बीआरसी चिरईगांव में हुई कार्यशाला में दो बैच के 100 शिक्षकों ने प्राप्त किया प्रशिक्षण
(Varanasi).वाराणसी के ब्लॉक संसाधन केंद्र चिरईगांव में निपुण भारत मिशन के अंतर्गत चल रहे एफएलएन एवं एनसीईआरटी आधारित पांच दिवसीय शिक्षक प्रशिक्षण के सातवें चरण का बुधवार को समापन हुआ। दो बैचों में कुल 100 शिक्षकों ने प्रशिक्षण प्राप्त किया।
इस अवसर पर खण्ड शिक्षा अधिकारी प्रीति सिंह ने कहा कि प्राथमिक कक्षाओं में बच्चों की बुनियादी भाषा और गणितीय दक्षता को मजबूत करने के लिए शिक्षकों को एआरपी संदर्भदाताओं के माध्यम से नवीन शिक्षण विधियों की जानकारी दी गई।
प्रशिक्षण के दौरान शिक्षकों को निपुण भारत मिशन के उद्देश्यों, नई पाठ्य-पुस्तकों के उपयोग, बच्चों की सीखने की क्षमता की पहचान, पिछड़ रहे विद्यार्थियों हेतु उपचारात्मक शिक्षण और प्रवाहपूर्ण पठन का अभ्यास कराने के तरीकों के बारे में बताया गया। संदर्भदाताओं ने गतिविधि आधारित शिक्षण अपनाने और प्रत्येक बच्चे की प्रगति पर नजर रखने पर जोर दिया।
शिक्षकों को साप्ताहिक आकलन के माध्यम से बच्चों के शैक्षिक स्तर की समीक्षा और उसके आधार पर शिक्षण योजना तैयार करने की जानकारी दी गई। खेल, पहेलियों और ‘करके सीखने’ पर आधारित गतिविधियों पर विशेष चर्चा हुई। अंतिम दिन शिक्षकों का ऑनलाइन प्रशिक्षणोत्तर परीक्षण भी कराया गया। प्रशिक्षण में एआरपी श्रीनिवास सिंह, संतोष मौर्य, रश्मि त्रिपाठी, रवींद्र यादव, उमेश त्रिपाठी सहित अन्य संदर्भदाताओं ने सहयोग किया।
प्रशिक्षण प्राप्त करने वाले शिक्षक
गोविन्द प्रसाद, अशोक यादव, एहतेशामुल हक, इंदु, आनन्द कुशवाहा, इमरान खान, राजीव दयाल, आनंद पाण्डेय, महेंद्र कुमार, यासमीन बेगम, महबूब आलम, राम आधार, आमरा जमाल, हेमंत मौर्य, हेना कौसर, सुल्तान अहमद, राम आसरे, जया श्रीवास्तव, शशि प्रभा, मुहम्मद महताब आदि शिक्षक शामिल रहे।




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