक के रूप में उन्होंने कभी भी सिद्धांतों से समझौता नही किया। वें संकट मोचन हनुमान जी के अनन्य भक्त थे और साहित्य, संगीत, रंगमंच जैसी विधाओं के गहरे जानकार भी थे। विशिष्ट अतिथि साहित्यकार यशपाल कुमार ने कहा कि बाबू साहब सही मायने में काशीरत्न थे, काशी के इतिहास को लेकर उनका अध्ययन काफी संवेदनशील रहा। 

अध्यक्षता करते हुए वरिष्ठ साहित्यकार एवं भारतेंदु संस्थान के अध्यक्ष डॉ. गया सिंह ने कहा कि वें बनारस को जीने वाले व्यक्ति थे, उनकी लेखनी में संतमत की छाप दिखती थी, वें पत्रकार के साथ साथ एक साहित्यकार और कवि के रूप में भी जाने पहचाने गए। 

इनकी रही खास मौजूदगी 

कार्यक्रम में सेल्स टैक्स बार एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष ज्ञानप्रकाश शुक्ला, सितारविद पं. देवब्रत मिश्रा, राजेश सिंह, गोपेश चंद्र राय, संदीप चौरसिया, एडवोकेट अमृत प्रभात, राजेश चौरसिया, डॉ. विनोद शर्मा आदि उपस्थित रहे। स्वागत विजय बहादुर सिंह एवं धन्यवाद प्रताप बहादुर सिंह ने दिया।

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