} .post h1, .post-title, .post-title a { color: #CC0000 !important; } .post h2 { color: #222222 !important; border-left: 4px solid #CC0000 !important; padding-left: 8px !important; } .post h3, .post h4 { color: #222222 !important; } }

ब्रेकिंग न्यूज

ब्रेकिंग न्यूज़
🔴 मध्य प्रदेश के देवास में खातेगांव थाना प्रभारी दिलीप पुरी को शराब से भरे ट्रक ने कुचला, मौत । 🔴 सेंट मैरीज़ कांवेंट स्कूल कैंटोनमेंट में क्लास 6 से 8 तक के लिए स्कूल के कपाट खुले, तेंदुआ अब भी पकड़ से बाहर। 🔴 भारतीय वायुसेना के 29 वें चीफ बने आशुतोष दिक्षित, पदभार संभाला।। 🔴 नीता अंबानी ने किया 'नीता मुकेश अंबानी अनंत आश्रय' का भूमिपूजन, 5,000 से अधिक जरूरतमंदों को मिलेगा अपना घर। 🔴 कल 3 नवंबर को वाराणसी में होगा सपा प्रमुख व पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव का आगमन। 🔴 वाराणसी के मौसम में बदलाव, सुबह सुबह दिखी ठंड के साथ कोहरे की चादर। दिलचस्प खबरों के आप हमारे साथ बनें रहें dil india live news portal

बुधवार, 4 फ़रवरी 2026

DAV PG College में RSS के शताब्दी वर्ष पर डीएवी में राष्ट्रीय संगोष्ठी का दूसरा दिन

अपने असल इतिहास को जान ले युवा तो बदल जायेगा भारत- प्रो. जेपी लाल




dil india live (Varanasi). । डीएवी पीजी कॉलेज में आईसीएसएसआर, नई दिल्ली द्वारा प्रायोजित पंच परिवर्तन और भविष्य का भारत विषयक दो दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी के दूसरे दिन मंगलवार को समापन सत्र में अध्यक्षता करते हुए झारखंड केंद्रीय विश्वविद्यालय के कुलाधिपति प्रो. जयप्रकाश लाल ने कहा कि भारत के इतिहास को बार बार दुर्भाग्यपूर्ण ढंग से बदला गया, हमारे पुराणों पर प्रश्नचिन्ह लगाया गया, जिसके कारण समाज मे विषमता आयी, आज युवा सिर्फ अपने गौरवशाली इतिहास को जान ले तो भारत को बदलने से कोई रोक नही सकता है। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के शताब्दी वर्ष के उपलक्ष्य में आयोजित इस संगोष्ठी में प्रो.जेपी लाल ने कहा कि संघ के पंच परिवर्तन की सफलता जन जन के सहयोग से ही संभव होगा। 

        मुख्यवक्ता राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के काशी प्रान्त प्रचारक रमेश कुमार ने कहा की हमारे पतन का मुख्य कारण आंतरिक विभेद ही रहा, भारत का भाग्य तभी बदलेगा जब जन जन सामाजिक समरसता के साथ रहेंगे। विशिष्ट वक्ता इग्नू के पूर्व कुलपति एवं शिक्षाविद डॉ. नागेश्वर राव ने कहा की 2047 में विकसित भारत के केंद्र में गरीब, किसान, महिला और युवा शक्ति है। महाशक्ति बनने के लिए जो समस्याएं है उनका हल संघ के मूल सिद्धांत में निहित है।

       विभिन्न सत्रों में विशिष्ट व्याख्यान में महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ के कुलपति प्रो. आनन्द कुमार त्यागी ने कहा कि अधिकार के लिए तो सभी जागरूक रहते है लेकिन अपने कर्त्तव्य को भूल जाते है, नागरिक कर्तव्य बोध द्वारा ही भविष्य का भारत बनाया जा सकता है। वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. वंदना सिंह ने कहा कि पंच परिवर्तन ही भारत को 21 वीं सदी की महाशक्ति बनायेगा। जननायक चंद्रशेखर विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. संजीव कुमार गुप्ता ने कहा कि समाज मे जागरण लाने की आवश्यकता है, इसमें संघ की भूमिका बहुत महत्वपूर्ण हो जाती है।

कॉलेज के प्रबंधक अजीत सिंह यादव ने अतिथियों को रुद्राक्ष की माला, तुलसी का पौधा और प्रभुश्रीराम का स्वरूप प्रदान कर सम्मानित किया। स्वागत प्राचार्य प्रो. मिश्रीलाल एवं धन्यवाद ज्ञापन संयोजक डॉ. शान्तनु सौरभ ने दिया। रिपोर्ट सह संयोजक डॉ. सिद्धार्थ सिंह ने प्रस्तुत किया। विभिन्न सत्रों का संचालन डॉ. रमेन्द्र सिंह, डॉ. राजेश झा एवं डॉ. दीपक शर्मा ने किया। इस अवसर उप प्राचार्य द्वय प्रो. संगीता जैन, प्रो.राहुल, डॉ. पारुल जैन, डॉ.संजय सिंह सहित समस्त प्राध्यापक एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।

 4 सत्रों में 20 विद्वानों ने रखे विचार

संगोष्ठी में दूसरे दिन 3 अलग अलग सत्रों में देशभर के 20 विद्वानों ने विचार रखें, उनमें संपर्क प्रमुख दीनदयाल, गुजरात केंद्रीय विवि के पूर्व कुलपति आर.एस दुबे, आईएफएस अधिकारी रवि कुमार सिंह, प्रो. बंदना झा (जेएनयू), प्रो.निशा सिंह (विद्यापीठ), प्रो. मनीषा मल्होत्रा (बीएचयू), डॉ. राजीव सिंह (हरियाणा केंद्रीय विवि), प्रचारक नितिन, शिवम कुमार सहित दो दर्जन विशेषज्ञों ने विचार रखे। इसके साथ ही तकनीकी सत्र में दूसरे दिन 118 शोधपत्र पढ़े गए। 

कोई टिप्पणी नहीं: