बुधवार, 7 अक्टूबर 2026

Varanasi के BLW में सतर्कता जागरूकता अभियान-2026, सार्वजनिक खरीद पर हुआ व्याख्यान

पारदर्शिता, दक्षता, निष्पक्षता संग सार्वजनिक खरीद प्रक्रिया को सुदृढ़ करने पर जोर

  • @dil india live 

F Farouqi/Ajeet Singh Rajput 

वाराणसी। बनारस रेल इंजन कारखाने में सतर्कता जागरूकता अभियान-2026 के अंतर्गत बुधवार (07 अक्टूबर 2026) को प्राविधिक प्रशिक्षण केंद्र स्थित सेमिनार हॉल में ट्रांसफॉर्मिंग पब्लिक प्रोक्योरमेंट इन इंडिया–ट्रांसपेरेंसी एफिशिएंसी एंड इन्क्लूसिवनेस (“Transforming Public Procurement in India–Transparency, Efficiency & Inclusiveness”) विषय पर विशेष व्याख्यान का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में कोंकण रेलवे, नवी मुंबई के भंडार नियंत्रक अरुण मेहता ने अतिथि वक्ता के रूप में अधिकारियों एवं कर्मचारियों को भी सार्वजनिक खरीद प्रक्रिया से जुड़े महत्वपूर्ण एवं व्यावहारिक पहलुओं की जानकारी दी।



कार्यक्रम का शुभारंभ महाप्रबंधक आशुतोष पंत ने बरेका परिवार की ओर से अरुण मेहता का स्वागत करते हुए कहा कि सार्वजनिक खरीद किसी भी बड़े संगठन की कार्यप्रणाली का महत्वपूर्ण हिस्सा है। इसमें पारदर्शिता, गुणवत्ता, निष्पक्षता, दक्षता एवं जवाबदेही सुनिश्चित करना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि अरुण मेहता के लंबे अनुभव एवं व्यावहारिक जानकारी से बरेका के अधिकारियों एवं कर्मचारियों को निश्चित रूप से लाभ मिलेगा। उन्होंने अधिकारियों एवं कर्मचारियों को अनुभवी अधिकारियों से सीखने तथा अपने अनुभवों को नई पीढ़ी के अधिकारियों के साथ साझा करने पर भी जोर दिया। 


सार्वजनिक खरीद के विभिन्न पहलुओं पर चर्चा 

अतिथि वक्ता अरुण मेहता ने दो सत्रों में सार्वजनिक खरीद प्रक्रिया के विभिन्न महत्वपूर्ण पहलुओं पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने खरीद प्रक्रिया में पारदर्शिता, दक्षता, निष्पक्षता एवं समावेशिता सुनिश्चित करने के साथ-साथ सतर्कता के दृष्टिकोण से बरती जाने वाली आवश्यक सावधानियों की जानकारी दी।

उन्होंने क्वॉलिटी एंड कॉस्ट बेस्ड सिलेक्शन (Quality and Cost Based Selection (QCBS) की अवधारणा, इसकी उपयोगिता तथा सार्वजनिक खरीद में गुणवत्ता और लागत के बीच संतुलन स्थापित करने के विभिन्न पहलुओं को उदाहरणों के माध्यम से समझाया। इसके साथ ही  पब्लिक प्रोक्योरमेंट एंड विजिलेंस पर्सपेक्टिव (Public Procurement & Vigilance Perspective) के अंतर्गत खरीद प्रक्रिया में संभावित जोखिमों, सतर्कता संबंधी बिंदुओं तथा निर्णय प्रक्रिया में पारदर्शिता बनाए रखने के उपायों पर चर्चा की।

व्याख्यान के दौरान सार्वजनिक खरीद के चार प्रमुख स्तंभों, प्रासंगिक पैरामीटर तथा विभिन्न केस स्टडी के माध्यम से वास्तविक परिस्थितियों में आने वाली चुनौतियों और उनके समाधान पर भी चर्चा की गई। इससे प्रतिभागियों को नियमों के साथ-साथ सार्वजनिक खरीद प्रक्रिया के व्यावहारिक पक्ष को समझने का अवसर मिला। अरुण मेहता ने अपने संबोधन के दौरान बरेका से जुड़ी अपनी कार्ययात्रा के अनुभव भी साझा किए। उन्होंने बरेका से ही अपनी रेल सेवा की शुरुआत से जुड़े अनुभवों को स्मरण करते हुए कहा कि किसी भी संस्थान में कार्य करते हुए प्राप्त अनुभव केवल व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं होता, बल्कि उसे अगली पीढ़ी के अधिकारियों एवं कर्मचारियों तक पहुंचाना भी महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है। उन्होंने अधिकारियों से आग्रह किया कि वे अपने अनुभवों को कनिष्ठ अधिकारियों के साथ साझा करें तथा नई पीढ़ी को सीखने और बेहतर कार्य करने के अवसर प्रदान करें। उन्होंने कहा कि वरिष्ठ अधिकारियों को नए अधिकारियों को अपना समय एवं अनुभव अवश्य देना चाहिए, जिससे संस्थागत विभागीय ज्ञान और कार्यकुशलता को और मजबूत किया जा सके।

 सत्र में विजिलेंस परिप्रेक्ष्य से सार्वजनिक खरीद पर चर्चा

कार्यक्रम के द्वितीय सत्र में पब्लिक प्रोक्योरमेंट एंड विजिलेंस पर्सपेक्टिव (“Public Procurement & Vigilance Perspective”) विषय पर विशेष चर्चा की गई। इस दौरान सार्वजनिक खरीद प्रक्रिया में सतर्कता के दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण बिंदुओं, निर्णय प्रक्रिया में पारदर्शिता, प्रक्रियात्मक शुचिता तथा विभिन्न स्तरों पर आवश्यक सावधानियों पर विस्तार से जानकारी दी गई।

कार्यक्रम में अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने सार्वजनिक खरीद से संबंधित विभिन्न व्यावहारिक प्रश्न पूछे, जिनका अतिथि वक्ता द्वारा विस्तारपूर्वक उत्तर दिया गया। प्रश्नोत्तर सत्र ने प्रतिभागियों को खरीद प्रक्रिया में आने वाली वास्तविक परिस्थितियों को समझने तथा उनके समाधान के व्यावहारिक तरीकों को जानने का अवसर प्रदान किया। व्याख्यान के उपरांत महाप्रबंधक आशुतोष पंत द्वारा अतिथि वक्ता अरुण मेहता को स्मृति चिह्न भेंट कर सम्मानित किया गया।

इस अवसर पर प्रमुख मुख्य विद्युत इंजीनियर मनीष कुमार, प्रमुख मुख्य यांत्रिक इंजीनियर विवेक शील, प्रमुख मुख्य सामग्री प्रबंधक आलोक अग्रवाल, प्रधान वित्त सलाहकार मुक्तेश मित्तल, प्रमुख मुख्य इंजीनियर राम जन्म, प्रमुख मुख्य कार्मिक अधिकारी लाल जी चौधरी, प्रमुख मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. सुनील कुमार, महानिरीक्षक सह प्रधान मुख्य सुरक्षा आयुक्त देवराज कुमार मौर्य, उप महाप्रबंधक सागर सहित विभिन्न विभागों के विभागाध्यक्ष एवं वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में रेलकर्मियों ने सहभागिता की।

कार्यक्रम के अंत में मुख्य सतर्कता अधिकारी, बरेका अंकुर चंद्रा ने मेहता को काशी का इतिहास एवं अंधेर नगरी पुस्तक भेंट की। तत्पश्चात उन्होंने समापन एवं धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया। कार्यक्रम का सुरुचिपूर्ण संचालन अनूप सिंह वत्स द्वारा किया गया।

कोई टिप्पणी नहीं: