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सोमवार, 10 नवंबर 2025

Education: VKM Varanasi में प्राचीन भारतीय इतिहास, संस्कृति और पुरातत्व विभाग की 6 दिवसीय कार्यशाला शुरू

'मानव का उद्भव: मानव, समायोजन तथा तकनीक पर कार्यशाला 





dil india live (Varanasi). 10 नवंबर 2025 को वसंत कन्या महाविद्यालय, कमच्छा, के प्राचीन भारतीय इतिहास संस्कृति और पुरातत्व विभाग तथा क्षेत्रीय पुरातत्व इकाई के संयुक्त तत्वावधान में वसंत कन्या के कमच्छा स्थित परिसर में 6 दिवसीय राष्ट्रीय कार्यशाला का आयोजन किया गया । कार्यशाला का विषय 'मानव का उद्भव: मानव, समायोजन तथा तकनीक था जो वर्तमान कृत्रिम बुद्धिमत्ता के युग में प्रतिभागियों के मन में विशेष जिज्ञासा और रुचि को उत्पन्न करने में सफल रहा। उद्घाटन सत्र में अतिथियों का स्वागत करते हुए प्राचार्या प्रोफेसर रचना श्रीवास्तव ने प्राचीन भारतीय इतिहास विभाग को इस विषय पर कार्यशाला के आयोजन की बधाई दी और कहा कि मानव के विकास की यात्रा को ऐसे विमर्शों से भी जोड़ना आवश्यक होगा जिसमें हम प्रकृति और समाज पर मनुष्य की निर्भरता पर पुनर्विचार करें और धारणीय भविष्य का निर्माण कर सकने में सक्षम हों। संयोजक, प्रख्यात पुराविद प्रोफेसर विदुला जायसवाल ने कार्यशाला के विषय चयन और रूपरेखा को रेखांकित किया और विश्वविद्यालय तथा महाविद्यालयों में मानव के उद्विकास की जानकारी को प्रायोगिक रूप से सिखाने की आवश्यकता पर बल दिया। उद्घाटन सत्र में देश के ख्यात पुराविद और मानव शास्त्री उपस्थित रहे । कोलकाता से प्रोफेसर रंजना रे, इलाहाबाद विश्वविद्यालय से डॉक्टर गार्गी चटर्जी, वसंता कॉलेज राजघाट से डॉक्टर राजीव जायसवाल, क्षेत्रीय पुरातत्व इकाई से डॉ राजीव रंजन आदि प्रमुख थे। प्रथम अकादमिक सत्र में डॉक्टर गार्गी चटर्जी ने प्रस्तर उपकरणों पर विमर्श को केंद्रित किया और विश्वस्तर पर मानव के विकास के प्रारंभिक चरणों को उद्घाटित किया। क्षेत्रीय पुरातत्व अधिकारी डॉ रामनरेश पाल ने अपने शुभकामना संदेश में महाविद्यालय के अकादमिक कार्यों की सराहना करते हुए छात्रों को कार्यशाला में उत्साहपूर्ण भागीदारी के लिए प्रेरित किया। पुरातत्व अधिकारी डॉक्टर सुभाष चंद्र यादव ने भी कार्यशाला की शुभकामनाएं प्रेषित कीं। विश्व धरोहर सप्ताह के अवसर पर आयोजित इस कार्यशाला में क्षेत्रीय पुरातत्व विभाग की ओर से एक चित्र-प्रदर्शनी का भी आयोजन किया गया।





कार्यशाला का संयोजन प्रोफेसर विदुला जायसवाल और डॉक्टर आरती कुमारी ने किया। सहयोग विभाग के एंटीक्विटी क्लब की छात्राओं का रहा। प्रोफेसर सीमा वर्मा के निर्देशन में संगीत गायन विभाग की छात्राओं ने कुलगीत की सुमधुर प्रस्तुति की। इस अवसर पर विभाग के डॉक्टर आरती चौधरी, डॉ रवि कुमार, डॉक्टर आराधना तथा डॉक्टर शशिकेश, डॉक्टर श्वेता, डॉक्टर वर्षा और डॉक्टर दीक्षा आदि उपस्थित रहे। धन्यवाद ज्ञापन डॉक्टर आरती कुमारी ने किया और सूत्रधार डॉक्टर नैरंजना श्रीवास्तव रहीं।


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