हज़रत शेख अब्दुल कादिर जिलानी के जिक्र में जुटेंगे अकीदतमंद
🌙 ईद-ए-गौसिया स्पेशल 🌙
ग्यारहवीं शरीफ पर बड़े पीर साहब की होगी घरों में फातेहा
देश-दुनिया में गौस पाक का होगा जिक्र
वाराणसी। हज़रत गौसे आज़म शेख अब्दुल कादिर जीलानी अलैहिर्रहमां (बड़े पीर साहब) का उर्स-ए-पाक ‘ग्यारहवीं शरीफ’ का जश्न गुरुवार (जुमेरात) को "ईदे गौसिया" के रूप में दुनिया भर में मनाया जाएगा।
📿 कार्यक्रम का विवरण:
हालांकि 23 September 2026 को सूरज डूबते ही उर्स की शुरुआत हो जाएगी। मगरिब की नमाज़ के बाद से ही मदरसों, मस्जिदों व घरों में कुरानख्वानी, फातिहा व महफिल-ए-गौसुलवरा का आयोजन शुरू हो जाएगा। सुबह फज्र की नमाज के बाद कुरानख्वानी, नियाज-फातिहा का जो सिलसिला शुरू होगा वो 24 September 2026 को पूरे दिन ही नहीं बल्कि पूरे महीना चलता रहेगा। इस दौरान जगह-जगह गौसे पाक का लंगर चलेगा।
🕌 वाराणसी में यहां दिखेगा जश्न:
अर्दली बाज़ार, मकबूल आलम रोड, नदेसर, सदर बाजार, अंधरापुल, तेलियाबाग, लल्लापुरा, शिवाला, गौरीगंज, बजरडीहा, मदनपुरा, रेवड़ी तालाब, नयी सड़क, कोयला बाजार, चौहट्टा लाल खां, जलालीपुरा, सरैया, बड़ी बाजार आदि,
✨ वलियों के सरदार गौसे पाक ✨
मस्जिद टकटकपुर के इमामे जुमा मौलाना अज़हरूल कादरी कहते हैं कि अल्लाह के वलियों में सबसे ऊंचा मरतबा हजरत शेख अब्दुल कादिर जिलानी यानी गौस-ए-आज़म का है। हमारे औलिया-ए-किराम व मशायख जिस रास्ते से गुजरे उन रास्तों में तौहीद व सुन्नत-ए-नबी का नूर व खुशबू फैल गई।
हिन्दुस्तान में ईमान व दीन-ए-इस्लाम बादशाहों के जरिए नहीं बल्कि हमारे इन्हीं बुजुर्गों, औलिया व सूफिया के जरिए आया। ऐसे लोग जिनके चेहरों को देखकर और उनसे मुलाकात करके लोग ईमान लाने पर मजबूर हो जाते थे। हमें भी इनकी तालीमात पर मुकम्मल अमल करना चाहिए, जिससे दुनिया व आखिरत की कामयाबी मिलेगी।
"हजरत शेख अब्दुल कादिर जीलानी अलैहिर्रहमां अम्बिया अलैहिस्सलाम के सच्चे जानशीन हैं। इस्लाम व ईमान की रोशनी इन्हीं के जरिए से हम तक पहुंची है।"
आप अपने मुरीदों के लिए फरमाते हैं कि जब तक मेरा एक-एक मुरीद जन्नत में नहीं चला जाएगा तब तक मैं भी जन्नत में नहीं जाऊंगा।
सुब्हान अल्लाह।
- मौलाना अज़हरुल कादरी

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