} .post h1, .post-title, .post-title a { color: #CC0000 !important; } .post h2 { color: #222222 !important; border-left: 4px solid #CC0000 !important; padding-left: 8px !important; } .post h3, .post h4 { color: #222222 !important; } }

ब्रेकिंग न्यूज

ब्रेकिंग न्यूज़
🔴 मध्य प्रदेश के देवास में खातेगांव थाना प्रभारी दिलीप पुरी को शराब से भरे ट्रक ने कुचला, मौत । 🔴 सेंट मैरीज़ कांवेंट स्कूल कैंटोनमेंट में क्लास 6 से 8 तक के लिए स्कूल के कपाट खुले, तेंदुआ अब भी पकड़ से बाहर। 🔴 भारतीय वायुसेना के 29 वें चीफ बने आशुतोष दिक्षित, पदभार संभाला।। 🔴 नीता अंबानी ने किया 'नीता मुकेश अंबानी अनंत आश्रय' का भूमिपूजन, 5,000 से अधिक जरूरतमंदों को मिलेगा अपना घर। 🔴 कल 3 नवंबर को वाराणसी में होगा सपा प्रमुख व पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव का आगमन। 🔴 वाराणसी के मौसम में बदलाव, सुबह सुबह दिखी ठंड के साथ कोहरे की चादर। दिलचस्प खबरों के आप हमारे साथ बनें रहें dil india live news portal

गुरुवार, 6 मई 2021

अलविदा अलविदा माहे रमजान अलविदा.....


...तेरे आने से दिल खुश हुआ था

वाराणसी (दिल इंडिया लाइव)

 कल्बे आशिक है अब पारा पारा,

अलविदा अलविदा माहे रमजान।

तेरे आने से दिल खुश हुआ था,

और ज़ोके इबादत बडा था,

आह,अब दिल पे है गम का गलबा,

अलविदा अलविदा माहे रमजान।

नेकिया कुछ न हम कर सके हे,

अह इस्सियाहे में दिन कटे है,

हाय गफलत में तुझको गुज़ारा,

अलविदा अलविदा माहे रमजान।

कोई हुस्न अमल न कर सका हूँ,

चाँद आसू नज़र कर रहा हूँ

यही है मेरा कुल असासा,

अलविदा अलविदा माहे रमजान।

जब गुज़र जायेंगे माह ग्यारा,

तेरी आमद का फिर शोर होगा,

है कहा ज़िन्दगी का भरोसा,

अलविदा अलविदा माहे रमजान।

बज्मे इफ्तार सजती थी कैसी,

खूब सहेरी कि रोनक भी होती,

सब समां हो गया सुना सुना,

अलविदा अलविदा माहे रमज़ा।

याद रमजान की तड़पा रही है

आंसू की जरहे लग गयी है,

कह रहा है हर एक कतरा,

अलविदा अलविदा माहे रमज़ा।

तेरे दीवाने सब के सब रो रहे है,

मुज़्तरिब सब के सब रो रहे है,

कौन देगा इन्हें अब दिलासा,

अलविदा अलविदा माहे रमज़ा।

में बदकार हूँ मैं हूँ काहिल,

रह गया हूँ इबादत में गाफिल,

मुझसे खुश होके होना रवाना,

हमसे खुश होके होना रवाना,

अलविदा अलविदा माहे रमज़ा।

वास्ता तुझको प्यारे नबी (स.अ.व.) का,

हशर में मुझे मत भूल जाना,

हशर में हमें मत भूल जाना,

रोज़े महशर मुझे बकशवाना,

रोज़े महशर हमें बकशवाना,

अलविदा अलविदा माहे रमज़ा।

तुमपे लाखो सलाम माहे रमज़ा।

तुमपे लाखो सलाम माहे गुफरान।

जाओ हाफिज खुदा अब तुम्हारा,

अलविदा अलविदा माहे रमज़ा।

अलविदा अलविदा माहे रमज़ा।

अलविदा अलविदा माहे रमज़ा....।

अलविदा जुमा कल

कल रमज़ान का आखिरी जुमा यानी अलविदा जुमा है। कोविड 19 के चलते पिछली बार की तरह इस साल भी मसजिदो में सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करते हुए केवल मसजिदों में रहने वालों को ही नमाज अदा करने की इजाज़त दी गई है। आम मुसलमान के लिए घर ही मसजिद होगी वो घर पर ही अलविदा के दिन ज़ोहर की नमाज़ अदा करेगा। मसजिदो में इमाम साहब खुतबे में, यह कलाम पढ़ेगे, अलविदा अलविदा माहे रमज़ा...। इसी के साथ कोरोना महामारी के खात्मे की दुआ भी होगी।

कोई टिप्पणी नहीं: