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मंगलवार, 23 सितंबर 2025

UP: Varanasi Main All India Mushayra व Kavi sammelan सम्पन्न

मुशायरे में विभिन्न हस्तियों का हुआ सम्मान

Varanasi (dil india live)। सदियों से शहर बनारस साझा संस्कृति व गंगा जमुनी तहज़ीब, ज्ञान, साहित्य और संस्कृति का केंद्र रहा है, कबीर और नज़ीर की उसी पावन धरती पर कवियों और शायरों ने अपने अंदाज में जब एकता और अखंडता को मजबूत करते अशरार पेश किए तो मौजूद कद्रदान वाह वाह कर उठें। मौका था साहित्यिक संध्या गुलिस्तां स्कूल, क़ाज़ी सादुल्लाह पुरा, चौका घाट, वाराणसी में टीम कविता वाला के तत्वावधान में आयोजित ऑल इंडिया मुशायरा व कवि सम्मेलन का। 


इस गरिमामयी आयोजन की अध्यक्षता मुस्लिम इंटर कॉलेज के पूर्व प्रधानाचार्य भाषा विशेषज्ञ और उस्ताद शायर आबिद हाशमी ने की। वहीं मुख्य अतिथि बुनकर बिरादराना तंज़ीम बाइससी के अध्यक्ष सरदार मोईनुद्दीन अंसारी थे।

इस दौरान वाराणसी की उन विशिष्ट हस्तियों को साहित्य सम्मान से अलंकृत किया गया, जिन्होंने शैक्षिक, सामाजिक, साहित्यिक और सांस्कृतिक क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान दिया है। इनमें डॉ. अकबर, हाजी इश्तियाक़, अब्दुल्ला बिन ग़फ़्फ़ार, असलम ख़लीफ़ा, डॉ. अज़हर सईद, आक़िब एडवोकेट, डॉ. एहतेशामूल हक और शमीम रियाज़ के नाम प्रमुख हैं।

 इस दौरान मुशायरे के रुहे रवां और विख्यात शायर दानिश इक़बाल ने अपने उद्गार व्यक्त करते हुए कहा "आज का यह दौर बेहद चुनौतीपूर्ण है, जब समय की कमी और सांप्रदायिक तत्व हमारी गंगा-जमुनी तहज़ीब और राष्ट्रीय एकता को चुनौती दे रहे हैं,ऐसे माहौल में टीम कविता वाला ने यह संकल्प लिया है कि जहाँ-जहाँ नफ़रत के बीज बोए जाएँगे, वहाँ-वहाँ हम मोहब्बत और भाईचारे के गुलाब खिलाएँगे। आज का यह मुशायरा और कवि सम्मेलन उन्हीं नफ़रती ताक़तों के खिलाफ एक साहित्यिक जवाब है। भविष्य में हमारी टीम बनारस और उसके आसपास के क्षेत्रों में भी इस तरह के आयोजनों को निरंतर करती रहेगी।"


इस सफल और ऐतिहासिक मुशायरे में देश भर से पधारे कवियों और शायरों ने अपनी रचनाएँ प्रस्तुत कीं और श्रोताओं से भरपूर सराहना प्राप्त की। श्रोताओं का उत्साह और उनकी साहित्यिक रुचि इस बात का प्रमाण था कि बनारस की मिट्टी आज भी तहज़ीब, संस्कृति और कला की सच्ची संरक्षक है।

कार्यक्रम के अंत में यह प्रार्थना की गई कि इस तरह की साहित्यिक परंपराएँ निरंतर जारी रहें और ज्ञान व साहित्य का उजाला पूरे देश को आलोकित करता रहे। 

इस मुशायरा और कवि सम्मेलन में जिन शायरों और कवियों ने अपने कलाम पेश किये उन के नाम मुख्य रूप से आबिद हाशमी सलेमपुरी, सुहेल उस्मानी, डॉक्टर शाद मशरकी, जम जम रामनगरी, डॉ प्रशांत सिंह, रौशन अहमद रौशन, अनिल प्रवक्ता, रोहित पांडे, शारिक़ फूलपूरी, डॉ सुरेश कुमार अकेला, मोहम्मद आमिर इत्यादि हैं। दरअसल आयोजन का मुख्य उद्देश्य समाज में शैक्षिक जागरूकता और साहित्यिक चेतना को प्रोत्साहित करना था। जिसमें आयोजन काफी हद तक कामयाब होता दिखा।




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