शुक्रवार, 9 अक्टूबर 2026

Education News DAV PG College Varanasi:New Students के लिए दिशा-निर्देशन कार्यक्रम का हुआ आयोजन

वसुधैव कुटुम्बकम की भावना ही भारतीय संस्कृति का प्राणतत्व- प्रो.हर्ष कुमार


@dil india live 

(Varanasi).डीएवी पीजी कॉलेज के प्राचीन भारतीय इतिहास, संस्कृति एवं पुरातत्व विभाग के अन्तर्गत शुक्रवार को भारतीय संस्कृति के मूल स्वर विषय पर नवप्रवेशी विद्यार्थियों के लिए दिशा-निर्देशन कार्यक्रम का आयोजन किया गया। मुख्य वक्ता इलाहाबाद केन्द्रीय विश्वविद्यालय, प्रयागराज के प्राचीन इतिहास, संस्कृति एवं पुरातत्व विभाग के पूर्व विभागाध्यक्ष प्रो. हर्ष कुमार ने छात्रों को संबोधित करते हुए कहा कि वसुधैव कुटुम्बकम् की भावना भारतीय संस्कृति का मूल प्राणतत्व है। अनेकता में एकता के सिद्धांत पर हमारी भारतीय संस्कृति अक्षुण्ण है। किसी भी समाज की सांस्कृतिक विरासत उसके मूल, परम्पराओं और साझा अनुभवों की परिणति है। भारत की एकता इसकी सांस्कृतिक गहराई में निहित है, जो लगभग 5000 साल से भी अधिक वर्षों में विकसित हुई। 


इस अवसर पर महाविद्यालय के मंत्री/प्रबन्धक अजीत कुमार सिंह यादव ने कहा कि भारतीय संस्कृति में हिन्दू धर्म ने वह आधार प्रदान किया, जिस पर समय के साथ विभिन्न उप संस्कृतियां उभरी और विकसित हुई। अध्यक्षता करते हुए महाविद्यालय के का. प्राचार्य प्रो. मिश्रीलाल ने कहा कि भारतीय संस्कृति का केन्द्र हिन्दू धर्म है, जो सिर्फ एक धर्म नही व्यापक जीवन शैली है। 

विभागाध्यक्ष प्रो. प्रशांत कश्यप ने कहा कि संपूर्ण भारतीय इतिहास में भारत की संस्कृति को विदेशी आक्रांताओं और उपनिवेशवादियों की चुनौतियों का सामना करना पड़ा। विषय स्थापना डॉ. ओम प्रकाश कुमार, संचालन प्रो. सीमा, स्वागत संबोधन एवं अतिथि परिचय डॉ. मनोज सिंह यादव एवं धन्यवाद ज्ञापन डॉ. मनीषा सिंह ने किया। 

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