} .post h1, .post-title, .post-title a { color: #CC0000 !important; } .post h2 { color: #222222 !important; border-left: 4px solid #CC0000 !important; padding-left: 8px !important; } .post h3, .post h4 { color: #222222 !important; } }

ब्रेकिंग न्यूज

ब्रेकिंग न्यूज़
🔴 मध्य प्रदेश के देवास में खातेगांव थाना प्रभारी दिलीप पुरी को शराब से भरे ट्रक ने कुचला, मौत । 🔴 सेंट मैरीज़ कांवेंट स्कूल कैंटोनमेंट में क्लास 6 से 8 तक के लिए स्कूल के कपाट खुले, तेंदुआ अब भी पकड़ से बाहर। 🔴 भारतीय वायुसेना के 29 वें चीफ बने आशुतोष दिक्षित, पदभार संभाला।। 🔴 नीता अंबानी ने किया 'नीता मुकेश अंबानी अनंत आश्रय' का भूमिपूजन, 5,000 से अधिक जरूरतमंदों को मिलेगा अपना घर। 🔴 कल 3 नवंबर को वाराणसी में होगा सपा प्रमुख व पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव का आगमन। 🔴 वाराणसी के मौसम में बदलाव, सुबह सुबह दिखी ठंड के साथ कोहरे की चादर। दिलचस्प खबरों के आप हमारे साथ बनें रहें dil india live news portal

शुक्रवार, 2 अप्रैल 2021

अटेवा ने 1अप्रैल को काला दिवस के रूप में मनाया

सभी ने पुरानी पेंशन के लिए की आवाज़ बुलंद

वाराणसी(दिल इंडिया लाइव)। अटेवा पेंशन बचाओ मंच उ.प्र.के प्रदेश अध्यक्ष विजय कुमार बंधुजी एंव महामंत्री डा.नीरजपति त्रिपाठी के आह्वान पर उत्तर प्रदेश के समस्त जनपदो के साथ ही जनपद  वाराणसी अटेवा के संयुक्त निर्णय के उपरांत वाराणसी में भी 1 अप्रैल को सभी पदाधिकारी, शिक्षक/कर्मचारी/अधिकारी, विगत वर्षों की भांति अपने- अपने कार्यस्थल पर अपनी बाहों मे काली पट्टी बांध कर विभागीय कार्य करते हुए एन पी एस का विरोध किया एंव सरकार से एन पी एस को तत्काल समाप्त करते हुए लाखों कर्मचारियों के हित मे पुरानी पेंशन बहाली की मांग किया।

      अटेवा के जिला संयोजक विनोद यादव ने कहा





कि नई पेंशन व्यवस्था में 1 अप्रैल 2005 के बाद नियुक्त शिक्षक कर्मचारियों को सेवानिवृत्ति के बाद निश्चित पेंशन की गारंटी नही है। हमारे बुढ़ापे की लाठी भविष्य की सुरक्षा रूपी पेंशन की गारंटी उन कंपनियों पर निर्भर है जो शेयर बाजार में विश्वास करते हुए, देश के शिक्षक कर्मचारियो की मेहनत की कमाई को शेयर बाजार में लगाते है, जिसका हश्न सबके सामने है। शेयर बाजार से आय की कोई  निश्चित गारंटी नही है। 

      ज़िला मंत्री बी एन यादव ने कहा कि  1अप्रैल 2005 के बाद नियुक्त शिक्षक कर्मचारी अपने आर्थिक व सामाजिक सुरक्षा के प्रति बेहद चिंतित है। कर्मचारी के वेतन से काटी गई राशि की जिम्मेदारी सरकार अपने ऊपर नहीं लिया है, नई पेंशन व्यवस्था अगर अच्छी होती तो देश के जनप्रतिनिधि सबसे पहले पुरानी व्यवस्था को छोड़कर नई व्यवस्था अपनाते। आज सरकार एक देश एक विधान की बात कर रही है तो विधायक व सांसद पुरानी व्यवस्था व शिक्षक कर्मचारी को नई पेंशन क्यो दे रही है।पुरानी पेंशन व्यवस्था को हासिल करने के लिए सभी शिक्षक कर्मचारियों को एकजूट होकर सतत प्रयास की जरूरत है।भिक्षा नही अधिकार चाहिए,पुरानी पेंशन बहाल चाहिए।

      आज काला दिवस पर विरोध करने वालों में जिला संयोजक विनोद यादव, जिला मंत्री बी एन यादव, जिला सह संयोजक डॉ एहतेशामूल हक, जिला कोषाध्यक्ष चंद्र प्रकाश गुप्त, ज़िला संगठन मंत्री जफर अंसारी, नगर अध्यक्ष गुलाब चंद कुशवाहा, जिला मीडिया प्रभारी रामचंद्र, अजय यादव, प्रमोद पटेल इत्यादि थे।

कोई टिप्पणी नहीं: