डॉ. आशीष ने संयमित होकर भाषण को अभिव्यक्त करने पर दिया जोर
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(Varanasi). वसंत कन्या महाविद्यालय में हिंदी विभाग एवम् पुनर्नवा हिन्दी साहित्य परिषद् के संयुक्त तत्त्ववधान में हिंदी सप्ताहोत्सव के दूसरे दिन भजन एवं भाषण प्रतियोगिता का आयोजन हुआ। भजन प्रतियोगिता में निर्णायक मंडल के रूप में वसंत कन्या महाविद्यालय, कमच्छा, वाराणसी के संगीत वादन विभाग की विभागाध्यक्षा प्रो. मीनू पाठक एवं समाजशास्त्र विभाग से सहायक आचार्य डॉ. अनुराधा बापुली उपस्थित रहीं।
भजन प्रतियोगिता में अनुभवी आर्या, सुरभि कात्यायन, निधि मिश्रा, लक्ष्मी कुमारी, स्नेहा सिंह राजपूत, रिया दुबे, सोनम मौर्या, अंजिता मिश्रा, प्रियांशी झा, अर्पिता पाठक, सिंधु, महिमा कुमारी, जाह्न्वी त्रिपाठी ने प्रतिभाग किया।
निर्णायक मंडल की सदस्या प्रो. मीनू पाठक ने ललित कला के विभिन्न कलाओं की, संगीत की बुनियादी तत्वों की, भक्तिकाल की प्रमुख प्रवृत्ति एवं बच्चों की भजन का उल्लेख करते हुए अपना वक्तव्य दिया।
'प्रेम रतन धन पायो' गीत की प्रस्तुति
भजन प्रतियोगिता में निर्णायक मंडल की दूसरी सदस्य डॉ. अनुराधा बापुली ने प्रतिभागी विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए संयोजकों के प्रति आभार व्यक्त किया। अपने संबोधन के बाद उन्होंने 'प्रेम रतन धन पायो' गीत की प्रस्तुति की। इस कार्यक्रम में तबले पर डॉक्टर सौम्याकांत मुखर्जी की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
परिणाम की घोषणा 23 सितंबर को
प्रतियोगिता के परिणाम की घोषणा 23 सितंबर को की जाएगी। भजन प्रतियोगिता सत्र का सफल संचालन साक्षी सैनी और खुश्बू पटेल ने किया। इस सत्र का धन्यवाद ज्ञापित करते हुए हिन्दी विभागाध्यक्षा प्रो. आशा यादव ने छात्रों को आत्म परिष्कार के लिए प्रेरित किया।
भाषण प्रतियोगिता के निर्णायक मंडल के रूप में राजनीति शास्त्र विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. आशीष सोनकर ने प्रतिभागियों को समय के प्रति प्रतिबद्ध रहने के लिए कहा साथ ही उन्होंने भाषा के प्रति संयमित होकर अपने भाषण को अभिव्यक्त करने पर जोर दिया। निर्णायक मंडल के दूसरे सदस्य अंग्रेजी विभाग से सहायक आचार्य डॉ. पूर्णिमा सिंह ने जेन-जी की मिश्रित भाषाओं पर प्रकाश डाला। उन्होंने आगे कहा कि भाषा निरंतर प्रवाहमान रहती है इसलिए उस पर किसी प्रकार का कोई अंकुश नहीं लगाया जा सकता है। अंग्रेजी और हिन्दी का मूल एक ही है इसलिए आज दोनों की एकरूपता पर विचार करना चाहिए।
प्रतियोगिता में इनकी रही भागीदारी
कृति कुमारी, साक्षी सुमन, सांभवी सिंह, अंकिता यादव, शालिनी गुप्ता, श्रेया यादव, कोमल, प्रिया चौरसिया, साभावी सिन्हा, डिमलुनियांग थोमटे, श्रेजल सिंह, श्रेया सिंह, नूतन विश्वकर्मा, मानसी, हर्षिता दृष्टि पासवान, अस्मिता खंडेवाल, दीक्षा सिंह, अंजीता मिश्रा, श्रेया यादव ने प्रतिभाग किया। भाषण प्रतियोगिता के परिणाम की घोषणा 23 सितंबर को की जाएगी। महाविद्यालय की प्राचार्या प्रो. रचना श्रीवास्तव ने प्रतिभागी छात्राओं को प्रोत्साहित करते हुए उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए शुभकामनाएं दी।
इस अवसर पर हिंदी विभाग से प्रो. आशा यादव, प्रो. सपना भूषण, डॉ. शुभांगी श्रीवास्तव, डॉ. प्रीति विश्वकर्मा, राजलक्ष्मी जायसवाल, डॉ. आर्यपुत्र दीपक सहित अन्य आचार्य उपस्थित रहें। कार्यक्रम का सफल संचालन देविका सिंह एवं साक्षी ने किया। कार्यक्रम के अंत में धन्यवाद ज्ञापन हिन्दी विभाग की सहायक आचार्या राजलक्ष्मी जायसवाल ने दिया।




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