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मंगलवार, 4 मार्च 2025

अल्लहमदुलिल्लाह, यहां तो अभी से ही सारे नमाज़ी बैठ गये एतेकाफ पर

पूरे महीने का एतेकाफ यहां रख रहे हैं रोजेदार 

Varanasi (dil india live). रमजान की खास इबादतों में शामिल "एतेकाफ" अमूमन रमजान के आखिरी अशरे में रहा जाता है मगर नबी ने कई बार पूरा रमजान यानी 30 दिन एतेकाफ किया था। नबी कि इसी सुन्नतों पर अमल करते हुए दावते इस्लामी इंडिया के मेंबर्स मस्जिद कंकडियाबीर में पूरे रमजान एतेकाफ पर बैठ रहे हैं। इस बार भी दावते इस्लामी इंडिया के मेम्बर्स एतेकाफ पर बैठ गए हैं। पूरी मस्जिद इबादतगुजारो से भरी हुई है। एक साथ इबादत, एक साथ पंचवक्ता नमाज जमात से अदा करना व एक साथ रोज़ा इफ्तार के साथ ही देश दुनिया में अमन और मिल्लत के लिए दुआएं करने का नजारा यहां देखते ही बनता है। दावते इस्लामी इंडिया के डा. साजिद अत्तारी बताते हैं कि हर साल दावते इस्लामी इंडिया के लोग एक साथ पहले रमजान से एतेकाफ पर बैठ जाते हैं और जब ईद का चांद होता है तो एतेकाफ पूरा करके अपने घरों को लौटते हैं।

क्या है एतेकाफ

एतेकाफ सुन्नते कैफाया है। एतेकाफ का लफ्ज़ी मायने, अल्लाह की इबादत में बैठना या खुद को अल्लाह की इबादत के लिए वक्फ कर देना है। 20 रमज़ान से ईद का चांद होने तक मोमिनीन मस्जिद में खुद को अल्लाह के लिए वक्फ कर देते है। इसी इबादत का नाम एतेकाफ है। मगर दावते इस्लामी इंडिया के मेम्बर्स एक रमज़ान से एतेकाफ पर हैं।

एतेकाफ सुन्नते कैफाया

एतेकाफ सुन्नते कैफाया है, यानी मुहल्ले का कोई एक भी बैठ गया तो पूरा मुहल्ला बरी हो गया अगर किसी ने नहीं रखा तो पूरा मुहल्ला गुनाहगार होगा और पूरे मोहल्ले पर अज़ाब नाज़िल होगा। 

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