} .post h1, .post-title, .post-title a { color: #CC0000 !important; } .post h2 { color: #222222 !important; border-left: 4px solid #CC0000 !important; padding-left: 8px !important; } .post h3, .post h4 { color: #222222 !important; } }

ब्रेकिंग न्यूज

ब्रेकिंग न्यूज़
🔴 मध्य प्रदेश के देवास में खातेगांव थाना प्रभारी दिलीप पुरी को शराब से भरे ट्रक ने कुचला, मौत । 🔴 सेंट मैरीज़ कांवेंट स्कूल कैंटोनमेंट में क्लास 6 से 8 तक के लिए स्कूल के कपाट खुले, तेंदुआ अब भी पकड़ से बाहर। 🔴 भारतीय वायुसेना के 29 वें चीफ बने आशुतोष दिक्षित, पदभार संभाला।। 🔴 नीता अंबानी ने किया 'नीता मुकेश अंबानी अनंत आश्रय' का भूमिपूजन, 5,000 से अधिक जरूरतमंदों को मिलेगा अपना घर। 🔴 कल 3 नवंबर को वाराणसी में होगा सपा प्रमुख व पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव का आगमन। 🔴 वाराणसी के मौसम में बदलाव, सुबह सुबह दिखी ठंड के साथ कोहरे की चादर। दिलचस्प खबरों के आप हमारे साथ बनें रहें dil india live news portal

बुधवार, 27 मई 2026

Varanasi main Bakhrid ka Time : यहां जानिए कब किस मस्जिद में अदा की जाएगी नमाज

ईद-उल-अजहा कल, नमाज़ के बाद होगी कुर्बानी, देर रात तक होती रही तैयारियां 



varanasi (dilindialive)। देश-दुनिया में 28 मई को ईदुल अजहा यानी बकरीद का त्योहार पूरी अकीदत के साथ मनाया जाएगा। इसको लेकर तैयारियां देर रात तक होती रही। देर रात तक बकरो और सेवईयो की खरीदारी bakhrid के मुक़द्दस पर्व को देखते हुए समाचार लिखे जाने तक हो रही थी। उधर बकरों की खरीद के साथ ही खोवा, सेवई, मेवा, प्याज,अदरक आदि की भी खरीदारी देर रात तक होती है, दरअसल कुर्बानी के साथ ही घरों में लज़ीज सेवईयां भी बनती है। इसकी तैयारियां ख्वातीन देर रात से ही करती हैं। 
उधर शहर में बेनियाबाग बकरा मंडी बंद होने से लोगों को काफी परेशानी उठानी पड़ी, देर रात तक लोग रेवड़ी तालाब, बड़ी बाजार, सरैया, कोनिया, लल्लापुरा, बजरडीहा आदि इलाकों में जानवरों की खरीदारी फरोख्त के लिए परेशान देखें गये। 
दरअसल बकरीद के दिन को कुर्बानी और त्याग के दिन के रूप में याद किया जाता है। इस्लामिक हिजरी कैलेंडर के मुताबिक, कुर्बानी का त्योहार बकरीद रमजान के दो महीने बाद आता हैं। इस्लाम धर्म में बकरीद तीन दिन होती है, आमतौर पर बक़रीद पर छोटे-बड़े जानवरों की कुर्बानी दी जाती है। इस दिन की एक खासियत यह भी है कि बकरीद पर जहां जानवर को अल्लाह की राह में कुर्बान किया जाता हैं, वहीं दूसरी ओर काबा में ज़ायरीन हज के अरकान मुकम्मल कर रहे होते हैं। जो काबा हज पर गये हैं उन्हें दोहरी खुशी नसीब होती है। एक बक़रीद की दूसरी हज की।











police Commissioner ने किया गश्त 

पुलिस आयुक्त कमिश्नरेट वाराणसी मोहित अग्रवाल द्वारा आगामी बकरीद के दृष्टिगत किया गया पैदल गश्त कर जरूरी दिशा-निर्देश दिए गए। उन्होंने बकरीद पर्व के दृष्टिगत गोदौलिया, चौक, दालमण्डी से लंगड़ा हाफिज़ मस्जिद तथा जैतपुरा रोड से बकरिया मंडी तक सघन पैदल गश्त कर सुरक्षा एवं कानून-व्यवस्था व्यवस्थाओं का स्थलीय निरीक्षण किया गया। पैदल गश्त के दौराननिर्देश दिया कि -

• बकरीद पर्व के दौरान किसी भी स्थिति में सार्वजनिक स्थानों एवं सड़कों पर नमाज अदा न की जाए। अधिक संख्या होने पर विभिन्न पालियों में नमाज सम्पन्न कराते हुए व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। 
• कुर्बानी केवल घर के अंदर एवं बंद परिसरों में ही कराई जाए। सार्वजनिक स्थानों, खुले क्षेत्रों एवं मार्गों पर कुर्बानी पूर्णतः प्रतिबंधित रहेगी, उल्लंघन पर कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
• सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर सतत निगरानी रखी जाए। कुर्बानी से संबंधित फोटो अथवा वीडियो सामग्री साझा करने वालों पर तत्काल कार्रवाई की जाएगी।
• कुर्बानी से उत्पन्न अपशिष्ट को निर्धारित स्थल अथवा नगर निगम की गाड़ियों में ही डाला जाए। अपशिष्ट को खुले स्थानों, सड़कों अथवा मार्गों के किनारे किसी भी स्थिति में न फेंका जाए तथा अपने आसपास साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखा जाए।
• प्रतिबंधित पशुओं की कुर्बानी पूर्णतः प्रतिबंधित रहेगी। ऐसे मामलों में तत्काल कठोर विधिक कार्रवाई सुनिश्चित की जायेगी।
• ड्रोन कैमरों, सीसीटीवी, वीडियोग्राफी एवं सतत पुलिस निगरानी के माध्यम से प्रत्येक गतिविधि पर कड़ी नजर रखी जाएगी।
• संवेदनशील एवं अतिसंवेदनशील क्षेत्रों, प्रमुख धार्मिक स्थलों तथा भीड़भाड़ वाले स्थानों पर अतिरिक्त पुलिस बल, पीएसी एवं मोबाइल गश्ती दलों की प्रभावी तैनाती सुनिश्चित की जाएगी।

 पुलिस आयुक्त द्वारा धर्मगुरुओं से संवाद स्थापित कर उनकी समस्याओं एवं सुझावों की जानकारी प्राप्त की गई तथा आपसी भाईचारा, सामाजिक सौहार्द एवं शांतिपूर्ण वातावरण बनाए रखते हुए पर्व सम्पन्न कराने की अपील की गई।
 जनपद में लगभग 700 मस्जिदों एवं करीब 80 ईदगाहों में बकरीद की नमाज अदा की जाएगी। सभी स्थलों पर सुरक्षा एवं कानून-व्यवस्था बनाए रखने हेतु पर्याप्त पुलिस बल एवं प्रशासनिक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की गई हैं।
 सभी अधिकारी एवं थाना प्रभारी अपने-अपने क्षेत्रों में लगातार भ्रमणशील रहकर नियमित गश्त करें तथा कानून-व्यवस्था बनाए रखने हेतु पुलिस एवं प्रशासन के मध्य प्रभावी समन्वय बनाए रखें।





bakhrid की कहानी है दिलचस्प

बकरीद पैगम्बर हजरत इब्राहिम की सुन्नत है। दरअसल खुदा ने हजरत इब्राहिम का इम्तिहान लेने के लिए ख्वाब में हुक्म दिया कि इब्राहिम अपनी सबसे अजीज चीज़ रब के लिए कुर्बानी दें। हजरत इब्राहिम के लिए सबसे अजीज उनके साहबजादे हजरत इस्माइल थे, जिसकी कुर्बानी के लिए वे रब की रज़ा के लिए तैयार हो गए। उन्हे कुर्बानी के लिए ले भी गये मगर ऐन कुर्बानी से पहले रब ने हजरत इस्माईल की जगह ये कहते हुए जेबाह के लिए दुम्बा भेज दिया कि वो हज़रत इब्राहिम का इम्तेहान ले रहे थे और इम्तेहान में वो पास हो गये, तभी से कुर्बानी का पर्व मनाया जाता है।

इस साल 28 मई को पूरे देश में बकरीद का पर्व मनाया जाएगा। ईदगाहों और प्रमुख मस्जिदों में ईद-उल-अजहा की विशेष नमाज का टाइम टेबल जारी हो चुका है। सुबह पौने 6 बजे से लेकर 10.00 बजे तक ईदुल अजहा की नमाज अदा की जाएगी। दुनिया भर के मुसलमान ईद की तरह कुर्बानी पर भी गरीबों का खास ख्याल रखते हैं। कुर्बानी के सामान का तीन हिस्सा बांटकर एक हिस्सा गरीबों को दिया जाता है। दो हिस्सों में एक खुद के लिए और दूसरा हिस्सा दोस्तों और रिश्तेदारों के लिए रखा जाता है। मुसलमानों का विश्वास है कि पैगंबर हजरत इब्राहिम की कठिन परीक्षा ली गई। अल्लाह ने उनको अपने बेटे पैगम्बर हजरत इस्माइल की कुर्बानी देने को कहा जिसमें वो पास हो गये।

ईदुल अजहा की नमाज का वक्त

मस्जिद याकूब शहीद नगवां 7.00 बजे
मस्जिद रज़ा मदनपुरा 6.45 बजे 
मुगलिया शाही जामा मस्जिद बादशाह 6.45 बजे 
मस्जिद जहांगीर हटिया मदनपुरा 6.30 बजे, शाही जामा मस्जिद ज्ञानवापी 7.30 बजे, आलमगीर मस्जिद धरहरा 7.00 बजे, मस्जिद सुग्गा गड्ही (मौलाना शाह) कोयला बाजार 6.45 बजे, जामा मस्जिद, नदेसर 7.00 बजे। 
ईदगाह, काशी विद्यापीठ 7.30 बजे
ईदगाह सदरबाग 7.15 बजे
बिचली मस्जिद, कचहरी 7.15 बजे 
मस्जिद गफूरी, कचहरी 7.30 बजे 
मस्जिद लाट शाही बाबा 7.30 बजे
मस्जिद उल्फत बीबी 7.30 बजे, जामा मस्जिद कम्मू खां डिठोरी महाल 7.30 बजे, ईदगाह लंगर, नवापुरा 7.30 बजे, मस्जिद लंगड़े हाफिज नयी सड़क 10.00 बजे, लाट मस्जिद, सरैयां 8.30 बजे, ईदगाह पुरानापुल 7:45 बजे, ईदगाह गोगा की बाग, जलालीपुरा 6:45 बजे, मस्जिद उस्मान गनी ककरमत्ता 7:00 बजे, नूरी मस्जिद ककरमत्ता 7:00 बजे, बड़ी मस्जिद ककरमत्ता 7:15 बजे, मस्जिद शाह मूसा शाह ककरमत्ता 7:15 बजे, शाही मस्जिद ढ़ाई कंगूरा चौहट्टा लाल खां 7.30, मस्जिद बीबी रजिया दालमंडी 8.00 बजे, नौव्वा पोखर मस्जिद, आदमपुर 6.00 बजे, मंगरू शाह मस्जिद, सलेमपुरा 5.45 बजे, मस्जिद कुदबन शहीद 5.45 बजे, मस्जिद काजी सादुल्लाहपुरा 7.00 बजे, मस्जिद वरूणा पुल मस्जिद 6.45, मस्जिद खरबूजा शहीद 6.45 बजे, मस्जिद अबु हनीफा अमानुल्लाहपुरा 5.45 बजे, जामा मस्जिद, अमानुल्लाहपुरा 5.45 बजे, जामा मस्जिद दाल, कच्चीबाग 7.00 बजे, जामा मस्जिद खोजापुरा 6:45 बजे, मस्जिद शहीद बाबा अमरपुर, सरैया 6:45 बजे, जिन्नती मस्जिद 8:30 बजे, मस्जिद अल कुरैशी फाटक शेख सलीम 7: 00 बजे, मस्जिद रंगढ़लवा फाटक शेख सलीम 7:15 बजे।

( रिपोर्टर सरफराज अहमद/ एफ फारुकी बाबू व मोहम्मद रिजवान)


कोई टिप्पणी नहीं: