} .post h1, .post-title, .post-title a { color: #CC0000 !important; } .post h2 { color: #222222 !important; border-left: 4px solid #CC0000 !important; padding-left: 8px !important; } .post h3, .post h4 { color: #222222 !important; } }

ब्रेकिंग न्यूज

ब्रेकिंग न्यूज़
🔴 मध्य प्रदेश के देवास में खातेगांव थाना प्रभारी दिलीप पुरी को शराब से भरे ट्रक ने कुचला, मौत । 🔴 सेंट मैरीज़ कांवेंट स्कूल कैंटोनमेंट में क्लास 6 से 8 तक के लिए स्कूल के कपाट खुले, तेंदुआ अब भी पकड़ से बाहर। 🔴 भारतीय वायुसेना के 29 वें चीफ बने आशुतोष दिक्षित, पदभार संभाला।। 🔴 नीता अंबानी ने किया 'नीता मुकेश अंबानी अनंत आश्रय' का भूमिपूजन, 5,000 से अधिक जरूरतमंदों को मिलेगा अपना घर। 🔴 कल 3 नवंबर को वाराणसी में होगा सपा प्रमुख व पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव का आगमन। 🔴 वाराणसी के मौसम में बदलाव, सुबह सुबह दिखी ठंड के साथ कोहरे की चादर। दिलचस्प खबरों के आप हमारे साथ बनें रहें dil india live news portal

शुक्रवार, 9 जून 2023

मानवीय मूल्यों के पालन से ही मिलेगी शांति : फर्नांडीज

दो दिवसीय ‘राष्ट्रीय प्रशिक्षण शिविर’ का समापन 





New delhi (dil india live)। भारतीय सामाजिक संस्थान नई दिल्ली द्वारा संचालित शांति सद्भावना मंच से जुड़े शांति प्रशिक्षकों का दो दिवसीय ‘राष्ट्रीय प्रशिक्षण शिविर’ का समापन सामाजिक सद्भावना एवं शांति के लिए जन जन को जागरूक करने के संकल्प के साथ हो गया। शिविर में फादर डॉ डैंज़िल ने कहा कि मानवीय मूल्यों के पालन से हम समाज में शांति और सद्भावना स्थापित कर सकते हैं। देश में शांति स्थापना के कार्य को आगे बढ़ाने के लिये हर पहलू को हमें जानना, सीखना और समझना होगा। भारत विविधता और सामाजिक सद्भाव का देश है, इसे सुरक्षित रखना हम सब की जिम्मेदारी है। इस लिहाज से यह ट्रेनिंग महत्वपूर्ण थी। 

 फादर थॉमस ने कहा कि शांति सद्भावना पर नागरिक और विद्यार्थी मंच में कार्य योजना बनी है। जिसमें रिसर्च, अध्ययन, आंकड़े इकट्ठा करना, हेल्थ, शिक्षा, मानवीय मूल्य, पर्यावरण आदि पर काम करना है ताकि अधिक से अधिक लोगों को लाभ मिले।  रुबिन मिंज ने रिपोर्ट राइटिंग, फोटोग्राफी और सोशल मीडिया की जानकारी साझा की। और कहा कि इसके बेहतर उपयोग से सामाजिक तनाव को कम करने में सुविधा मिलेगी।

 जोसेफ जेम्स ने ‘डू नो हार्म’ पर विस्तृत चर्चा करते हुए सेवन स्टेप बताए। इसके जरिये कैसे नकारात्मकता को सकारत्मकता में बदल सकते है और टकराव की स्थिति में अपने विवेक से विवाद को कम कर सकते है। उत्तर प्रदेश, बिहार, छत्तीसगढ़, राजस्थान, झारखंड, उड़ीसा, मध्यप्रदेश से आये प्रतिभागियों ने विभिन्न विषयों पर चर्चा की। उत्तर प्रदेश के राज्य समन्वयक प्रो मोहम्मद आरिफ ने संविधान के मूल्यों पर चर्चा की। उन्होंने कहा कि भारतीय संविधान प्रजा से नागरिक बनने की कहानी है तथा धर्मनिरपेक्षता और सद्भाव इसकी आत्मा है। फादर जेवियर सोरंग, फादर स्टैनी तिर्की ने शांति, व्यवस्था एवं संविधान पर चर्चा की। संचालन करते हुए शांति सद्भावना मंच के परियोजना अधिकारी पास्कल तिर्की ने मंच की गतिविधियों पर प्रकाश डालते हुए अग्रिम योजनाओं पर विस्तृत चर्चा की। 

डॉ. अरुण उरांव ने पूरे कार्यशाला की निगरानी और नए टिप्स देते हुए गेम्स के माध्यम से मानसिक चेतना जागृत किया। इस सम्मेलन में सात राज्यों के समन्वयक समेत पचास से अधिक प्रतिभागियों ने भाग लिया।

कोई टिप्पणी नहीं: