मंगलवार, 22 सितंबर 2026

Education News VKM Varanasi kamacha September 2026: हिंदी सप्ताहोत्सव-2026 तीसरे दिन अनुराधा बैनर्जी ने की अध्यक्षता

उर्दू शायर "हशम तुराबी" ने हिन्दी भाषा व बनारस की गलियों पर पेश किया कलाम

इमला (हिंदी व संस्कृत) और काव्य लेखन सह काव्य पाठ प्रतियोगिता का हुआ आयोजन

VKM kamacha Varanasi hindi diwas news 21 September 2026

@dil india live 

(Varanasi). वसंत कन्या महाविद्यालय में हिंदी विभाग एवं पुनर्नवा हिन्दी साहित्य परिषद् के संयुक्त तत्वाधान में हिंदी सप्ताहोत्सव के तीसरे दिन इमला (हिंदी व संस्कृत) और काव्य लेखन सह काव्य पाठ प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम प्रो. आशा यादव के निर्देशन में संम्पन्न हुआ। इन प्रतियोगिताओं में महाविद्यालय की प्राचार्या प्रो. रचना श्रीवास्तव ने विद्यार्थियों की उत्कृष्ट सृजनात्मक प्रतिभाओं की प्रसंशा की एवम् उन्हें प्रोत्साहित किया। इमला प्रतियोगिता में निर्णायक मंडल के रूप में  संस्कृत विभाग से डॉ. अंगिरा तिवारी एवं अभिलाषा पटेल उपस्थित रहीं।

          इस प्रतियोगिता में लगभग 50 छात्राओं ने प्रतिभाग लिया। निर्णायक मंडल की सदस्या डॉ अंगिरा तिवारी ने प्रतिभागी की प्रशंसा की साथ ही कार्यक्रम संयोजकों को आभार प्रकट की। निर्णायक मंडल की सदस्या अभिलाषा पटेल ने प्रतिभागियों की इमला प्रतियोगिता में प्रतिभाग करने के लिए प्रशंसा की और कार्यक्रम संयोजकों को इस सुंदर प्रतियोगिता को कराने के लिए आभार प्रकट किया।

 हिंदी भाषा में महारथ की पहली सीढ़ी इमला

  इस कार्यक्रम में हिंदी विभाग से प्रो. आशा यादव ने कहा कि इमला हिंदी भाषा में महारथ प्राप्त करने की पहली सीढ़ी है साथ ही व्याकरण, शब्दभंडार, वाक्य विन्यास का उल्लेख किया। इस प्रतियोगिता के निर्णायकों के द्वारा परिणाम की घोषणा 23 सितंबर को की जाएगी। कार्यक्रम का सफल संचालन अर्पिता पाठक एवं ज्योती चौहान ने किया।

तीसरे दिन के दूसरे सत्र में बहुभाषी काव्यलेखन सह काव्यपाठ प्रतियोगिता का सफल आयोजन हुआ। इस अवसर पर महाविद्यालय के समस्त शिक्षक एवं शिक्षणेत्तर रचनाकारों ने अपनी स्वरचित कविताओं के साथ इस कार्यक्रम में प्रतिभाग किया। इस कार्यक्रम में निर्णायक के रूप में अंग्रेजी विभाग की पूर्व विभागाध्यक्षा डॉ. अनुराधा बनर्जी, उर्दू शायर मोहर्रम अली हशम तुराबी एवं अंग्रेज़ी विभाग की सह आचार्य डॉ सुप्रिया सिंह थीं। काव्यलेखन सह काव्यपाठ प्रतियोगिता में लगभग 50 छात्राओं ने प्रतिभाग किया। इस प्रतियोगिता का परिणाम 23 सितम्बर को घोषित किया जाएगा।




      कार्यक्रम की अध्यक्ष डॉ. अनुराधा बनर्जी ने समस्त हिन्दी विभाग को धन्यवाद अर्पित किया और किसी भी भाषा को सीखने के लिए अपने कानों को प्रखर रखने की बात कही। उन्होनें 'मां की बोली' शीर्षक पर लिखी कविता प्रस्तुत की व 'महाप्रलय के बाद' शीर्षक से लिखी अपनी एक दार्शनिक कविता की भी प्रस्तुति दी। उन्होंने कार्यक्रम के सभी प्रतिभागियों को शुभकामनाएं दीं।

         इस कार्यक्रम के मुख्य अतिथि उर्दू शायर व गज़लकार मुहर्रम अली हशम तुराबी ने हिन्दी भाषा व बनारस की गलियों पर स्वरचित पंक्तियां प्रस्तुत की। कार्यक्रम में महाविद्यालय की प्राचार्या प्रो. रचना श्रीवास्तव ने भी स्वरचित कविता  गुलमोहर की कुछ पंक्तियां पढ़ीं। इस सत्र में हिन्दी विभागाध्यक्षा प्रो. आशा यादव ने भी स्वरचित कविता का पाठ करते हुए कार्यक्रम में उपस्थित सभी लोगों के प्रति आभार प्रकट किया। 

इस अवसर पर प्राचीन भारतीय इतिहास, संस्कृति व पुरातत्व विभाग की विभागाध्यक्षा डॉ. नैरंजना श्रीवास्तव, गृह विज्ञान विभाग से प्रो.अंशु शुक्ला, अंग्रेजी विभाग से डॉ. सुप्रिया सिंह और हिंदी विभाग से प्रो. सपना भूषण, डॉ. आर्यपुत्र दीपक, राजलक्ष्मी जायसवाल ने भी स्वरचित कविताओं की प्रस्तुति दी।

1 टिप्पणी:

Imtiyaz khan ने कहा…

👍🏻👍🏻👍🏻👍🏻