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मंगलवार, 23 सितंबर 2025

Kolkata main महालय पर साहित्य सम्मेलन में जुटे साहित्य प्रेमी

"प्रौद्योगिकी का प्रभाव साहित्य को क्षति न पहुंचाए"-कवि सुदीप चंद्र हालदार

Kolkata (dil india live). महालय की पवित्र सुबह कोलकाता के हृदयस्थल में एक भव्य साहित्यिक सम्मेलन, कविता पाठ और सम्मान समारोह का आयोजन हुआ। इस आयोजन का सूत्रधार था उभरता हुआ प्रकाशन समूह "ऐक्यतान"। इस अवसर पर कुल 28 पुस्तकों का विमोचन हुआ जिनमें 19 सामूहिक संकलन तथा 9 एकल काव्य संग्रह शामिल था। इस दौरान करीब 200 से अधिक साहित्य प्रेमियों की उपस्थिति ने इस आयोजन को बेहद जीवंत बना दिया। कार्यक्रम में युवा कवि व शोधकर्ता सुदीप चंद्र हालदार को उत्तरीय पहनाकर एवं "शारदीय सम्मान" स्मृति चिह्न प्रदान कर विशेष रूप से सम्मानित किया गया।



कवि सुदीप चंद्र हालदार ने कहा-

 "चारों ओर पर्व का उल्लास है, प्रकृति स्वयं मानो मातृ स्वागत को तत्पर है। ऐसे दिन में एक साहित्यिक संगोष्ठी वास्तव में एक अनुपम संगम है। बांग्ला साहित्य, विश्व साहित्य की एक अमूल्य धरोहर है। इसे आगे ले जाने के लिए युवाओं को और भी गंभीर होना होगा। हमें सजग रहना होगा कि तकनीकी प्रगति साहित्य को नुकसान न पहुंचा पाए।

युवाओं की साहित्य साधना वास्तव में सराहनीय 
 "मुख्य अतिथि प्रोफेसर तबारक अली ने कहा "इस तकनीक-प्रधान युग में युवाओं की साहित्य साधना वास्तव में सराहनीय है।" कवयित्री सुलताना परवीन ने अपने विचार साझा करते हुए कहा "नवीन पीढ़ी की साहित्य के प्रति निष्ठा और प्रेम देख मैं अभिभूत हूं।"


कार्यक्रम के अंतिम चरण में, ऐक्यतान प्रकाशन के प्रमुख संगबाद साहू ने सभी को धन्यवाद ज्ञापित किया और भविष्य में भी साहित्य साधना के पथ पर साथ चलने का आह्वान किया।कार्यक्रम में अन्य विशिष्ट उपस्थितियों में रियाली बोस, नीलिमा मंडल, सौमी सरकार, मौमिता गुड़िया और देबाशीष राय जैसे गणमान्य साहित्यकार उपस्थित थे।

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