} .post h1, .post-title, .post-title a { color: #CC0000 !important; } .post h2 { color: #222222 !important; border-left: 4px solid #CC0000 !important; padding-left: 8px !important; } .post h3, .post h4 { color: #222222 !important; } }

ब्रेकिंग न्यूज

ब्रेकिंग न्यूज़
🔴 मध्य प्रदेश के देवास में खातेगांव थाना प्रभारी दिलीप पुरी को शराब से भरे ट्रक ने कुचला, मौत । 🔴 सेंट मैरीज़ कांवेंट स्कूल कैंटोनमेंट में क्लास 6 से 8 तक के लिए स्कूल के कपाट खुले, तेंदुआ अब भी पकड़ से बाहर। 🔴 भारतीय वायुसेना के 29 वें चीफ बने आशुतोष दिक्षित, पदभार संभाला।। 🔴 नीता अंबानी ने किया 'नीता मुकेश अंबानी अनंत आश्रय' का भूमिपूजन, 5,000 से अधिक जरूरतमंदों को मिलेगा अपना घर। 🔴 कल 3 नवंबर को वाराणसी में होगा सपा प्रमुख व पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव का आगमन। 🔴 वाराणसी के मौसम में बदलाव, सुबह सुबह दिखी ठंड के साथ कोहरे की चादर। दिलचस्प खबरों के आप हमारे साथ बनें रहें dil india live news portal

सोमवार, 3 अक्टूबर 2022

Eid miladunnabi पर मरकज़ी दावते इस्लामी निकालेगी जुलूस

मरकजी दावते इस्लामी ने किया यह खास ऐलान 


Varanasi (dil india live). हज़रत खाकी शाह  रहमतुल्ला अलैह शिवाला में हाफिज मोहम्मद जावेद अख्तर के बगीचे में जुलूस मुहम्मदी सल्लल्लाहो अलेही वसल्लम के सिलसिले में अहम मीटिंग मौलाना अब्दुल हादी खान हबीबी रिजवी, की अध्यक्षता में आयोजित हुई। बैठक में संस्था के मेंबर्स व आशिक ए रसूल सल्लल्लाहू अलेही वसल्लम एकत्रित हुए, और निर्णय लिया गया कि हर साल की तरह इस साल भी जश्ने आमदे रसूल सल्लल्लाहु अलेही वसल्लम को बहुत ही सुंदरता के साथ मनाया जाएगा और जुलूस को इस तरह अपने पुराने मार्गों से मंजिल तक पहुंचया जाए ताकि किसी को रास्ते भर कोई कष्ट न हो, जुलूस को उसके सम्मानजनक और शांतिपूर्ण तरीके से निकाला जाए। 

नहीं रहेगा डीजे व घोड़ा 

निर्णय लिया गया कि जुलुसे मोहम्मदी में डीजे और बाइक व घोड़े गाड़ी आदि कतई न लाएं। सारे लोग पैदल, रास्ते भर दुरूद व सलाम और नात शरीफ़ पढ़ते हुए चलें। लाउड स्पीकर को उचित साउंड के साथ प्रयोग करें। जुलूस ए मोहम्मदी सल्लल्लाहु अलेही वसल्लम में सम्मिलित होने वाले अन्य लोग व संगठन अपने अपने संगठन से कुछ विशिष्ट जिम्मेदार का चुनाव कर लें जो संगठन प्रतिभागियों को अच्छी तरह रास्ते भर उन पर नज़र रखें। 

शहर की स्थि‍ति के अनुसार चौक व चौराहों से जुलूस सुंदरता से ले जाएं और किसी को मार्ग में कष्ट न हो। जुलूस में सम्मिलित होने वाले आशिकाने रसूल ज्यादा से ज्यादा  सफेद कपड़े इमामा (पगड़ी) व खुशबू लगाकर तैयार होकर चलें, और रास्ता भर इधर उधर सैर सपाटा से बचें, ताकि आपके हर हर कदम से इश्के रसूल व मुहब्बते रसूल अभिव्यक्त होता रहे।

कोई टिप्पणी नहीं: