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बुधवार, 10 नवंबर 2021

बुनकर सरदार की जिम्मेदारी कांटों भरा ताज

सरैया के नये सरदार-महतो की हुई दस्तारबंदी



वाराणसी 10 नवंबर (dil india live)। मोहल्ला सरैया नाजिरपुरा में नये सरदार और महतो की दस्तार बंदी की रस्म बुधवार को अदा की गई। बुनकर बिरादराना तंजीम बाईसी के सरदार गुलाम मोहम्मद उर्फ़ दरोगा ने नए सरदार बने रमजान अली को और महतो बने हाजी जलालुद्दीन उर्फ़ लालू की दस्तारबंदी की  इस मौके पर तक़रीर ईदगाह पुरानापुल के इमाम मौलाना शकील अहमद ने तक़रीर में कहा की इस्लाम में सदियो से सरदार और महतो की रवायत रही है और इस्लाम को मानने वाले अपने सरदार के द्वारा किये गए फैसलो को मानते भी है। हम सब को चाहिए की नेक राह पर चले पांचो वक्त के नमाज़ के पाबंद बने और आपस में भाईचारगी और मोहब्बत पैदा करे। इस मौके पर दोनों सरदार, महतो के सर पर पगड़ी बांध कर बुनकर बिरादराना तंजीम बाईसी के सरदार गुलाम मोहम्मद ने कहा की सरदार और महतो की जिम्मेदारी एक काटो भरा ताज है जिसे निभाने के लिए पूरी तरह से नेक और साफ दिल से फैसले करना होता है। इसमें न कोई अपना है न कोई पराया। सबओ एक सामान मान कर इंसाफ करना है। ताकि किसी के साथ ना इंसाफी न हो हम सब नए सरदार महतो को मुबारक बाद देते हैं। 

इस मौके पर अफरोज अंसारी, पार्षद हाजी ओकास अंसारी, पार्षद गुलशन अली, पार्षद बेलाल अंसारी,हाजी यासीन माइको, हाजी रहीम, हाजी बाबू महतो, याहिया सरदार, गुलाबी चाचा आदि लोग मौजूद थे।