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बुधवार, 12 नवंबर 2025

Education: VKM Varanasi में CPR प्रशिक्षण कार्यक्रम

कोविड महामारी के बाद कार्डिक अरेस्ट की घटनाओं में हुई वृद्धि

आपदा प्रबंधन क्लब व छात्र सलाहकार समिति ने किया आयोजन

dil india live (Varanasi). 12 नवम्बर 2025 को वसन्त कन्या महाविद्यालय, कमच्छा में आज आपदा प्रबन्धन क्लब तथा छात्र सलाहकार एवं अनुशासन समिति के संयुक्त तत्वावधान में CPR (कार्डियो पल्मोनरी रिससिटेशन) प्रशिक्षण कार्यक्रम’ का सफल आयोजन किया गया, जिसमें आपातकालीन जीवनरक्षक तकनीक सीपीआर का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया गया। 

कार्यक्रम का शुभारंभ प्रातः 11 बजे महाविद्यालय प्रांगण में हुआ। इस अवसर पर महाविद्यालय की प्राचार्या मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित थीं। प्रशिक्षण सत्र का संचालन प्रसिद्ध चिकित्सा विशेषज्ञ डॉ. शिवशक्ति प्रसाद द्विवेदी, राजकीय चिकित्सा अधिकारी, वाराणसी द्वारा किया गया।  इस अवसर पर प्रशिक्षण के दौरान डॉ. द्विवेदी ने सम्बोधित करते हुए कहा कि कोविड महामारी के बाद कार्डिक अरेस्ट की घटनाओं में बहुत वृद्धि हुई है। 


आधुनिक या गलत जीवनशैली के कारण युवा भी शिकार हो  रहे हैं, किन्तु सीपीआर एक ऐसी जीवन रक्षक तकनीक है जिसका उचित समय पर प्रयोग करके कुछ हद तक जीवन को बचाया जा सकता है। उन्होंने हार्ट अटैक और कार्डिक अरेस्ट के अन्तर को सरलता से बताते हुए सीपीआर देने के परिस्थितियों, स्थान तथा विधियों को सूक्ष्मता से परिचित कराया। डॉ . द्विवेदी ने व्यावहारिक प्रदर्शन द्वारा बताया कि हृदय गति रुक जाने जैसी आपात स्थितियों में समय पर और सही ढंग से सीपीआर तकनीक का प्रयोग किसी व्यक्ति के जीवन को बचाने में महत्वपूर्ण होता है। उन्होंने ने छात्राओं, शिक्षकों एवं कर्मचारियों को सीपीआर की प्रक्रिया के प्रत्येक चरण की जानकारी दी। कैसे हृदयगति और श्वसन रुकने की पहचान की जाए, किस प्रकार छाती पर दबाव दिया जाए, और कृत्रिम श्वसन (mouth-to-mouth respiration) को सही ढंग से किया जाए। उन्होंने प्रतिभागियों को मौके पर अभ्यास करने के लिए प्रोत्साहित किया, जिससे उन्हें व्यावहारिक अनुभव प्राप्त हुआ।

मुख्य अतिथि प्राचार्या रचना श्रीवास्तव ने अपने संबोधन में कहा कि इस प्रकार के प्रशिक्षण कार्यक्रम न केवल जीवनरक्षक तकनीकों के प्रति जागरूकता बढ़ाते हैं, बल्कि आपात परिस्थितियों में आत्मविश्वास से कार्य करने की क्षमता भी विकसित करते हैं। उन्होंने आयोजक समितियों की इस उपयोगी पहल की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे कार्यक्रमों के माध्यम से छात्र-छात्राओं में सामाजिक संवेदनशीलता एवं उत्तरदायित्व की भावना विकसित होती है। महाविद्यालय के शिक्षकगण, शिक्षणेतर कर्मचारी एवं बड़ी संख्या में छात्राओं ने उत्साहपूर्वक प्रतिभाग किया। 

कार्यक्रम के अन्त में आपदा प्रबन्धन क्लब की संयोजिका एवं छात्र सलाहकार डॉ. मंजू कुमारी ने अतिथियों का स्वागत करते हुए कहा कि महाविद्यालय भविष्य में भी आपदा प्रबंधन से संबंधित इस प्रकार के उपयोगी और व्यावहारिक प्रशिक्षण कार्यक्रमों का नियमित रूप से आयोजन करता रहेगा। यह कार्यक्रम न केवल शिक्षार्थियों को आपातकालीन चिकित्सा सहायता की मूल तकनीकों से परिचित कराने में सार्थक रहा, बल्कि मानवीय संवेदना और तत्परता के आदर्श को भी मजबूत करने वाला साबित हुआ।


इनकी रही खास मौजूदगी 

इस अवसर पर महाविद्यालय के शिक्षकों डॉ.शशिकला, डॉ. विजय कुमार, डॉ.शशिकेश कुमार गोण्ड, डॉ.आशीष कुमार सोनकर , डॉ.शुभांगी श्रीवास्तव, डॉ .सरोज उपाध्याय, डॉ.प्रियंका पाठक, डॉ. अनुजा त्रिपाठी, सुधा चौबे तथा शिक्षणेतर कर्मचारियों- डॉ.अन्नपूर्णा, भारती चटोपाध्याय, बृजेश कुमार, ममता गुप्ता सहित लगभग सवा सौ छात्राओं ने सप्रयोग प्रशिक्षण प्राप्त किया। धन्यवाद ज्ञापन डॉ. पूनम वर्मा ने दिया।

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