} .post h1, .post-title, .post-title a { color: #CC0000 !important; } .post h2 { color: #222222 !important; border-left: 4px solid #CC0000 !important; padding-left: 8px !important; } .post h3, .post h4 { color: #222222 !important; } }

ब्रेकिंग न्यूज

ब्रेकिंग न्यूज़
🔴 मध्य प्रदेश के देवास में खातेगांव थाना प्रभारी दिलीप पुरी को शराब से भरे ट्रक ने कुचला, मौत । 🔴 सेंट मैरीज़ कांवेंट स्कूल कैंटोनमेंट में क्लास 6 से 8 तक के लिए स्कूल के कपाट खुले, तेंदुआ अब भी पकड़ से बाहर। 🔴 भारतीय वायुसेना के 29 वें चीफ बने आशुतोष दिक्षित, पदभार संभाला।। 🔴 नीता अंबानी ने किया 'नीता मुकेश अंबानी अनंत आश्रय' का भूमिपूजन, 5,000 से अधिक जरूरतमंदों को मिलेगा अपना घर। 🔴 कल 3 नवंबर को वाराणसी में होगा सपा प्रमुख व पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव का आगमन। 🔴 वाराणसी के मौसम में बदलाव, सुबह सुबह दिखी ठंड के साथ कोहरे की चादर। दिलचस्प खबरों के आप हमारे साथ बनें रहें dil india live news portal

गुरुवार, 24 जुलाई 2025

UP K Barabanki Main Haji waris Ali Shah के उर्स में गूंजा सूफियाना कलाम

फिज़ा में शहद सी मिठास घोल रहे सुफियाना कलाम

उर्स के दूसरे रोज़ उमड़ा अकीदतमंदों का हुजूम

 

  • Mohd Rizwan 

Barabanki (dil India live). बाराबंकी में सूफी संत हज़रत वारिस अली शाह (रहमतुल्लाह अलैह) की दरगाह पर आयोजित तीन दिवसीय सालाना उर्स जिसे देवा मेला भी कहा जाता है यूं तो बुधवार से ही प्रारंभ हो गया था। इस उर्स में सूफी संत हजरत सैयद हाजी वारिस अली शाह रहमतुल्लाह के हजारों मुरीद और जायरीन हाजिरी लगाने उमड़े।


उर्स के दूसरे रोज सूफी संत हाजी सैय्यद वारिस अली शाह की दरगाह पर दूर दराज से जायरीन ने पहुंच कर मन्नतें व मुरादें मांगीं। तीन दिन के सालाना उर्स में सबसे पहला कार्तिक उर्स है। जो देवा मेले के रूप में देश-विदेश में प्रख्यात है। यह उर्स स्वयं हाजी वारिस अली शाह रहमतुल्लाह अलैह ने अपने वालिद सैयद कुर्बान अली शाह की याद में शुरू किया था। इसके बाद सफर का उर्स होता है। यह उर्स सूफी संत हाजी वारिस अली की याद में आयोजित होता है। चार दिवसीय इस उर्स में भी देश-विदेश के काफी जायरीन सूफी संत की दरगाह पर अपनी हाजिरी लगाते हैं। इसमें इस्लामी माह की पहली सफर को हाजी वारिस अली शाह का कुलशरीफ होगा। इसके बाद आयोजित होने वाला चैत्र उर्स मूलत: बाबा के एहरामपोश फुकरा द्वारा आयोजित किया जाता है।


इस उर्स में देश-विदेश में फैले बाबा के एहरामपोश मुरीद अपने पीर को अकीदत पेश करने आते हैं। देश भर में फैले बाबा के मुरीद वारसी संस्कृति के इस मरकज पर मौजूद रहकर अपने पीर को खिराजे अकीदत पेश करते हैं। सफर उर्स इस बार 23 जुलाई एवं इस्लामी तिथि 27 मुहर्रम से प्रारंभ होकर एक सफर की तिथि अंग्रेजी तारीख 26 जुलाई तक चलेगा। समाचार लिखे जाने तक हज़रत का उर्स जारी था। आपकी दरगाह पर गूंज रहा सुफियाना कलाम फिजा में शहद सी मिठास घोल रहे थे।

कोई टिप्पणी नहीं: