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बुधवार, 21 जनवरी 2026

Indian Postal Department कराएगा 55 वीं यूनिवर्सल पोस्टल यूनियन अंतरराष्ट्रीय पत्र लेखन प्रतियोगिता

यूनिवर्सल पोस्टल यूनियन की पत्र लेखन को बढ़ावा देने को वैश्विक पहल

'डिजिटल दुनिया में मानवीय जुड़ाव' पर स्टूडेंट्स लिखें पत्र, मिलेगा पुरस्कार





dil india live (Ahmadabad). भारतीय डाक विभाग द्वारा पत्र लेखन विधा को प्रोत्साहित करने के लिए प्रति वर्ष 'यूनिवर्सल पोस्टल यूनियन अंतरराष्ट्रीय पत्र लेखन प्रतियोगिता' का आयोजन 9 से 15 साल तक के बच्चों के लिए करता है। इस संबंध में जानकारी देते हुए पोस्टमास्टर जनरल श्री कृष्ण कुमार यादव ने बताया कि भारतीय डाक विभाग स्कूली छात्रों के बीच रचनात्मकता, आलोचनात्मक सोच और पत्र लेखन की कला को बढ़ावा देने के लिए यूनिवर्सल पोस्टल यूनियन (यूपीयू) की एक वार्षिक वैश्विक पहल के तहत किशोरों के लिए 55वीं यूपीयू अंतरराष्ट्रीय पत्र लेखन प्रतियोगिता-2026 का आयोजन कर रहा है। पत्र-लेखन का विषय है: "डिजिटल दुनिया में मानवीय जुड़ाव क्यों मायने रखता है, इस बारे में अपने किसी मित्र को पत्र लिखें।" पत्र हिंदी, अंग्रेजी या संविधान की आठवीं सूची में निर्दिष्ट किसी भी भाषा में 800 शब्दों की सीमा में लिखना होगा।

अन्तिम तिथि 13 मार्च

पोस्टमास्टर जनरल श्री कृष्ण कुमार यादव ने बताया कि प्रतियोगिता हेतु प्रविष्टियां भेजने की अन्तिम तिथि 13 मार्च, 2026 है। इच्छुक विद्यार्थी अपने विद्यालय के माध्यम से (जन्मतिथि सत्यापित करवाते हुए) निर्धारित आवेदन-पत्र (दो प्रतियों में) पासपोर्ट आकार की तीन नवीनतम फोटो साथ लगाकर संबंधित डाक अधीक्षक/प्रवर अधीक्षक को भेज सकते हैं।

प्रिंसिपल स्कूलों में करा सकते हैं प्रतियोगिता 

प्रतियोगिता के लिए आवेदन करने का प्रारूप सम्बन्धित प्रवर अधीक्षक/अधीक्षक कार्यालय से प्राप्त किया जा सकता है, हालांकि सभी मण्डलीय अधीक्षकों को व्यापक प्रचार व विभिन्न स्कूलों को प्रारूप उपलब्ध कराने के निर्देश दिये गये हैं। यदि विभिन्न स्कूलों-कालेजों के प्रधानाचार्य चाहें तो उक्त प्रतियोगिता डाक विभाग से मिलकर अपने स्तर पर भी स्वतंत्र रूप से अपने स्कूलों में करा सकते हैं। डाक विभाग प्रतियोगी प्रविष्टियों को उनसे एकत्र कर संबंधित राज्य के चीफ पोस्टमास्टर जनरल कार्यालय को भेजेगा। 

पोस्टमास्टर जनरल श्री कृष्ण कुमार यादव ने कहा कि पत्र लेखन प्रतियोगिता का मूल्यांकन परिमण्डलीय स्तर पर किया जायेगा तथा श्रेष्ठ तीन पत्र लेखन को राष्ट्रीय स्तर पर सम्मिलित करने हेतु डाक निदेशालय, नई दिल्ली भेजा जायेगा। इसमें राज्य या परिमंडल स्तर पर चयनित शीर्ष तीन प्रतिभागियों को क्रमशः प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय पुरस्कार के रूप में ₹25,000, ₹10,000 एवं ₹5,000 की पुरस्कार राशि प्रमाणपत्र सहित प्रदान की जाएगी। वहीं, राष्ट्रीय स्तर पर प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय पुरस्कार के रूप में ₹50,000, ₹25,000 एवं ₹10,000 की पुरस्कार राशि प्रमाणपत्र सहित प्रदान की जाएगी। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर यूनिवर्सल पोस्टल यूनियन (यूपीयू) द्वारा प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय पुरस्कार के रूप में स्वर्ण, रजत एवं कांस्य पदक, प्रमाणपत्र तथा अन्य आकर्षक पुरस्कार प्रदान किए जाएंगे। इसके अतिरिक्त, स्वर्ण पदक विजेता को यूपीयू मुख्यालय, बर्न (स्विट्ज़रलैंड) की यात्रा का अवसर अथवा यूपीयू द्वारा निर्धारित कोई अन्य विशेष पुरस्कार भी प्रदान किया जायेगा ।

पोस्टमास्टर जनरल श्री कृष्ण कुमार यादव ने बताया कि डिजिटल क्रांति के इस युग में, जहाँ संदेश क्षण भर में एक स्थान से दूसरे स्थान तक पहुँच जाते हैं, वहाँ पत्र लेखन का महत्व आज भी बना हुआ है। पत्र लिखना हमें ठहरकर सोचने और अपने विचारों को संयम एवं संवेदनशीलता के साथ व्यक्त करने का अवसर प्रदान करता है। हाथ से लिखा गया पत्र भावनाओं को संजोकर प्रस्तुत करने की एक सजीव कला है। इसमें केवल शब्द नहीं, बल्कि लेखक की अनुभूतियाँ और संवेदनाएँ भी समाहित होती हैं। यही कारण है कि हस्तलिखित पत्र शब्दों से कहीं अधिक, दिल की सच्ची आवाज़ होता है।

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