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शनिवार, 26 अक्टूबर 2024

Jamiyat Ulema banaras का प्रतिनिधिमंडल पुलिस कमिश्नर से मिला, मौजूदा हालात पर की चर्चा@dilindialive

असामाजिक तत्वों से समाज का सभी वर्ग संयुक्त रुप से करे मुकाबला : हाफिज़ उबैदुल्लाह

सांप्रदायिक तत्व देश के विकास में हैं बाधक, ऐसे तत्वों के विरुद्ध विधिसम्मत हो कार्यवाही: मौलाना अहमद शकील

Varanasi (dil India live te)। जमीयत उलमा बनारस के एक प्रतिष्ठित प्रतिनिधिमंडल ने शनिवार को हाफिज़ ओबैदुल्लाह के नेतृत्व में वाराणसी पुलिस कमिश्नर मोहित अग्रवाल से मुलाकात की। बैठक का उद्देश्य विगत कुछ दिनों से शहर में हो रही दुर्घटनाओं के फलस्वरूप शहर के शांतिप्रिय लोगों में व्याप्त चिंताओं से प्रशासन को अवगत कराना था। इस अवसर पर जमीयत उलमा पूर्वी उत्तर प्रदेश के जनरल सेक्रेटरी हाफिज़ उबैदुल्लाह ने कहा कि आज कुछ मुट्ठी भर लोग शहर के सौहार्दपूर्ण वातावरण को दूषित करने का कुप्रयास कर रहे हैं, ऐसे लोग न केवल समाज के बल्कि इस देश के भी दुश्मन हैं। ऐसे तत्वों से समाज के सभी वर्गों को संयुक्त रूप से मुकाबला करना होगा। जमीयत उलमा ए बनारस के जनरल सेक्रेटरी मौलाना अहमद शकील क़ासमी ने कहा कि हमारा शहर पूरे विश्व में अपनी गंगा जमुनी संस्कृति के लिए प्रसिद्ध है, लेकिन वर्तमान में कुछ तत्व निरंतर इस प्रयास में लगे हैं कि शहर का सौहार्दपूर्ण वातावरण प्रभावित हो। ऐसे तत्वों को क़ानून के अनुसार सज़ा देना और उन्हें क़ानून का पाबंद बनाना ज़िला प्रशासन की प्राथमिक ज़िम्मेदारी है। यदि प्रशासन अपने दायित्वों का निर्वहन करेगा तो लोग भी स्वयं को सुरक्षित महसूस करेंगे। इस अवसर पर प्रतिनिधिमंडल ने जमीयत उलमा ए बनारस की ओर से कमिश्नर साहब को एक ज्ञापन सौंपा, जिसमें ज़िला प्रशासन से यह मांग की गई कि शहर में विगत दिनों हुई घटनाओं की गहन और निष्पक्ष जांच कराई जाए, उसके ज़िम्मेदार व्यक्तियों को कड़ी से कड़ी सज़ा दी जाए ताकि भविष्य में ऐसी किसी घटना की पुनरावृत्ति न हो पाए। इसी के साथ इन घटनाओं के पीड़ितों को न्याय एवं शासन से उनकी आर्थिक सहायता की मांग भी की गई। प्रतिनिधिमंडल के अन्य सदस्यों ने भी अपनी बात रखी। पुलिस कमिश्नर ने सभी की बातों को बहुत गंभीरता से सुना और शहर में हो रही घटनाओं पर अपनी चिंता भी व्यक्त की और ऐसे तत्वों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई का वादा भी किया और अपने अधीनस्थ अधिकारियों को तत्काल निर्देश दिए और जल्द ही उनके साथ एक बैठक भी तय की गई ताकि भविष्य की कार्य योजना तय की जा सके। पुलिस कमिश्नर ने जमीयत उलमा के सदस्यों का इन चिंताओं को सामने लाने के लिए आभार प्रकट किया और सराहना की।

प्रतिनिधिमंडल में उपर्युक्त व्यक्तियों के अतिरिक्त हाजी मुहम्मद फुज़ैल, हाजी फैय्याज़, हाफ़िज़ अबु हम्ज़ा, हाजी अब्दुल्लतीफ, हाजी शाहिद जमाल और मुहम्मद रिज़वान शामिल थे।

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