शुक्रवार, 2 अक्टूबर 2026

Education News Varanasi 01 October 2026:विकसित भारत की संकल्पना एवं वर्तमान सरकार की जनकल्याणकारी नीतियों पर वाद-विवाद प्रतियोगिता का आयोजन

प्रतियोगिता में स्टूडेंट्स ने किया उत्कृष्ट प्रदर्शन, प्रथम सौम्या मिश्रा, द्वितीय शिवम मौर्य तथा जितेंद्र कुमार पटेल को मिला तृतीय पुरस्कार 


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(Varanasi). वाराणसी महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ के चिकित्सा विज्ञान संकाय के योग एवं प्राकृतिक चिकित्सा विभाग तथा परिसर के अन्य विभागों के छात्र-छात्राओं के संयुक्त प्रतिभाग से 1 अक्टूबर 2026 को प्रातः 11:00 बजे महाराजा (डॉ.) विभूति नारायण सिंह परिसर, गंगापुर स्थित विवेकानंद सभागार में “विकसित भारत की संकल्पना एवं वर्तमान सरकार की नीतियाँ एवं जनकल्याणकारी योजनाएँ” विषय पर वाद-विवाद प्रतियोगिता का आयोजन किया गया।

प्रतियोगिता में विद्यार्थियों ने शिक्षा व्यवस्था, आयुष्मान भारत योजना, देशभर में राष्ट्रीय राजमार्गों का विस्तार, आतंकवाद, वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी), रेलवे का आधुनिकीकरण तथा प्रधानमंत्री आवास योजना सहित विभिन्न समसामयिक विषयों पर अपने विचार प्रस्तुत किए। प्रतिभागियों ने विभिन्न योजनाओं एवं नीतियों के सामाजिक, आर्थिक तथा राष्ट्रीय विकास पर पड़ने वाले प्रभावों के संबंध में अपने तर्क प्रस्तुत किए। प्रतियोगिता के माध्यम से विद्यार्थियों को समसामयिक विषयों पर अपने विचार व्यक्त करने तथा तार्किक एवं विश्लेषणात्मक क्षमता विकसित करने का अवसर प्राप्त हुआ।


इस अवसर पर चिकित्सा विज्ञान संकाय के संकायाध्यक्ष प्रो. पीताम्बर दास ने कहा कि वाद-विवाद प्रतियोगिताएँ विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। ऐसे आयोजनों से विद्यार्थियों में तार्किक क्षमता, आत्मविश्वास एवं विचारों को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करने का कौशल विकसित होता है। उन्होंने कहा कि विकसित भारत के निर्माण में युवाओं की सक्रिय भागीदारी आवश्यक है। विद्यार्थियों को देश की नीतियों एवं जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी रखते हुए राष्ट्र के विकास में अपनी सकारात्मक भूमिका निभानी चाहिए।

परिसर प्रभारी डॉ. मनीष सिंह ने कहा कि विकसित भारत की संकल्पना को साकार करने में युवाओं की महत्वपूर्ण भूमिका है। विद्यार्थियों को देश की वर्तमान परिस्थितियों, सरकारी नीतियों एवं जनकल्याणकारी योजनाओं के प्रति जागरूक रहना चाहिए। उन्होंने कहा कि इस प्रकार की वाद-विवाद प्रतियोगिताएँ विद्यार्थियों में तार्किक क्षमता, आत्मविश्वास एवं नेतृत्व कौशल विकसित करने के साथ-साथ उन्हें सामाजिक एवं राष्ट्रीय मुद्दों पर गंभीरता से विचार करने के लिए प्रेरित करती हैं।

इस आयोजन में डॉ. सुनीता, डॉ. सुनील कुमार यादव, डॉ. अविनाश सिंह, डॉ. रमेश मिश्रा, डॉ. लाल पुरुषोत्तम विजय, डॉ. आनन्द यादव, डॉ. बेबी चौरसिया, डॉ. राम प्रकाश सिंह यादव, डॉ. मनोज सोनकर सहित अन्य समस्त शिक्षक एवं कर्मचारीगण ने सक्रिय सहयोग प्रदान किया।

प्रतियोगिता में उत्कृष्ट प्रदर्शन के आधार पर प्रथम स्थान सौम्या मिश्रा (बी.कॉम. तृतीय सेमेस्टर), द्वितीय स्थान शिवम मौर्य (पी.जी. डिप्लोमा इन नेचुरोपैथी एंड योग) तथा तृतीय स्थान जितेंद्र कुमार पटेल (पी.जी. डिप्लोमा इन नेचुरोपैथी एंड योग) ने प्राप्त किया।

इसके अतिरिक्त प्रतियोगिता में स्नेहा सिंह, आशा गुप्ता, खुशी कुमारी, अहमद रज़ा, नमन सोनकर, रागिनी मिश्रा, अमिताभ पटेल एवं शक्ति सिंह सहित अन्य विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक प्रतिभाग किया।

कार्यक्रम में उपस्थित शिक्षकों एवं विद्यार्थियों ने प्रतियोगिता को ज्ञानवर्धक एवं उपयोगी बताया। इस आयोजन ने विद्यार्थियों में समसामयिक विषयों के प्रति जागरूकता बढ़ाने तथा तार्किक चिंतन, अभिव्यक्ति कौशल एवं स्वस्थ संवाद की भावना विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

समन्वयक एवं जनसंपर्क अधिकारी डॉ. सुमित कुमार घोष ने जानकारी देते हुए बताया कि वाद-विवाद प्रतियोगिता का उद्देश्य विद्यार्थियों में विकसित भारत की संकल्पना, वर्तमान सरकार की नीतियों एवं जनकल्याणकारी योजनाओं के प्रति जागरूकता उत्पन्न करना तथा उनमें तार्किक चिंतन एवं अभिव्यक्ति कौशल का विकास करना है। प्रतियोगिता में विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक प्रतिभाग किया और विभिन्न समसामयिक विषयों पर अपने विचार प्रस्तुत किए।

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