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बुधवार, 27 अप्रैल 2022

स्मार्ट क्लास में पढ़ेंगे आंगनबाड़ी के बच्चे

जनपद के 500 आंगनबाड़ी केन्द्रों पर चलेगी स्मार्ट क्लास

  • 302 केन्द्रों पर स्मार्ट क्लास शुरू, बच्चे ले रहे पढ़ाई में रुचि 
  • जनपद के 500 आंगनबाड़ी केन्द्रों पर चलेगी स्मार्ट क्लास3
  • 02 केन्द्रों पर स्मार्ट क्लास शुरू, बच्चे ले रहे पढ़ाई में रुचि  



वाराणसी, 27 अप्रैल (दिल इंडिया लाइव)।प्राइमरी विद्यालयों की तर्ज पर अब आंगनबाड़ी केंद्रों पर भी तीन से छह वर्ष तक के बच्चों को स्मार्ट तरीके से प्री स्कूल शिक्षा प्रदान की जाएगी । इसके लिए जनपद के 500 आंगनबाड़ी केन्द्रों पर स्मार्ट क्लास की स्थापना की जा रही है।  

     जिला कार्यक्रम अधिकारी (डीपीओ) डीके सिंह ने बताया कि नई शिक्षा नीति के तहत बाल विकास सेवा एवं पुष्टाहार विभाग के अंतर्गत संचालित आंगनबाड़ी केंद्रों को प्री प्राइमरी सेंटर के रूप में विकसित करने के लिए शासन की ओर दिशा-निर्देश प्राप्त हुये हैं। इस क्रम में जिलाधिकारी कौशल राज शर्मा के निर्देशन में आंगनबाड़ी केंद्रों का नवीनीकरण शुरू कर दिया गया है। इस योजना के अंतर्गत प्रथम चरण में जनपद के 500 आंगनबाड़ी केंद्रों पर स्मार्ट क्लास की व्यवस्था शुरू की जा रही है। वर्तमान में जनपद के 302 आंगनबाड़ी केंद्रों पर सभी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध करा स्मार्ट क्लास शुरू की जा चुकी हैं। बाकी 198 केंद्रों पर कार्य प्रगति पर है। पहले चरण में जिन केंद्रों पर यह व्यवस्था उपलब्ध कराई गई है उसमें आदर्श ब्लॉक सेवापुरी के 73, आराजीलाइन के 92, हरहुआ के 27, काशी विद्यापीठ के 47, पिंडरा के 22, बड़ागांव के 20, चोलापुर के 13 एवं चिरईगांव के 8 आंगनबाड़ी केंद्र सम्मिलित हैं। 

    डीपीओ ने बताया कि प्रत्येक आंगनबाड़ी केंद्र (स्मार्ट क्लास) पर 102 सेंटीमीटर साइज का एक टेलीविजन और 500 वाट का सोलर सिस्टम उपलब्ध कराए जा रहे हैं। शैक्षिक विषय को रोचक और बोधगम्य बनाने के लिए विकास सहयोगियों के माध्यम से टीचिंग लर्निंग मटेरियल (टीएलएम) तैयार कराया गया है जिसमें कहानियां, भाव-गीत, फिजिकल एक्टिविटी को कार्टून के माध्यम से प्रदर्शित किया जा रहा है। इसके लिए आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को प्रशिक्षण सर्व शिक्षा अभियान के अंतर्गत बेसिक शिक्षा विभाग तथा आईसीडीएस के विकास सहयोगी संस्था वेदांता फाउंडेशन की ओर से दिया गया है। जिलाधिकारी के अथक प्रयास से यह व्यवस्था वेदांता फाउंडेशन द्वारा सीएसआर फंड के अंतर्गत की जा रही है। डीपीओ ने कहा कि स्मार्ट क्लास की स्थापना से आंगनबाड़ी केंद्रों पर बच्चों की संख्या में आशातीत वृद्धि हुई है और बच्चों का ठहराव भी बढ़ा है। वह पूरी रुचि के साथ चार घंटे आंगनबाड़ी केंद्र पर बैठ कर कुछ न कुछ सीखते रहते हैं।

   आदर्श ब्लॉक सेवापुरी के सिरिहरा आंगनबाड़ी केंद्र पर बच्चों को प्री स्कूल शिक्षा देतीं सुपरवाइज़र लालिमा पांडे व आंगनबाड़ी कार्यकर्ता आरती सिंह ने बताया कि टेलीविज़न व अन्य शिक्षा साधनों के जरिये बच्चे जल्दी सीखते हैं। चित्रों और संगीत का बच्चों के दिमाग पर बेहतर प्रभाव पड़ता है। जिससे उन्हें ज्यादा समय तक याद रखने में मदद मिलती है।


प्राइमरी विद्यालयों की तर्ज पर अब आंगनबाड़ी केंद्रों पर भी तीन से छह वर्ष तक के बच्चों को स्मार्ट तरीके से प्री स्कूल शिक्षा प्रदान की जाएगी । इसके लिए जनपद के 500 आंगनबाड़ी केन्द्रों पर स्मार्ट क्लास की स्थापना की जा रही है।  

    जिला कार्यक्रम अधिकारी (डीपीओ) डीके सिंह ने बताया कि नई शिक्षा नीति के तहत बाल विकास सेवा एवं पुष्टाहार विभाग के अंतर्गत संचालित आंगनबाड़ी केंद्रों को प्री प्राइमरी सेंटर के रूप में विकसित करने के लिए शासन की ओर दिशा-निर्देश प्राप्त हुये हैं। इस क्रम में जिलाधिकारी कौशल राज शर्मा के निर्देशन में आंगनबाड़ी केंद्रों का नवीनीकरण शुरू कर दिया गया है। इस योजना के अंतर्गत प्रथम चरण में जनपद के 500 आंगनबाड़ी केंद्रों पर स्मार्ट क्लास की व्यवस्था शुरू की जा रही है। वर्तमान में जनपद के 302 आंगनबाड़ी केंद्रों पर सभी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध करा स्मार्ट क्लास शुरू की जा चुकी हैं। बाकी 198 केंद्रों पर कार्य प्रगति पर है। पहले चरण में जिन केंद्रों पर यह व्यवस्था उपलब्ध कराई गई है उसमें आदर्श ब्लॉक सेवापुरी के 73, आराजीलाइन के 92, हरहुआ के 27, काशी विद्यापीठ के 47, पिंडरा के 22, बड़ागांव के 20, चोलापुर के 13 एवं चिरईगांव के 8 आंगनबाड़ी केंद्र सम्मिलित हैं। 

   डीपीओ ने बताया कि प्रत्येक आंगनबाड़ी केंद्र (स्मार्ट क्लास) पर 102 सेंटीमीटर साइज का एक टेलीविजन और 500 वाट का सोलर सिस्टम उपलब्ध कराए जा रहे हैं। शैक्षिक विषय को रोचक और बोधगम्य बनाने के लिए विकास सहयोगियों के माध्यम से टीचिंग लर्निंग मटेरियल (टीएलएम) तैयार कराया गया है जिसमें कहानियां, भाव-गीत, फिजिकल एक्टिविटी को कार्टून के माध्यम से प्रदर्शित किया जा रहा है। इसके लिए आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को प्रशिक्षण सर्व शिक्षा अभियान के अंतर्गत बेसिक शिक्षा विभाग तथा आईसीडीएस के विकास सहयोगी संस्था वेदांता फाउंडेशन की ओर से दिया गया है। जिलाधिकारी के अथक प्रयास से यह व्यवस्था वेदांता फाउंडेशन द्वारा सीएसआर फंड के अंतर्गत की जा रही है। डीपीओ ने कहा कि स्मार्ट क्लास की स्थापना से आंगनबाड़ी केंद्रों पर बच्चों की संख्या में आशातीत वृद्धि हुई है और बच्चों का ठहराव भी बढ़ा है। वह पूरी रुचि के साथ चार घंटे आंगनबाड़ी केंद्र पर बैठ कर कुछ न कुछ सीखते रहते हैं।

  आदर्श ब्लॉक सेवापुरी के सिरिहरा आंगनबाड़ी केंद्र पर बच्चों को प्री स्कूल शिक्षा देतीं सुपरवाइज़र लालिमा पांडे व आंगनबाड़ी कार्यकर्ता आरती सिंह ने बताया कि टेलीविज़न व अन्य शिक्षा साधनों के जरिये बच्चे जल्दी सीखते हैं। चित्रों और संगीत का बच्चों के दिमाग पर बेहतर प्रभाव पड़ता है। जिससे उन्हें ज्यादा समय तक याद रखने में मदद मिलती है।

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