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शुक्रवार, 9 अक्टूबर 2026

Education News VKM kamacha Varanasi: मनोविज्ञान विभाग के मनस्विनी क्लब द्वारा आयोजित ‘मन मंथन’ के अंतिम दिन हुए अनेक आयोजन

‘जीवन के अनुभवों को सुनना: वास्तविक आवाज़ें, वास्तविक बदलाव’ विषयक हुई परिचर्चा

education News Varanasi VKM kamacha 09 October 2026Octu

@dil india live 

(Varanasi). वसंत कन्या महाविद्यालय के मनोविज्ञान विभाग के मनस्विनी क्लब द्वारा आयोजित तीन दिवसीय मानसिक स्वास्थ्य जागरूकता कार्यक्रम ‘मन मंथन’ के तृतीय दिवस, 9 अक्टूबर को विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत ‘जीवन के अनुभवों को सुनना: वास्तविक आवाज़ें, वास्तविक बदलाव’ विषय पर आधारित परिचर्चा से हुई। परिचर्चा में महाविद्यालय की प्राचार्या प्रो. रचना श्रीवास्तव, प्रो. निहारिका लाल, प्रो. पूनम पांडेय, प्रो. शशिकला, प्रो. इंदु उपाध्याय, प्रो. नीरंजना श्रीवास्तव एवं प्रो. मंजू कुमारी शामिल रहीं। 

प्राचार्या प्रो. रचना श्रीवास्तव ने ‘मन मंथन’ और ‘समुद्र मंथन’ के बीच संबंध स्थापित करते हुए मानसिक स्वास्थ्य के संदर्भ में आत्मचिंतन के महत्त्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने मानसिक स्वास्थ्य को बनाए रखने में परिवार और मित्रों के भावनात्मक सहयोग की भूमिका पर भी चर्चा की। परिचर्चा के पश्चात सभी अतिथियों एवं प्रायोजकों का सम्मान किया गया। इसके बाद एक नृत्य प्रस्तुति हुई।


इसके पश्चात मुख्य अतिथि डॉ. लक्ष्मण यादव ने अपने व्याख्यान में टालमटोल की प्रवृत्ति और तनाव पर चर्चा करते हुए उनसे निपटने के प्रभावी उपाय बताए। वैद्य रिया द्विवेदी ने भी मानसिक स्वास्थ्य के विषय पर अपने विचार साझा किए। इसके बाद मनस्विनी क्लब की पत्रिका के चौथे संस्करण का विमोचन किया गया, जिसका विषय ‘प्रत्यक्षण’ था। तत्पश्चात विभिन्न प्रतियोगिताओं के विजेताओं को पुरस्कार वितरित किए गए। कार्यक्रम में काशी हिंदू विश्वविद्यालय के मूसिकी क्लब द्वारा संगीत प्रस्तुति दी गई।

मनस्विनी क्लब की पूरी टीम, शोधार्थियों, मनोविज्ञान विभाग के प्राध्यापकों एवं गैर-शिक्षण कर्मचारियों के सामूहिक प्रयास और सहयोग से तीन दिवसीय ‘मन मंथन’ कार्यक्रम सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।

रविवार, 20 सितंबर 2026

MGKV university, gangapur campus, Varanasi में हुआ तनाव प्रबंधन एवं भावनात्मक संतुलन पर विशेष सत्र का आयोजन

टीचर्स और स्टूडेंट्स ने जाना एकाग्रता बढ़ाने व भावनात्मक संतुलन बनाए रखने के व्यावहारिक उपाय



  • @dil india live 

(Varanasi). महाराजा डॉ. विभूति नारायण सिंह परिसर, गंगापुर, महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ, वाराणसी में विद्यार्थियों व शिक्षकों के लिए तनाव प्रबंधन, मानसिक शांति, भावनात्मक संतुलन व सकारात्मक जीवन-दृष्टिकोण पर सत्र का आयोजन किया गया।

कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों को तनाव, चिंता एवं शैक्षणिक दबाव से प्रभावी ढंग से निपटने, एकाग्रता बढ़ाने तथा भावनात्मक संतुलन बनाए रखने के व्यावहारिक उपायों से अवगत कराना था। सत्र में वास्तविक जीवन के उदाहरणों, आध्यात्मिक अंतर्दृष्टि एवं मैत्री संबोध ध्यान के माध्यम से प्रतिभागियों को अनुभवात्मक अभ्यास कराया गया। संचालन मित्र जीव, अमृतपाल सिंह सोढ़ी एवं ऋषभ सोनी द्वारा किया गया। 


कार्यक्रम में बीसीए, बीबीए एवं मनोविज्ञान विभाग के छात्र-छात्राओं एवं छात्र स्वयंसेवकों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की। कार्यक्रम के आयोजन एवं समन्वय में बीसीए के संयोजक पंकज पाण्डेय, बीबीए के संयोजक डॉ. अभिषेक श्रीवास्तव, मनोविज्ञान विभाग की संयोजक डॉ. बेबी चौरसिया, बीसीए के सह-संयोजक शक्ति सिंह एवं बीबीए की सह-संयोजक स्तुति मिश्रा का महत्वपूर्ण योगदान रहा।

कार्यक्रम में परिसर के निदेशक डॉ. मनीष कुमार सिंह सहित डॉ. रमेश मिश्रा, डॉ. अविनाश सिंह, डॉ. नंदू सिंह,डॉ. नागेश चौबे,डॉ.अवनीश सिंह, डॉ. अर्चना कुमारी तथा अन्य सभी विभागों के शिक्षकगण उपस्थित रहे।




कार्यक्रम के समापन के उपरांत सहभागिता करने वाले छात्र-छात्राओं एवं स्वयंसेवकों को प्रमाण-पत्र वितरित किए गए। प्रतिभागियों ने सत्र को उपयोगी एवं ज्ञानवर्धक बताया। कार्यक्रम के सफल आयोजन में निदेशक, शिक्षकगण, संयोजकों, सह-संयोजकों, स्वयंसेवकों एवं सभी प्रतिभागियों का महत्वपूर्ण योगदान रहा।