} .post h1, .post-title, .post-title a { color: #CC0000 !important; } .post h2 { color: #222222 !important; border-left: 4px solid #CC0000 !important; padding-left: 8px !important; } .post h3, .post h4 { color: #222222 !important; } }

ब्रेकिंग न्यूज

ब्रेकिंग न्यूज़
🔴 मध्य प्रदेश के देवास में खातेगांव थाना प्रभारी दिलीप पुरी को शराब से भरे ट्रक ने कुचला, मौत । 🔴 सेंट मैरीज़ कांवेंट स्कूल कैंटोनमेंट में क्लास 6 से 8 तक के लिए स्कूल के कपाट खुले, तेंदुआ अब भी पकड़ से बाहर। 🔴 भारतीय वायुसेना के 29 वें चीफ बने आशुतोष दिक्षित, पदभार संभाला।। 🔴 नीता अंबानी ने किया 'नीता मुकेश अंबानी अनंत आश्रय' का भूमिपूजन, 5,000 से अधिक जरूरतमंदों को मिलेगा अपना घर। 🔴 कल 3 नवंबर को वाराणसी में होगा सपा प्रमुख व पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव का आगमन। 🔴 वाराणसी के मौसम में बदलाव, सुबह सुबह दिखी ठंड के साथ कोहरे की चादर। दिलचस्प खबरों के आप हमारे साथ बनें रहें dil india live news portal

शुक्रवार, 30 जुलाई 2021

अंतरराष्ट्रीय मानव तस्करी विरोधी दिवस पर जाने क्या उठी मांग

मानव तस्करी रोकथाम बिल हर हाल में पारित हो

बंधुआ मजदूरी से पायी मुक्ति, अब बनेंगे दूसरों की शक्ति 

बंधुआ मजदूरी से मुक्त तीन सौ युवाओं के समूह ने सांसदों को भेजा ज्ञापन

वाराणसी 30 जुलाई (दिल इंडिया लाइव)। बंधुआ मजदूरी से मुक्त लगभग तीन सौ युवाओं के समहू ‘आजाद शक्ति’ ने अंतरराष्ट्रीय मानव तस्करी विरोधी दिवस पर शुक्रवार को सांसदों को ज्ञापन भेज कर उनसे अनुरोध किया कि वह उनकी पीड़ा को संसद तक पहुंचाने के साथ ही प्रस्तावित मानव तस्करी  रोकथाम बिल का समर्थन करें, ताकि उनके जैसा और काई भी व्यक्ति बंधुआ अथवा बाल मजदूरी का शिकार न बने। मानव तस्करी हर हाल में रुके और ऐसा करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई हो।

‘आजाद शक्ति’ ऐसे तीन सौ युवाओं का समूह है जो कभी बंधुआ मजदूर थे। इस अभिशाप से मुक्त होने के बाद अब वह वाराणसी, चंदौली, मिर्जापुर, जौनपुर व संतरविदासनगर भदोही में बाल, बंधुआ मजदूरी व मानव तस्करी के खिलाफ लड़ार्इ लड़ रहे हैं। प्रस्तावित मानव तस्करी रोकथाम बिल के समर्थन में इस संगठन से जुड़े लोगों ने शुक्रवार को अंतराष्ट्रीय मानव तस्करी विरोधी दिवस पर अपने-अपने जिलों में सांसदों के नाम सम्बोधित ज्ञापन उनके प्रतिनिधियों को सौंपा। आजाद शक्ति के कल्लू वनवासी और बाबूलाल के नेतृत्व में वाराणसी में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के संसदीय कार्यालय में ज्ञापन सौंपा गया। चंदौली में देवेन्द्र कुमार, चन्द्रीका व भदोही में मुनीबजी, वीरेन्द्र के नेतृत्व में, जौनपुर में पन्ना वनवासी, हरिकेश व मिर्जापुर में रामआसरे, लालफुल के नेतृत्व में समूह के लोगों ने सांसद प्रतिनिधियों को ज्ञापन सौंप कर उनसे अपनी पीड़ा संसद तक पहुंचाने की मांग की। कहा कि वह प्रस्तावित ’मानव तस्करी रोकथाम विधेयक’ हर हाल में संसद में समर्थन करें।

क्या है मानव तस्करी रोकथाम विधेयक

प्रस्तावित विधेयक के मसौदा के अनुसार,  मानव तस्करी के दोषी पाए जाने वाले व्यक्ति को कम से कम सात साल की जेल होगी, जिसे 10 साल तक बढ़ाया जा सकता है। दोषी पर कम से कम एक लाख रुपये का और अधिकतम पांच लाख रूपये तक का जुर्माना लगाया जा सकेगा। मानव तस्करी के अवैध व्यापार से अर्जित धन प्राप्त संपत्ति को भी विस्तृत प्रावधानों के साथ जब्त किया जा सकेगा। इसके अलावा, तस्करी के गंभीर रूप में वर्गीकृत अपराधों के लिए कड़ी सजा का प्रस्ताव किया गया है। 

विधेयक का उद्देश्य

इसका उद्देश्य व्यक्तियों, विशेषकर महिलाओं और बच्चों की तस्करी पर अंकुश लगाना है। पीड़ितों को उनके अधिकारों का सम्मान करते हुए देखभाल,  सुरक्षा और पुनर्वास प्रदान करने और उनके लिए एक सहायक कानूनी,  आर्थिक और सामाजिक वातावरण बनाने पर जोर देना इसका मुख्य उद्देश्य है।

कोई टिप्पणी नहीं: