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मंगलवार, 18 जुलाई 2023

Geeta press को गांधी शांति पुरस्कार देना बाबा साहब का अपमान होगा

कांग्रेसियों ने महामहिम राष्ट्रपति को लिखा पत्र 


Varanasi (dil India live). उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी अल्पसंख्यक विभाग के ऐलान पर आज पूरे प्रदेश में जिला अधिकारी के द्वारा राष्ट्रपति को ज्ञापन भेजा गया। इसी क्रम में आज वाराणसी में उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी अल्पसंख्यक विभाग के महासचिव हसन मेहंदी कब्बन एवं महानगर कांग्रेस कमेटी के नेतृत्व में कांग्रेस अल्पसंख्यक विभाग की ओर से जिलाधिकारी वाराणसी के माध्यम से जिलाधिकारी कि अनुपस्थिति में एसडीएम राजातालाब को ज्ञापन सौंपा गया और गुजारिश कि गई कि महामहिम राष्ट्रपति को पत्र भेजा जाए।

पत्र में उल्लेख किया गया कि केंद्र सरकार ने गीता प्रेस प्रकाशन को वर्ष 2021 का गांधी शांति पुरस्कार देने का निर्णय लिया है। जब कि गीता प्रेस प्रकाशन से संबद्ध पत्रिका कल्याण में बाबा साहब अंबेडकर पर जातिगत टिप्पणी करते हुए लिखा गया, कि हिनवर्ण निचली जाति के होते हुए उन्होंने ने बुढ़ापे में एक ब्राह्मण महिला से शादी की और हिंदू कोड बिल पेश किया। पत्र में कहा गया कि जून 1940 पेज no 10--13 इसके अलावा भी अन्य बहुत से अवसरों पर इस प्रकाशन से ऐसी ही जातिगत टिप्पणियां वाले विचार प्रकाशित होते रहे, जो संविधान प्रदत समानता की मूल भावना के विपरीत है।

पत्र के माध्यम से महामहिम राष्ट्रपति से विनम्र निवेदन किया गया है कि बाबा साहब को अपमानित करने और संविधान के मूल्यों के विपरीत आचरण करने वाले प्रकाशन को गांधी शांति पुरस्कार देने के सरकार के निर्णय पर अपनी आपत्ति के साथ हस्तक्षेप करें। क्यों की गीता प्रेस को गांधी शांति पुरस्कार देने से बाबा साहब का अपमान होगा।

प्रतिनिधिमंडल में हसन मेंहदी कब्बन,  नईम अहमद, आशीष सिंह विक्की, आफाक हुसैन शान एडवोकेट, हाजी तौफिक कुरेशी, मेंहदी हसन आब्दी, अब्दुल हमीद डोडे, जुबैर खान बागी सहित दर्जनों लोग शामिल थे।

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