} .post h1, .post-title, .post-title a { color: #CC0000 !important; } .post h2 { color: #222222 !important; border-left: 4px solid #CC0000 !important; padding-left: 8px !important; } .post h3, .post h4 { color: #222222 !important; } }

ब्रेकिंग न्यूज

ब्रेकिंग न्यूज़
🔴 मध्य प्रदेश के देवास में खातेगांव थाना प्रभारी दिलीप पुरी को शराब से भरे ट्रक ने कुचला, मौत । 🔴 सेंट मैरीज़ कांवेंट स्कूल कैंटोनमेंट में क्लास 6 से 8 तक के लिए स्कूल के कपाट खुले, तेंदुआ अब भी पकड़ से बाहर। 🔴 भारतीय वायुसेना के 29 वें चीफ बने आशुतोष दिक्षित, पदभार संभाला।। 🔴 नीता अंबानी ने किया 'नीता मुकेश अंबानी अनंत आश्रय' का भूमिपूजन, 5,000 से अधिक जरूरतमंदों को मिलेगा अपना घर। 🔴 कल 3 नवंबर को वाराणसी में होगा सपा प्रमुख व पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव का आगमन। 🔴 वाराणसी के मौसम में बदलाव, सुबह सुबह दिखी ठंड के साथ कोहरे की चादर। दिलचस्प खबरों के आप हमारे साथ बनें रहें dil india live news portal

सोमवार, 8 सितंबर 2025

Medical: स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं को कहें बाय-बाय

ऐसे बढ़ाएं रोग प्रतिरोधक क्षमता, खुद को बीमार होने से बचाएं


Dr Rashmi Singh 

Varanasi (dil India live). वर्तमान समय में लोगों को स्वास्थ्य संबंधी बहुत सारी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। जिसका मुख्य कारण वातावरण में पनप रहे अनगिनत बैक्टीरिया, वायरस व फंगस हैं। जैसे ही हमारी रोग प्रतिरोधक क्षमता में कमी आती है, इनका प्रकोप हमें प्रभावित कर देता है परिणाम स्वरूप सिर दर्द, बदन दर्द, सर्दी, जुकाम, खाँसी, बुखार या वायरल फीवर आदि समस्याओं से हमें जूझना पड़ता है। अगर इन्हें तुरन्त नहीं रोका गया तो आगे बहुत सी जटिल स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं पनपने का खतरा मंडराता रहता है। 

इस मौसम में हरे साग भी हैं खतरनाक

बीमारियों से बचने के लिये रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने की आम इंसान को अत्यन्त आवश्यकता होती है। ऐसे में लोग बाग का प्रयोग करने लगते हैं जबकि हरे साग के प्रयोग से बचना चाहिये, क्योंकि कीटों के अंडे पत्ते के पीछे की तरफ छुपे रह सकते है, साथ ही इन साग को कीटों से बचाने के लिये अत्यधिक मात्रा में कीट नाशक का प्रयोग होता है जो कि स्वास्थ्य के लिये बहुत ही हानिकारक होता है। 

प्रतिदिन कुछ न कुछ कसरत, व्यायाम, जुंबा अवश्य करें क्योंकि कसरत से शरीर की आक्सीजन धारण क्षमता बढ़ती है, हड्डियाँ मजबूत रहती है व स्वास्थ्य संबंधी बहुत से लाभ होते है। 15 मिनट का प्राणायाम - 15 से 20 मिनट योग व स्ट्रेचिंग तथा शारिरिक क्षमता अनुमति 15-25 मिनट टहलना पर्याप्त होता है। इस प्रकार से थोड़ी सी सावधनी से हम इस मौसम में अपनी स्वास्थ्य रक्षा कर सकते है।

विटामिन सी युक्त फल-सब्जियों का करें सेवन

इस मौसम में विटामिन सी युक्त फल एवं सब्जियों जैसे नीबू मौसम्मी, कुंदरू, शिमला मिर्च, ऑवले से बने पदार्थ अत्यन्त लाभकारी होते है। विटामिन सी के साथ-साथ ये फाइबर, अन्य विटामिन एवं खनिज लवण व एन्टी आक्सीडेन्ट के सघन स्रोत होते है जो विभिन्न बिमारियों से हमारी रक्षा करते हैं। इस मौसम में गैस, अपच, कब्ज आदि सामान्य रूप से पाये जाते है। इसलिए ये ध्यान रखना अत्यन्त आवश्यक है कि भोजन हल्के, ताजा व सुपाच्य होना चाहिए। दालों में चना उड़द, अरहर की जगह अगर मूंग दाल, मसूर दाल का प्रयोग हो तो ज्यादा अच्छा है। इस मौसम में पानी के प्रयोग में अत्यन्त सावधनी रखना चाहिये, क्यों कि जल जनित रोग जैसे टायफायड आदि के जीवाणु वातावरण में सक्रिय रहते है। संभव हो तो जल को उबाल कर प्रयोग किया जाये। घर के आसपास सफाई रखना जरूरी है। ध्यान रहे घर के आस पास पानी न जमा हो। क्योंकि यही समय है जब डेगू, मलेरिया आदि के मच्छर तेजी से पनप रहे होते है।


प्रतिदिन कुछ न कुछ कसरत, व्यायाम, जुंबा अवश्य करें क्योंकि कसरत से शरीर की आक्सीजन धारण क्षमता बढ़ती है, हड्डियाँ मजबूत रहती है व स्वास्थ्य संबंधी बहुत से लाभ होते है। 15 मिनट का प्राणायाम - 15 से 20 मिनट योग व स्ट्रेचिंग तथा शारिरिक क्षमता अनुमति 15-25 मिनट टहलना पर्याप्त होता है। इस प्रकार से थोड़ी सी सावधनी से हम इस मौसम में अपनी स्वास्थ्य रक्षा कर सकते है।

(लेखक, आचार्य नरेंद्र देव कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय अयोध्या में विषय विशेषज्ञ हैं)

कोई टिप्पणी नहीं: