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बुधवार, 27 जनवरी 2021

विश्वनाथ मंदिर के महंत आमरण अनशन पर

काशी विश्वनाथ मंदिर के महंत की पत्नी भी अनशन में साथ

वाराणसी(दिल इंडिया)। काशी विश्वनाथ मंदिर के महंत डॉ. कुलपति तिवारी का अनशन आज दूसरे दिन भी जारी रहा। वो गणतंत्र दिवस से सपत्नीक अनशन पर बैठे हैं। उन्होंने बताया कि मन्दिर प्रशासन द्वारा किए जा रहे सौतेले व्यवहार के कारण वो और उनकी नेत्र ज्योति खो चुकी पत्नी आमरण अनशन पर हैं। पैतृक संपत्ति और मंदिर के विग्रह को बिना उनकी जानकारी दिये जाने के सम्बंध में इस आमरण अनशन की शुरुआत हुई।

डॉ. कुलपति ने सोशल मीडिया पर जारी अपने वीडियो में बताया कि 26 जनवरी से शुरू हुआ ये आमरण अनशन उनकी अंतिम सांस तक जारी रहेगा। जिसमें वो और उनकी नेत्रहीन पत्नी शामिल है। उन्होंने कहा कि ये लड़ाई धर्म की लड़ाई है।अन्याय, अनीति और अधर्म जब अपने चरम पर पहुंच जाता है तो उसके खिलाफ आवाज उठानी ही पड़ती है।

डॉ. कुलपति तिवारी ने बताया कि पैतृक आवास का जर्जर हिस्सा गिर जाने के कारण बाबा काशी विश्वनाथ की कई रजत मूर्तियां मलबे में दब गयीं। इसके साथ बाबा का सिंहासन और अन्य मूर्तियां भी क्षतिग्रस्त हो गयीं। जिसे एक कमरे में बंद कर दिया गया। उसकी सुरक्षा की जिम्मेदारी उन्हें, उनके चचेरे भाई और मंदिर प्रशासन को दे दी गयी है। इसके साथ ही कमरें की तीन चाबियां भी बनायीं। उन्हें सभी तीनों को दिया गया। ऐसे में डॉ. कुलपति का आरोप है कि बिना उनकी जानकारी के कुछ रजत प्रतिमाएं उनके भाई को दे दी गयीं। अन्नकुट पर भी बाबा की खण्डित चांदी की मूर्ति की पूजा के लिए बाध्य किया गया।

कुलपति तिवारी ने बताया कि मन्दिर के मुख्य कार्यपालक अधिकारी ने उनसे आशीर्वाद लेने के बहाने दो कॉरिडोर में स्थित दो मंदिर तोड़ने के लिए दस्तखत कराया और मन्दिर तोड़ दिया। मंदिर में रखे हुए विग्रहों की जानकारी नहीं दी। उन्होंने कहा कि जब इस बाबत उनसे पूछा गया तो उन्हें कहा गया कि इसके बदले उन्हें दो मन्दिर बनवा के दे दिया जायेगा।

1 टिप्पणी:

Imtiyaz khan ने कहा…

Sachchai ke lia ladna jari rakhkha chahiye vo bhi shanti purd tarike se