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शनिवार, 10 सितंबर 2022

Medical news: छापे का भय, खुद ही बंद होने लगे अवैध अस्पताल


औचक निरीक्षण में चार अस्पतालों पर लटका मिला ताला 

अनियमितता मिलने पर तीन अन्य अस्पतालों के खिलाफ कार्रवाई

Varanasi (dil india live). जिलाधिकारी कौशल राज शर्मा के निर्देश पर स्वास्थ्य विभाग की ओर से अवैध अस्पतालों के खिलाफ चलाये जा रहे अभियान का अब साफ असर दिखने लगा है। कार्रवाई के भय से अवैध अस्पताल अब खुद ही बंद होने लगे है। औचक निरीक्षण के लिए पहुंची स्वास्थ्य विभाग की टीम को चार अवैध अस्पतालों पर ताले लटकते मिले जबकि खुले पाये गये तीन अन्य अवैध अस्पतालों के खिलाफ कार्रवाई की गयी।

 मुख्य चिकित्सा अधिकारी डा. संदीप चौधरी ने बताया कि अवैध अस्पतालों के खिलाफ कार्रवाई के लिए निकली स्वास्थ्य विभाग की टीम सबसे पहले नियारडीह स्थित शांति सेवासदन पहुंची। इस अस्पताल को पूर्व में भी बंद कराया गया था। निरीक्षण के दौरान यह अस्पताल बंद मिला। इसके बाद यह टीम दानगंज स्थित डा. राजेन्द्र पाठक की क्लीनिक पर पहुंची वहां भी ताला लटकता मिला। दानगंज में ही डा. एसपी चतुर्वेदी की क्लीनिक भी बंद मिली। इसी तरह आराजी लाइन के मेहदीगंज क्षेत्र स्थित दीपशिखा सेवा सदन भी निरीक्षण में बंद मिला।

सीएमओ ने बताया कि धरसौना बाजार स्थित बद्री पाल क्लीनिक खुला पाया गया। यहां तीन मरीज भर्ती भी मिले। अस्पताल में मौजूद डा. एनएन प्रसाद से चिकित्सालय के रजिस्ट्रेशन का अभिलेख मांगा गया पर वह उसे प्रस्तुत नहीं कर सके। लिहाजा उन्हें चिकित्सालय तत्काल बंद करने और रजिस्ट्रेशन कराने के बाद ही उसे खोलने के लिए कहा गया। इसी तरह काशी विद्यापीठ ब्लाक के देल्हना ग्राम स्थित प्रभा सर्जिकल एवं पॉलीक्लीनिक के निरीक्षण में भी अनियमितता पायी गयी। अस्पताल के ओपीडी पर्चे पर विनोद कुमार का नाम दर्ज मिला पर क्लीनिक में मौजूद विनोद कुमार के पास कोई भी चिकित्सकीय डिग्री नहीं मिली। वहां अन्य कोई भी चिकित्सक नहीं पाया गया। अस्पताल के निरीक्षण से साफ था कि वहां मरीजों की भर्ती की जाती है। हालांकि निरीक्षण के दौरान वहां कोई भी मरीज भर्ती नहीं पाया गया। विनोद कुमार का कहना था कि वहां आयुर्वेद से चिकित्सा की जाती है, जबकि अस्पताल में मिली दवाओं व क्लीनिक के डिस्पले पर एलोपैथिक चिकित्सकों के नाम दर्ज मिले। जांच में पाया गया कि यह अस्पताल बिना वैध पंजीकरण के ही संचालित हो रहां था। इसी तरह राजा तालाब क्षेत्र स्थित अर्पित क्लीनिक के निरीक्षण में पता चला कि उक्त अस्पताल का भी रजिस्ट्रेशन नहीं है। जनहित में इन चिकित्सा प्रतिष्ठानों के  खिलाफ कार्रवाई किए जाने हेतु संबंधित थानों को निर्देश भेजे जा रहे हैं।

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