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(Varanasi)। वीणा पाणी शिक्षा निकेतन इंग्लिश मीडियम स्कूल, भदऊ, राजघाट, वाराणसी में शनिवार को एक दिवसीय विद्यालय स्तरीय विज्ञान एवं रचनात्मकता प्रदर्शनी का आयोजन किया गया। प्रदर्शनी में 100 से अधिक विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और अपनी प्रतिभा, कल्पनाशीलता तथा वैज्ञानिक सोच का शानदार प्रदर्शन किया।
प्रदर्शनी में विद्यार्थियों द्वारा तैयार किए गए ‘मेरे सपनों का भारत’, एयर शो, स्मार्ट सिटी, न्यूक्लियर पावर प्लांट, मानव फेफड़ों की संरचना एवं कार्यप्रणाली, इंडियन आर्मी, AI स्मार्ट मॉडल, ज्वालामुखी मॉडल तथा रंगोली प्रतियोगिता विशेष आकर्षण के केंद्र रहे। विद्यार्थियों ने अपने मॉडल के माध्यम से विज्ञान, तकनीक, ऊर्जा, पर्यावरण, राष्ट्रीय सुरक्षा, कृत्रिम बुद्धिमत्ता और विकसित भारत की परिकल्पना को सरल एवं रोचक तरीके से प्रस्तुत किया।
कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों में वैज्ञानिक दृष्टिकोण, रचनात्मकता, आत्मविश्वास, टीमवर्क और नवाचार की भावना को प्रोत्साहित करना था। प्रदर्शनी में बच्चों ने न केवल अपने मॉडल प्रदर्शित किए, बल्कि उनके काम करने के तरीके और उपयोगिता के बारे में भी विस्तार से जानकारी दी।
इस अवसर पर विद्यालय के मैनेजिंग डायरेक्टर जितेंद्र उपाध्याय एवं प्रधानाचार्या कंचन पांडेय के मार्गदर्शन में कार्यक्रम का आयोजन किया गया। विशेष अतिथि के रूप में शताधिक रक्तदाता राजेश कुमार गुप्ता एवं अधिवक्ता गौतम झा उपस्थित रहे। उन्होंने विद्यार्थियों की प्रतिभा और उनके प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि इस प्रकार की प्रदर्शनियां बच्चों को किताबी ज्ञान के साथ-साथ व्यावहारिक अनुभव प्रदान करती हैं और उनमें नई सोच विकसित करती हैं। कार्यक्रम के आयोजन में वीणा पाणी शिक्षा निकेतन स्कूल के इंटरैक्ट क्लब तथा रोटरी क्लब ब्लड एंड ऑर्गन डोनर्स वाराणसी का सहयोग रहा।
इनका रहा खास योगदान
प्रदर्शनी को सफल बनाने में विद्यालय की शिक्षिकाओं स्नेहा खरवार, कार्तिका यादव, खुशबू यादव, नेहा अग्रहरी, चंदा गुप्ता, खुशबू तिवारी, वीना भारतीय, दया शाह एवं मुस्कान सोनकर का विशेष योगदान एवं सहयोग रहा।
कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों ने सामाजिक जागरूकता का भी सराहनीय संदेश दिया। बच्चों ने वाराणसी के प्रमुख पर्यटन स्थल नमो घाट को गुटखा मुक्त बनाने की अपील की। उन्होंने नागरिकों एवं पर्यटकों से आग्रह किया कि सार्वजनिक स्थलों पर गुटखा और तंबाकू का सेवन न करें तथा नमो घाट सहित शहर के सभी सार्वजनिक स्थानों को स्वच्छ और नशामुक्त बनाए रखने में सहयोग दें।
बच्चों ने संदेश दिया कि काशी की धार्मिक, सांस्कृतिक और पर्यटन संबंधी पहचान को बनाए रखने के लिए स्वच्छता के साथ-साथ स्वस्थ एवं नशामुक्त वातावरण भी आवश्यक है।
कार्यक्रम के अंत में अतिथियों ने विद्यार्थियों की मेहनत, शिक्षकों के मार्गदर्शन और विद्यालय की इस पहल की सराहना की। यह प्रदर्शनी विद्यार्थियों के लिए अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने के साथ-साथ समाज और देश के प्रति अपनी जिम्मेदारी समझने का एक प्रेरणादायक अवसर बनी।






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