} .post h1, .post-title, .post-title a { color: #CC0000 !important; } .post h2 { color: #222222 !important; border-left: 4px solid #CC0000 !important; padding-left: 8px !important; } .post h3, .post h4 { color: #222222 !important; } }

ब्रेकिंग न्यूज

ब्रेकिंग न्यूज़
🔴 मध्य प्रदेश के देवास में खातेगांव थाना प्रभारी दिलीप पुरी को शराब से भरे ट्रक ने कुचला, मौत । 🔴 सेंट मैरीज़ कांवेंट स्कूल कैंटोनमेंट में क्लास 6 से 8 तक के लिए स्कूल के कपाट खुले, तेंदुआ अब भी पकड़ से बाहर। 🔴 भारतीय वायुसेना के 29 वें चीफ बने आशुतोष दिक्षित, पदभार संभाला।। 🔴 नीता अंबानी ने किया 'नीता मुकेश अंबानी अनंत आश्रय' का भूमिपूजन, 5,000 से अधिक जरूरतमंदों को मिलेगा अपना घर। 🔴 कल 3 नवंबर को वाराणसी में होगा सपा प्रमुख व पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव का आगमन। 🔴 वाराणसी के मौसम में बदलाव, सुबह सुबह दिखी ठंड के साथ कोहरे की चादर। दिलचस्प खबरों के आप हमारे साथ बनें रहें dil india live news portal

रविवार, 2 मार्च 2025

भगवान श्रेयांश नाथ हुए चांदी की नालकी पर सवार

भक्तों ने फूल और भजनों से की प्रभु की आराधना





Varanasi (dil India live). जैन धर्म के 11 वें तीर्थंकर भगवान श्रेयांशनाथ का जन्म जयंती महोत्सव बहुत धूमधाम से सारनाथ स्थित भगवान श्रेयांश नाथ की जन्मस्थली पर मनाया गया। इस अवसर पर जैन समाज द्वारा भगवान श्रेयांश नाथ को चांदी की नालकी पर सवार कर गाजे बाजे के साथ सारनाथ के क्षेत्र में भव्य शोभा यात्रा निकाली गई। शोभा यात्रा में श्री दिगंबर जैन समाज काशी द्वारा अत्यंत प्राचीन सोने चांदी के साजो-सामान से शोभा यात्रा की खूबसूरती को बढ़ाया गया था। जैन समाज द्वारा भगवान की अष्टधातु की प्रतिमा को चांदी की नालकी पर विराजमान कर उपस्थित महिलाएं और पुरुष बड़े ही भक्ति भाव से भजन की प्रस्तुति कर रहे थे। इस अवसर पर प्रस्तुत भजन एक दिन जब मौत की शहजादी आएगी ना सोना काम आएगा, ना चांदी काम आएगी। तुमसे लागी लगन ले लो अपनी शरण, पारस प्यारा। मेटो मेटो जीसंकट हमारा। जग के दुख की तो परवाह नहीं है सर्व सुख की भी चाह नहीं है...।इत्यादि भजन उपस्थित लोगों के मन को मोहित कर ले रहे थे।क्या पुरुष, क्या स्त्री और क्या बच्चे शोभा यात्रा में जैसे सभी मंत्र मुग्ध हो गए थे। शोभा यात्रा में महिलाएं केसरिया साड़ी में तो पुरुष अधिकतर सफेद कुर्ता पैजामा जैसे ड्रेस कोड में थे। शोभा यात्रा में गाजे बजे वाले अपने अपने इंस्ट्रूमेंट्स से जुलुस की शोभा को बढ़ा रहे थे। शोभा यात्रा मंदिर के द्वार से प्रारंभ हो कर सारनाथ में ही परिक्रमा लगाते हुए पुनः मंदिर परिसर में आ कर समाप्त हुई। तत्पश्चात विश्व शांति के लिए भगवान श्रेयांश नाथ की अष्ट धातु की 12 की प्रतिमा और 12 फिट ऊंची विशाल पदमांसन प्रतिमा का 108 स्वर्ण और रजत कलशों से पूजन और पंचांभिषेक किया गया। जुलुस का संचालन समाज के उपाध्यक्ष और संयोजक राकेश जैन द्वारा किया गया। पूरे कार्यक्रम की अध्यक्षता जैन समाज के अध्यक्ष आरसी जैन और डॉ के.के. जैन ने किया। इस अवसर पर प्रधान मंत्री प्रदीप चंद जैन, समाज मंत्री विनोद जैन ने धन्यवाद ज्ञापन दिया। इस अवसर पर संरक्षक दीपक जैन, विनय जैन, संजय जैन, आदिश जैन, विमल जैन, सुधीर कुमार पोद्दार, पवन जैन, दीपक जैन, अजय जैन इत्यादि प्रमुख लोग मौजूद थे।

चार तीर्थंकरों की जन्मस्थली को मिले संरक्षण

श्री दिगंबर जैन समाज काशी के अध्यक्ष आरसी जैन, उपाध्यक्ष राकेश जैन, संजय जैन, प्रधानमंत्री प्रदीप चंद जैन, समाज मंत्री विनोद जैन ने शासन और प्रशासन से  काशी में स्थित जैन धर्म की चार जन्मस्थली का कल्याण करने की मांग की है। इस अवसर पर जैन समाज के उपाध्यक्ष राकेश जैन ने कहा कि जैन धर्म के 24 तीर्थंकरों में से चार तीर्थंकरों का जन्म स्थली काशी है। सरकार काशी विश्वनाथ धाम की तर्ज पर जैन तीर्थंकरों की जन्मस्थली का भी विकास करे। जिससे काशी में धार्मिक तीर्थ यात्री और बढ़ जाएंगे साथ में काशी में आने वाली रेवेन्यू में भी बढ़ोतरी होगी ।

कोई टिप्पणी नहीं: