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रविवार, 30 नवंबर 2025

VKM Varanasi Main काशी तमिल संगम का समृद्ध सांस्कृतिक आयोजन

भरतनाट्यम नृत्य की मोहक प्रस्तुति से हुआ आगाज़



dil india live (Varanasi). वसन्त कन्या महाविद्यालय, कमच्छा में काशी तमिल संगमम् 25 (4.0) संस्करण के अन्तर्गत छात्र सलाहकार और अनुशासन समिति द्वारा काशी और तमिल संस्कृति की विविधता और एकता को समर्पित एक भव्य प्रमोशनल सांस्कृतिक कार्यक्रम का सफलतापूर्वक आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य विभिन्न संस्कृतियों के संगम को प्रदर्शित करते हुए युवाओं में सांस्कृतिक सहिष्णुता और सामंजस्य की भावना को प्रोत्साहित करना था।  अध्यात्म और संस्कृति की नगरी कशी में तमिल कला, ज्ञान और परम्पराओं  को जोड़ने के उपक्रम रूप में यह संगम निरन्तर समाज में नवीन भावनाओं का संचार कर रहा है।

कार्यक्रम की शुरुआत मंगलात्मक भरतनाट्यम नृत्य की मोहक  प्रस्तुति से हुई। इसके बाद छात्राओं को सम्बोधित करते हुए प्राचार्या प्रो.रचना श्रीवास्तव ने कहा कि ऐसे आयोजन हमारे संस्थान के लिए गर्व के विषय हैं, जो देश की युवा पीढ़ी को अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जोड़ते हैं और उनमें सौहार्द की भावना विकसित करते हैं। महाविद्यालय की प्रबन्धक उमा भट्टाचार्य ने अपने आशीर्वचन में इस आयोजन के महत्व को रेखांकित करते हुए इसे महाविद्यालय की सुदीर्घ शैक्षिक एवं सांस्कृतिक धरोहरों की परम्परा में अद्वितीय कड़ी बताया। इस अवसर पर छात्राओं ने काशी-तमिल सांस्कृतिक परम्पराओं को उजागर करते हुए भव्य नृत्य और गीत प्रस्तुत किए। इन सांस्कृतिक प्रस्तुतियों में काशी की पौराणिक और ऐतिहासिक विरासत के साथ-साथ तमिल साहित्य, शास्त्रीय नृत्य और लोकगीतों की झलक देखने को मिली। डॉ.श्वेता सिंह एवं डॉ. श्रीप्रिया सिंह के कुशल निर्देशन में छात्राओं ने विभिन्न नृत्य रूप जैसे भरतनाट्यम और कथक, तथा प्रेरणादायक गीतों के माध्यम से भारतीय सांस्कृतिक विविधता के सौन्दर्य को दर्शाया।  आयोजन के माध्यम से छात्राओं ने न केवल कला और संस्कृति का सम्मान किया, बल्कि विभिन्न संस्कृतियों के बीच संवाद और मेलजोल का सन्देश भी दिया। 

आली, जीविका, भारती चट्टोपाध्याय, इप्सिता, दिशा लखानी व यीशु इत्यादि छात्राओं ने अपनी समृद्ध कला प्रस्तुतियों से इस तरह के सांस्कृतिक कार्यक्रमों को निरन्तर जारी रखने की प्रतिबद्धता व्यक्त की ताकि युवाओं में राष्ट्रीय एकता और सांस्कृतिक समन्वय को मजबूती मिले। यह कार्यक्रम काशी तमिल संगम के समृद्ध सांस्कृतिक धरोहर को साझा करने वाली एक यादगार सांस्कृतिक शाम के रूप में संजोया गया। जो विविधता में एकता का सशक्त उदाहरण प्रस्तुत करता है। कार्यक्रम में महाविद्यालय के शिक्षक एवं शिक्षणेत्तर कर्मचारियों सहित लगभग सवा सौ छात्राओं की उपस्थिति रही।


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