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रविवार, 21 मार्च 2021

बार-बार चुनाव से जनहित पर प्रभाव- भूपेंद्र यादव

वेबिनार में भाजपा के राष्ट्रीय महामंत्री भूपेन्द्र के विचार

वाराणसी (दिल इंडिया लाइव) भारतीय लोकतंत्र का उद्देश्य गुड गवर्नेंस है ना कि सिर्फ सत्ता में भागीदारी सुनिश्चित करना है। बार बार चुनाव सत्ता में भागीदारी के लिए ही रह गयी जिससे सबसे ज्यादा जनहित प्रभावित होता है। 


उक्त बातें राज्यसभा सांसद एवं भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय महामंत्री भूपेंद्र यादव ने रविवार को बौद्धिक संस्था पॉलिसी रुट रिसर्च फाउंडेशन द्वारा आयोजित 'एक राष्ट्र एक चुनाव: संभवानाएं एवं चुनौतियां' विषय पर आयोजित वेबिनार में बतौर मुख्य वक्ता कही। भूपेंद्र यादव ने कहा कि राजनीति में विचारधारा आधारित चुनाव का लोप होता जा रहा है,यदि हमें वास्तव में विचारधारा आधारित चुनाव व्यवस्था चाहिए तो एक साथ चुनाव कराने की पहल करनी होगी।

श्री यादव ने कहा कि एक राष्ट्र एक चुनाव की व्यवहारिकता को लेकर हमेशा सवाल खड़ा किया जाता है लेकिन 1950 से 1960 तक के दशक में लोकसभा के साथ साथ राज्यसभा के चुनाव भी साथ मे ही होते रहे। उन्होंने यह भी कहा कि एक साथ चुनाव को लेकर क्षेत्रीय दलों में इस बात का भ्रम है कि उनका राजनीतिक नुकसान होगा, जबकि ऐसा नही है। उड़ीसा, तेलंगाना जैसे राज्य इसके प्रत्यक्ष उदाहरण है जहाँ लोकसभा और विधानसभा के चुनाव साथ मे हुए लेकिन चुनाव परिणाम ने लोगो की इस धारणा को भी बदल दिया है। अंत मे उन्होंने कहा कि एक साथ चुनाव के लिए सभी राजनीतिक दलों को एक साथ आना होगा क्योंकि ये जनहित के विषय है ना कि पार्टी हित का। बार बार चुनाव आचार संहिता से जनकल्याणकारी कार्य ही प्रभावित होते है और जनता को इसका खामियाजा उठाना पड़ता है, ऐसे में देश की जनता को भी इसके लिए एकजुट होने की आवश्यकता है। 

इससे पूर्व पॉलिसी रुट के संस्थापक संदीप चौरसिया ने विषय स्थापना एवं अतिथि का स्वागत किया। संचालन प्रताप बहादुर सिंह एवं धन्यवाद ज्ञापन विद्यासागर ने दिया। तकनीकी सहयोग सिद्धार्थ उपाध्याय एवं सुमित ने किया।

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