} .post h1, .post-title, .post-title a { color: #CC0000 !important; } .post h2 { color: #222222 !important; border-left: 4px solid #CC0000 !important; padding-left: 8px !important; } .post h3, .post h4 { color: #222222 !important; } }

ब्रेकिंग न्यूज

ब्रेकिंग न्यूज़
🔴 मध्य प्रदेश के देवास में खातेगांव थाना प्रभारी दिलीप पुरी को शराब से भरे ट्रक ने कुचला, मौत । 🔴 सेंट मैरीज़ कांवेंट स्कूल कैंटोनमेंट में क्लास 6 से 8 तक के लिए स्कूल के कपाट खुले, तेंदुआ अब भी पकड़ से बाहर। 🔴 भारतीय वायुसेना के 29 वें चीफ बने आशुतोष दिक्षित, पदभार संभाला।। 🔴 नीता अंबानी ने किया 'नीता मुकेश अंबानी अनंत आश्रय' का भूमिपूजन, 5,000 से अधिक जरूरतमंदों को मिलेगा अपना घर। 🔴 कल 3 नवंबर को वाराणसी में होगा सपा प्रमुख व पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव का आगमन। 🔴 वाराणसी के मौसम में बदलाव, सुबह सुबह दिखी ठंड के साथ कोहरे की चादर। दिलचस्प खबरों के आप हमारे साथ बनें रहें dil india live news portal

मंगलवार, 9 नवंबर 2021

नागनथैया लीला देख भक्त हुए आत्मविभोर

भगवान श्री कृष्ण ने कालिया नाग का किया मानर्मदन




वाराणसी 09 नवंबर (dil india live)। तुलसीघाट पर सोमवार को शाम के 4 बजते ही भगवान श्री कृष्ण  जब अपने सखाओं संग कंदुक खेलना शुरू किया तो वातावरण कृष्ण की भक्ति में गोते लगाने लगा।लीला प्रसंग के अनुसार यमुना  में गई गेंद को निकालने के लिए कृष्ण कदंब की डाल पर चढ़कर नदी में कूद गए और कुछ क्षण में ही कालिया नाग के फन पर सवार होकर बाहर आये,लोगों को दर्शन दिए तो वहां उमड़ा जनसैलाब कृष्ण की इस लीला को देख आत्मविभोर हो गया। इस दौरान हर -हर महादेव की गूंज, डमरू की गड़गड़ाहट आरती और भजन से पूरा वातावरण गूंज उठा। तुलसीघाट पर सैकड़ों साल पुरानी नागनथैया लीला कल फिर जीवंत हो उठी। कोरोना काल में इस लक्खा मेले के सकुशल आयोजन ने काशी की धार्मिक परम्परा के निर्वहन की एक मिशाल पेश की।3 बजते ही लीला स्थल पर लोगों के आने का क्रम शुरू हुआ महज एक घँटे में अस्सी,तुलसीघाट, रीवा घाट पर भीड़ से भर गयी। नाव,बजड़े पर सवार होकर लोग लीला देखने पहुँचे।संकट मोचन मंदिर के महंत प्रो विशम्भर नाथ  मिश्र और विजय नाथ मिश्रा ने भगवान श्री कृष्ण को माला पहनाया एवं परम्परागत रूप से बजड़े पर सवार महाराज काशी नरेश के प्रतिनिधि अनंत नारायण सिंह ने भी कान्हा को माला पहनाया। मेले सुरक्षा के लिए पुलिस, पीएसी और गंगा में एनडीआरएफ और जल पुलिस के जवान तैनात किए गए थे।3 बजे से ही लीला स्थल की ओर जाने वाले सभी मार्गो पर वाहनों का आवागमन प्रतिबंधित कर दिया गया था।




कोई टिप्पणी नहीं: