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मंगलवार, 20 सितंबर 2022

Professor ramyatna shukl नहीं रहे

संस्कृत व सनातन जगत के वृहद स्तंभ थे प्रो. रामयत्न शुक्ल 


Varanasi (dil india live)। प्रो. रामयत्न शुक्ल अब इस दुनिया में नहीं रहे। आज उनका निधन हो गया। उनके निधन पर धर्मसंघ पीठाधीश्वार स्वामी शंकर देव चैतन्य ब्रह्मचारी ने दुख प्रकट किया। उन्होंने शोक संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि प्रो. रामयत्न शुक्ल के निधन से संस्कृत और सनातन जगत की अपूरणीय क्षति हुई है जिसकी भरपाई कठिन है। काशी आगमन के बाद प्रो. रामयत्न शुक्ल प्रथम बार धर्मसंघ शिक्षा मंडल में प्रवेश लिए और वहीं, उन्होंने संस्कृत की शिक्षा प्राप्त किए। अपने जीवन काल के बाल्यावस्था व वृद्धावस्था का लम्बा समय इसी प्रांगण में उनका व्यतीत हुआ था। प्रो. शुक्ल धर्मसम्राट करपात्री जी महाराज के अनन्य शिष्यों में रहे और उनपर धर्मसम्राट की विशेष कृपा रही। वहीं, धर्मसंघ महामंत्री जगजीतन पांडेय ने कहा कि प्रो. रामयत्न शुक्ल देश ही नहीं अपितु विश्व स्तर के मूर्धन्य विद्वान थे। उनसे ज्ञान व शिक्षा प्राप्त करने के लिए देश-दुनिया के मनीषी भी काशी आते रहे हैं। वह संस्कृत और शिक्षा जगत के वृहद स्तंभ रहे।

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