महादेव स्पोर्टिंग क्लब ने "पर्यावरण संरक्षण" का दिया सकारात्मक संदेश
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F. Farouqi (Varanasi). वाराणसी में नवरात्रि के आठवें दिन महाअष्टमी पर मंडुवाडीह, ककरमत्ता, नेवादा, केदार नगर और सुंदरपुर समेत जिलेभर में मां दुर्गा के पूजा पंडालों में श्रद्धालुओं की जबरदस्त भीड़ देखने को मिली। सुबह से ही माता रानी के दर्शन-पूजन के लिए भक्तों का तांता लगा रहा। पूरा क्षेत्र भक्तिमय वातावरण से सराबोर नजर आया। पूजा पंडालों में मां दुर्गा के जयकारों से वातावरण गूंज उठा। श्रद्धालुओं ने विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर परिवार की सुख-समृद्धि, शांति और खुशहाली की कामना की।
वहीं, ककरमत्ता स्थित महादेव स्पोर्टिंग क्लब के दुर्गा पूजा पंडाल में धार्मिक आयोजन के साथ-साथ सामाजिक एवं पर्यावरण संरक्षण से जुड़ा महत्वपूर्ण संदेश भी दिया गया। क्लब की ओर से पर्यावरण संरक्षण और विलुप्त होती जा रही गौरैया पक्षी की घटती संख्या के प्रति लोगों का ध्यान आकर्षित किया गया। इस दौरान बताया गया कि आज के समय में पर्यावरण संतुलन बनाए रखना बेहद जरूरी है। पेड़-पौधों की कमी, बढ़ते प्रदूषण और पक्षियों के अनुकूल वातावरण के अभाव के कारण गौरैया जैसी छोटी और प्यारी चिड़िया की संख्या में कमी देखने को मिल रही है।
क्लब की ओर से लोगों से अपील की गई कि वे अपने घरों की छतों, बालकनियों और आंगन में पक्षियों के लिए दाना-पानी की व्यवस्था करें। साथ ही अधिक से अधिक पौधे लगाकर उनकी देखभाल करें, ताकि पक्षियों को सुरक्षित आश्रय और अनुकूल वातावरण मिल सके। धार्मिक आयोजनों के माध्यम से सामाजिक जागरूकता फैलाने की यह पहल लोगों को प्रकृति और जीव-जंतुओं के प्रति अपनी जिम्मेदारी समझने का संदेश देती है।
महादेव स्पोर्टिंग क्लब के अध्यक्ष नवनीत उर्फ अतुल पांडेय ने जानकारी देते हुए बताया कि नवरात्रि के पावन अवसर पर कल विशाल भंडारे एवं प्रसाद वितरण का आयोजन किया जाएगा। उन्होंने श्रद्धालुओं से अधिक से अधिक संख्या में पहुंचकर मां दुर्गा का आशीर्वाद प्राप्त करने तथा भंडारे का प्रसाद ग्रहण करने की अपील की।
उन्होंने कहा कि मां दुर्गा की आराधना हमें समाज में सेवा, सहयोग और सद्भाव की भावना को मजबूत करने की प्रेरणा देती है। इसी भावना के साथ धार्मिक आयोजन के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर भी लोगों को जागरूक करने का प्रयास किया जा रहा है।
नवरात्रि के इस पावन पर्व पर एक ओर जहां पूजा पंडालों में भक्ति और आस्था का संगम देखने को मिल रहा है, वहीं दूसरी ओर सामाजिक सरोकारों से जुड़ी पहल लोगों को प्रकृति संरक्षण और सामाजिक जिम्मेदारी का संदेश दे रही है।






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