मेरा कचरा, मेरी ज़िम्मेदारी’ से दिया स्वच्छ एवं टिकाऊ भविष्य का संदेश
- कचरा प्रबंधन की शुरुआत कचरा फेंकने के स्थान से नहीं, बल्कि कचरा उत्पन्न होने के क्षण से होती है- एम. अहमद
विशिष्ट वक्ता मुमशाद अहमद, SYOCOM, वाराणसी ने दैनिक जीवन में कचरे को कम करने, सिंगल-यूज़ प्लास्टिक से बचने तथा पर्यावरण-अनुकूल आदतों को अपनाने के व्यावहारिक उपाय साझा किए। उन्होंने 3R—Reduce, Reuse और Recycle की अवधारणा पर विशेष बल देते हुए कहा कि प्रभावी कचरा प्रबंधन की शुरुआत कचरा फेंकने के स्थान से नहीं, बल्कि कचरा उत्पन्न होने के क्षण से होती है।
छात्राओं को जैव-अवक्रमणीय, सूखे, सैनिटरी एवं विशेष देखभाल वाले कचरे के उचित पृथक्करण एवं प्रबंधन की जानकारी दी गई। कार्यक्रम में आयोजित संवादात्मक प्रश्नोत्तर सत्र में छात्राओं ने सक्रिय सहभागिता करते हुए कचरा प्रबंधन से जुड़े विभिन्न प्रश्नों के व्यावहारिक समाधान प्राप्त किए।
कार्यक्रम के अंत में डॉ. शशि प्रभा कश्यप ने अतिथि वक्ता के प्रति आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम में डॉ अंशु शुक्ला , डॉ. आरती कुमारी, शशिकेश कुमार, सिमरन सेठ, दीपक गोंड सहित अन्य शिक्षकगण एवं छात्राओं ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की। कार्यक्रम ने यह संदेश दिया कि स्वच्छ एवं टिकाऊ भविष्य की शुरुआत प्रत्येक व्यक्ति के छोटे, लेकिन जिम्मेदार कदम से होती है।


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