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रविवार, 22 मई 2022

Ghazi miya ki shadi: मेले में उमड़े जायरीन, देर रात आयेगी बारात

दो साल बाद लगा मेला तो उमड़े लोग




Mohd Rizwan 

Varanasi (dil India live)। बड़ी बाजार स्थित सैयद सालार मसूद गाजी मियां की दरगाह पर दो वर्ष बाद मेले का आयोजन हुआ। दरगाह में बारात आज देर रात आयेगी। इस बारात में हिंदू और मुस्लिम एकता की मिसाल देखने को हर साल मिलती है। दो साल से कोविड-19 के चलते दरगाह कमेटी ने मेले का आयोजन रद्द कर दिया था। मेले में पूर्वांचल भर से हजारों अकीदतमंद शामिल होते हैं। गद्दीनशीं हाजी एजाजुद्दीन हाशमी ने बताया कि मेले की मान्यता है कि जिस किसी भी जायरीन की मुराद पूरी होती है, वो इस मेले में आकर चादर, मलीदा वगैरह चढ़ाते हैं।  

उन्होंने बताया कि रात को 11 बजे बारात आएगी। इसके बाद हर साल की तरह आंधी-तूफान के बाद शादी को टाल दिया जाता है। मेले में पूरे पूर्वांचल भर से लोग आते हैं। कोरोना काल के चलते मेले में दो साल बाद गाजी मियां के दर पर दोनों मज़हब का जमावड़ा है, इससे लोगों में बहुत हर्ष है।

मना हज़रत अल्वी शहीद का उर्स

हज़रत अल्वी शहीद रहमतुल्लाह अलैह का सालाना उर्स भी सालारपुर में मनाया गया। इस दौरान लोगों का हुजूम उमड़ा हुआ था। जो गाजी मियां को चादर चढ़ाने आया वो हज़रत अल्वी शहीद के दर पर भी हाजिरी लगाता दिखा। हज़रत अल्वी शहीद पहुंचे हुए वली है। बादशाह महमूद गजनवी के दौर में वो हिन्दुस्तान दीन की तहरीर करने आए थे। उन्होंने बड़ी बाजार बनारस को अपना मरकज़ बनाया। हज़रत अल्वी शहीद के नाम पर ही उस इलाके का नाम अलईपुरा पड़ा।

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